जब नारी ने त्यागी ममता, तो कुत्ता बन गया फ़रिश्ता : जानिए कैसे ?

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अहमदाबाद, 5 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारत में नारी को त्याग, ममता और बलिदान की प्रतिमूर्ति माना जाता है। हर इंसान को सबसे अधिक विश्वास अपनी माँ पर ही होता है। हम ये भली-भाँति जानते हैं कि माँ अपनी जान पर खेल कर भी हमारी रक्षा करेगी। हमारे देश में तो यह कहावत भी है, ‘पूत कपूत सुने हैं, पर न माता सुनी कुमाता’ अर्थात् संतान भले ही कुसंगति में पड़ कर कपूत बन जाए, परंतु एक माँ का हृदय कभी भी अपनी संतान से द्वेष नहीं करता। यद्यपि हम जिस घटना से आपको अवगत कराने जा रहे हैं, वह एक तरफ तो भारतीय नारी के लिए बनी मान्यताओं पर चोट करती है, तो दूसरी तरफ एक मूक पशु की समझदारी, वफादारी और मानव न होते हुए भी उसके मानवीय पहलू को उजागर करती है। यह ऐसी घटना है, जिसे जानने के बाद आपके आगे नारी और उसकी ममता ही नहीं, अपितु मानव की मानवता जैसे शब्द भी फीके पड़ जाएँगे।

घटना हरियाणा के कैथल की है, जहाँ गुरुवार तड़के 4 बजे गली के दो कुत्तों ने भौंकना शुरू कर दिया। आम तौर पर कुत्ते, जिन्हें यहाँ हमें शालीन भाषा में श्वान कहना चाहिए, अक्सर रात्रि के दौरान कुछ भी असहज दिखाई देने पर भौंकते हैं। कैथल की इस घटना में भी कुत्तों ने कुछ असाधारण चीज़ देखी और लगे भौंकने। इतना भौंके कि पूरी बस्ती की नींद उड़ गई। लोग घरों से बाहर निकले, तो न केवल कुत्तों के भौंकने की वज़ह पता चली, अपितु वज़ह जान कर लोग आश्चर्य में पड़ गए, क्योंकि कुत्तों के भौंकने के साथ ही एक नवजात शिशु के रोने की आवाज़ भी आ रही थी। लोग जब भाग कर कुत्ते के पास पहुँचे, तो देखा कि एक नवजात बालिका पॉलीथीन में लिपटी कुत्तों के पास पड़ी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन किया और घटना स्थल पर बुलाया। पुलिस ने बच्ची को सिविस अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की जांच के दौरान पुसिल को एक सीसीटीवी की रिकॉडिंग मिली, जिसमें एक महिला को इस नवजात शिशु को पॉलीथीन में भर कर नाले में फेंकते हुए देखा गया, जो बाद में गली में चली गई। यद्यपि इस बात की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है कि महिला का नवजात शिशु से क्या संबंध है ?

न होते श्वान, तो नहीं बचती जान

अब तक की रिकॉर्डिंग तो इस घटना को एक साधारण घटना के रूप में दर्शा रही थी, परंतु सीसीटीवी फुटेज की आगे की रिकॉर्डिंग को देख कर पुलिस और लोग हैरान रह गए। दरअसल जब महिला ने नवजात बच्ची को पॉलिथीन में डाल कर नाले में फेंका, उसी समय दो कुत्ते इस बच्ची नाली से खींच कर बाहर ले आए। इसके बाद और भी कुत्ते इकट्ठा हो गए। ये कुत्ते तब तक भौंकते रहे, जब तक आसपास के मकानों में रहने वाले लोग मौके पर आ नहीं गए। बच्ची को बचाते वक्त कुत्ते के दाँतों से बच्ची घायल भी हो गई, परंतु एक मूक प्राणी के पास आख़िर किसी को बचाने के लिए मुँह से पकड़ने के अतिरिक्त और क्या विकल्प हो सकता था ? उस श्वान के कारण एक नवजात शिशु की जान बच गई। फिलहाल बच्ची पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती है, जहाँ उसकी हालत स्वस्थ बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 317 के तहत केस दर्ज किया है और उसकी तलाश जारी है।

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