भारत की एक ऐसी फोर्स, जो लड़ती है दुश्मनों से नहीं, आफतों से

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 27 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। भारत की सशस्त्र सेनाएँ सीमाओं की रक्षा के लिये दुश्मनों से लड़ती हैं, वहीं भारत के पास एक ऐसी फोर्स भी है, जो प्राकृतिक आफतों से लड़ती है। इस फोर्स का नाम है नेशनल डिज़ास्टर रेस्क्यू फोर्स (NDRF)।

बाढ़ हो या भूकंप बचाव करती है एनडीआरएफ

एनडीआरएफ भारत की वो फोर्स है, जो बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में फँसे लोगों को बचाने का काम करती है। इस फोर्स ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अपनी काबिलियत के झंडे गाड़े हैं। नेपाल का भूकंप हो या इंडोनेशिया का। इस फोर्स के जाँबाजों ने जाकर मुश्किल में फँसे लोगों को उबारा है और उनके जानमाल की रक्षा की है। अभी आधा भारत बाढ़ की चपेट में है। मुंबई में भारी बारिश के चलते एक पूरी की पूरी ट्रेन बीच मार्ग में फँस गई, जिसमें लगभग 700 लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। तब इसी फोर्स ने आगे बढ़कर इन 700 जानों की हिफाज़त की। मुंबई-कोल्हापुर ट्रेन के सैकड़ों भूखे-प्यासे यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और मदद की अपील की। देखते ही देखते एनडीआरएफ ने स्थल पर पहुँचकर सभी यात्रियों को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इतना ही नहीं, असम और बिहार में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ के जवान लगातार मोर्चे पर डंटे हुए हैं और अपने घरों में फँसे लोगों और उनके मवेशियों को बचाने का काम कर रहे हैं।

2006 में हुआ था एनडीआरएफ का गठन

2001 में गुजरात में आए भूकंप के बाद 2006 में सरकार ने एनडीआरएफ का गठन किया। इसकी एक दर्जन बटालियन हैं, हर बटालियन में 1,150 जवान हैं। हर बटालियन में 45-45 जवानों की 18 विशेषज्ञ टीमें हैं, जो हर प्रकार की आपदाओं से निपटने में सक्षम हैं। इन टीमों के पास इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के 310 प्रकार के अलग-अलग संसाधन हैं। आँकड़ों के मुताबिक स्थापना से लेकर पिछले साल जून तक एनडीआरएफ की टीमों ने 2,095 बचाव अभियान चलाये, जिनमें आपदाओं से घिरे 1,14,492 लोगों की जानें बचाईं।

जागरूकता कार्यक्रम भी चलाती है एनडीआरएफ

राहत और बचाव के कामों में सबसे आगे होने के साथ-साथ आपदा के दौरान क्या करें और क्या न करें ? इसके लिये एनडीआरएफ की ओर से सामूहिक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाये जाते हैं। इससे भी लाखों लोगों को फायदा हुआ है। पिछले साल जून तक के आँकड़ों के अनुसार एनडीआरएफ ने 51,75,537 लोगों को जागरूक करने का काम किया। स्कूल स्तर पर सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 1,524 कार्यक्रम किये, जिनमें 6,44,224 छात्र-छात्राओं को आपदा की स्थिति में बचने के उपाय सिखाये।

विदेशों में भी दिखाया करिश्मा

भारत की इस फोर्स का करिश्मा विदेशियों ने भी देखा है। वर्ष 2011 में जापान में आई सुनामी के समय भारत की एनडीआरएफ की एक टीम ने वहाँ जाकर राहत-बचाव का काम किया था। नेपाल में 2015 में आये भूकंप के दौरान भी एनडीआरएफ की टीम ने वहाँ जाकर राहत-बचाव के कामों में सहयोग दिया था और टीम ने 11 घायल लोगों को मलबे से जीवित बाहर निकाला था। साथ ही 133 लोगों के शव बाहर निकाले थे। इंडोनेशिया में आये भूकंप के दौरान भी भारत ने एनडीआरएफ की टीम को वहाँ भेजकर राहत-बचाव के काम में मदद की थी।

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