मिलिए पॉटहोल दादा से, जिन्होंने गड्ढे में गँवाया अपना बेटा, पर दूसरों को बचा रहे हैं इस दर्द से : देखिए VIDEO, आप सलाम करने से नहीं चूकेंगे !

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अहमदाबाद, 1 जुलाई 2019 (YUVAPRESS) । एक तरफ सड़कों के गड्ढे वाहन चालकों के लिये जानलेवा सिद्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा शख्स भी है जिसने इन जानलेवा गड्ढों के विरुद्ध मुहिम छेड़ रखी है । इस शख्स ने ज़िद पकड़ रखी है कि वह किसी गड्ढे को किसी की जान नहीं लेने देगा । सड़कों के गड्ढे भरने के कारण इस शख्स को पॉट होल मैन और पॉटहोल दादा के नाम से पहचाना जाता है ।

व्यक्ति से व्यक्तित्व बन गए

कई साधारण व्यक्तियों ने समाज सेवा का बीड़ा उठाकर असाधारण काम किये हैं । इन्हीं में से एक हैं मुंबई के दादाराव बिल्होरे । दादाराव बिल्होरे एक शख्स से ऐसी शख्सियत बन गये हैं जिन्होंने अपनी क्षमता से कहीं आगे बढ़कर काम किया है और लोगों की जान बचाने का बीड़ा उठाया है । सड़कों पर पड़ने वाले गड्ढे अक्सर वाहन चालकों के लिये खतरनाक सिद्ध होते हैं । इन गड्ढों के कारण दिन प्रति दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, जिनमें लोग घायल होते हैं और कई बार तो गड्ढे जानलेवा सिद्ध होते हैं और दुर्घटनाओं में लोगों की जान चली जाती है । ऐसी ही एक दुर्घटना ने दादाराव के जीवन की दिशा बदल दी ।

गड्ढे के कारण दादाराव ने खोया बेटा

दादाराव बिल्होरे मुंबई में सब्जी बेचने का व्यवसाय करते हैं । उनका होनहार बेटा प्रकाश जो 16 वर्ष का था वह स्कूल से घर लौट रहा था, तब सड़क पर एक गड्ढे के कारण हुई दुर्घटना में प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया । अस्पताल से दादाराव के पास फोन आया और वह अपने इकलौते बेटे के पास पहुँचे, परंतु वह उसे बचा नहीं पाये और इस दुर्घटना में प्रकाश की मृत्यु हो गई । इस घटना ने दादाराव को ऊपर से नीचे तक झकझोर कर रख दिया । इसके बाद भी उन्होंने खबरें पढ़ी, जिनमें गड्ढों के कारण हुई दुर्घटना में किसी महिला ने अपने पति को गँवा दिया तो किसी माँ ने अपनी जान गँवा दी । इन खबरों ने दादाराव को गड्ढों के विरुद्ध असरकारक कदम उठाने के लिये मजबूर कर दिया ।

4 साल में 600 से ज्यादा गड्ढे भर चुके पॉटहोल दादा

शुरुआत में दादाराव ने स्थानीय प्रशासन से गड्ढों की शिकायतें की और सम्बंधित विभाग के अधिकारियों से मिलकर उनसे गड्ढे भरवाने का अनुरोध किया, परंतु उनकी प्रस्तुति का कोई परिणाम नहीं निकला और प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की । स्थिति जस की तस रही और गड्ढों ने दुर्घटनाओं को अंजाम देना जारी रखा, तब दादाराव ने बीड़ा उठाया कि उन्हें यह काम खुद करना पड़ेगा और वह सड़कों के गड्ढे भरने के काम में जुट गये । दादाराव सप्ताह में 5 दिन सब्जी बेचकर अपना गुजारा करते हैं और 2 दिन गड्ढे भरने का काम करते हैं । 2015 से उन्होंने यह काम शुरू किया और 2019 तक 4 साल में वह 600 से भी अधिक गड्ढे भर चुके हैं । वह सड़क पर कोई गड्ढा देखते हैं तो आसपास चल रहे निर्माण कार्य की साइट पर जाकर वहाँ से रेती-सीमेंट-कंक्रीट का माल बोरी में भरकर लाते हैं और गड्ढे को भरते हैं । ताकि किसी को अपने बेटे को या पति को न खोना पड़े । दादाराव बिल्होरे जब गड्ढा भरने के लिये फावड़ा और तसला लेकर निकलते हैं तो लोग उन्हें पॉट होल मैन या पॉट होल दादा कहकर बुलाते हैं । यह पॉट होल मैन ऐसे 600 से अधिक गड्ढों को भर चुके हैं, जो किसी के लिये जानलेवा बन सकते थे । दादाराव बिल्होरे का मानना है कि सड़कों पर छोटा या बड़ा कोई गड्ढा होना ही नहीं चाहिये, जो किसी की मृत्यु या किसी को विकलांग बना सकता हो । इसके लिये प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहना चाहिये कि जैसे ही किसी गड्ढे की सूचना मिले तो उसे प्राथमिकता देकर तुरंत भरने की कार्यवाही करनी चाहिये ताकि वह जानलेवा न बन सके और किसी को अपने प्रियजन को न खोना पड़े ।

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