अब बदलेगी PM मोदी की ‘ब्यूरोक्रेसी ब्रिगेड’ : केबिनेट की तरह ही होंगे कई महत्वपूर्ण फेरबदल

Written by

अहमदाबाद, 2 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार-2 की नई टीम तो तैयार हो चुकी है, जिसने अपने-अपने मंत्रालयों का कार्यभार सँभालने के साथ ही काम भी शुरू कर दिया है। अब पीएम मोदी अपनी टीम-2 में भी महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहे हैं। यह वो टीम है, जो पीएम मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती है यानी ब्यूरोक्रेसी टीम।

पीएम की ब्यूरोक्रेसी की टीम के कई अधिकारी रिटायर होने वाले हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पीएम मोदी के प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इन दोनों अधिकारियों का कार्यकाल आगे बढ़ाएँगे और उन्हें अपनी टीम के साथ ही रखेंगे, परंतु कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा सहित लगभग 18 से 20 ब्यूरोक्रेट्स इस बार बदल जाएँगे। पीएम मोदी अपना मंत्रिमंडल चुनने के बाद दूसरा सबसे प्रमुख काम ब्यूरोक्रेट्स की टीम तैयार करने का ही करते हैं।

खबरों के अनुसार कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा इसी महीने 15 जून को रिटायर हो रहे हैं। उन्हें इस बार यह पद छोड़ना ही पड़ेगा, क्योंकि वह पहले ही दो बार रिटायरमेंट पर एक्सटेंशन ले चुके हैं। इसी प्रकार Research and Analysis Wing (RAW-रॉ) व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के भी कई महत्वपूर्ण पद खाली हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे, तब के अपने अनुभवों के आधार पर उन्होंने पीएम बनने के बाद ब्यूरोक्रेट्स की एक टीम तैयार की थी, जो सीधी पीएम को रिपोर्ट करती है। इस टीम में से फिलहाल कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा का जाना तय माना जा रहा है। इसलिये इस पद के योग्य उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी गई है। वैसे अभी इस पद के लिये एक सीनियर ब्यूरोक्रेट राजीव गौबा का नाम सबसे आगे चल रहा है।

महत्वपूर्ण है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी पीएम मोदी के काम करने की शैली के बारे में अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को लेकर पीएम मोदी द्वारा उठाए गये कदमों के बारे में कहा था कि पीएम मोदी ने भारत की ब्यूरोक्रेसी को सोते से जगाकर काम पर लगा दिया यानी सक्रिय कर दिया। इसके बाद एक अमेरिकी अखबार ने भी पीएम मोदी के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट में भी पीएम मोदी के ब्यूरोक्रेसी को लेकर किये गये बदलावों के बारे में लिखा गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि मात्र छह महीने के कार्यकाल में पीएम मोदी ने देश की ब्यूरोक्रेसी में जितना बदलाव किया है, उतना भारत की सरकार के 50 सालों के इतिहास में कभी नहीं हुआ।

ब्यूरोक्रेसी की पीएम मोदी की मजबूत टीम को देखने के बाद ब्रिटेन के पीएम डेविड कैमरून और ऑस्ट्रेलिया के पीएम टोनी एबॉट ने भी प्रशंसा की थी और कहा था कि पीएम मोदी के ब्यूरोक्रेसी टीम में बदलाव करने से भारत की ताकत बहुत बढ़ गई है।

ब्यूरोक्रेसी से आने वाले लोग पीएम मोदी की सरकार में कितना महत्व रखते हैं, इसका संदेश खुद पीएम मोदी ने एक ब्यूरोक्रेट को अपनी सरकार में विदेश मंत्री बनाकर दे दिया है। देश के नये विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर पहले विदेश सचिव रह चुके हैं और वह सीधे देश के विदेश मंत्री बन गये हैं। ऐसे में अब पीएम मोदी की नई ब्यूरोक्रेसी टीम का स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares