अहमदाबाद में 142वीं रथयात्रा : PM मोदी, अभिनंदन और TEAM INDIA बने आकर्षण का केन्द्र

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वर्षों बाद ‘निरंतर अमीछाँटणा’ के बीच निकली अहमदाबाद में रथयात्रा

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 4 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। अहमदाबाद में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की 142वीं परंपरागत रथयात्रा निकली। शहर के जमालपुर क्षेत्र में स्थित जगदीश मंदिर ट्रस्ट के नेतृत्व में हर साल रथयात्रा का आयोजन होता है। हर साल की तरह इस साल की रथयात्रा में भी भगवान जगन्नाथ ने बहन सुभद्रा और बड़े बंधु बलभद्र के साथ अपने-अपने रथों में सवार होकर नगरयात्रा की और लाखों की संख्या में जुटे दर्शनार्थियों को दर्शन देकर निहाल किया। नगरयात्रा में भगवान के साथ हाथी, झाँकियों से सजे ट्रक, अंग कसरतों का प्रदर्शन करने वाले अखाड़े, भजन मंडलियाँ बैण्ड आदि भी शामिल हुए। इनमें विविध झाँकियों ने भी लोगों का ध्यानाकर्षित किया। विशेषकर वर्ल्ड कप प्रतियोगिता खेलने के लिये इंग्लैंड गई टीम इंडिया के परिवेश वाली झाँकी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी। इस दौरान वर्षों बाद पहली बार ऐसा हुआ कि अहमदाबाद में रथयात्रा के दौरान लगातार आकाश से वर्षा होती रही। कभी तेज फुहारें, तो कभी बूँदाबाँदी का सिलसिला पूरा दिन जारी रहा।

गृह मंत्री अमित शाह ने 17वीं बार की मंगला आरती

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व प्रातःकाल जगदीश मंदिर में पहुँचकर अपनी धर्मपत्नी सोनलबेन के साथ मिलकर 17वीं बार मंगला आरती की। देश के गृह मंत्री बनने के बाद पहली बार मंगला आरती में भाग लिया। इसके बाद शाह ने ट्वीटर पर अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा कि भगवान की मंगला आरती करके महाप्रभु का आशीर्वाद लिया, जय जगन्नाथ। इस अवसर पर गुजरात के गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जाड़ेजा, विभावरीबेन दवे आदि गणमान्य भी उनके साथ उपस्थित रहे।

विजय रूपाणी-नितिन पटेल ने की पहिंद विधि

तत्पश्चात भगवान को रथों में प्रतिष्ठित किया गया। भगवान जगन्नाथ नंदीघोष, बहन सुभद्रा कल्पध्वज और बड़े बंधु बलभद्र तालध्वज नामक रथ में सवार हुए। इसके बाद मुख्य मंत्री विजय रूपाणी तथा उप मुख्य मंत्री नितिन पटेल ने सोने की झाड़ू से तीनों रथों के मार्ग की सफाई (पहिंद विधि) की, जिसके बाद परंपरागत रथयात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें मंदिर के गजराजों ने अगुवाई की। गजराजों के पीछे झाँकियों से सजे ट्रक चल रहे थे, उनके पीछे विविध अखाड़ों के पहलवान अंग कसरतों का प्रदर्शन करते हुए चले। अखाड़ों के पीछे रास मंडलियाँ, भजन मंडलियाँ, घोड़ागाड़ी, बैण्ड बाजे, साधु-संतों के समूह और अंत में भगवान के रथ चल रहे थे। रथों में बलभद्र का रथ सबसे आगे था, उनके पीछे बहुन सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ चल रहा था। रथों के आगे जगन्नाथ मंदिर के मुख्य महंत दिलीपदासजी ट्रस्टियों के साथ एक खुली जीप में सवार होकर चल रहे थे। रथयात्रा का महानगर पालिका मुख्यालय सरदार पटेल भवन में महापौर बीजल पटेल व अन्य महानुभावों ने स्वागत किया। मार्ग में कई स्थानों पर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। महंत इस स्वागत अभिनंदन को स्वीकार कर रहे थे। रथयात्रा के दौरान मार्ग में दर्शनार्थ एकत्र हुए भक्तों को जामुन और उबाली हुई मूँग आदि का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे पाने के लिये भक्तों में होड़ लगी। रथयात्रा के लिये पूरे रूट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

रथयात्रा में भक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति की दिखी झाँकी

रथयात्रा में 18 हाथी, 100 ट्रक, 30 अखाड़े, 3 रास मंडलियाँ, 18 भजन मंडलियाँ, 1 घोड़ागाड़ी, 5 बैण्ड बाजे सम्मिलत हुए। ट्रक विविध प्रकार की झाँकियों से सजे हुए थे। इन झाँकियों में भगवान जगन्नाथ की भक्ति, राष्ट्रप्रेम, स्वच्छता अभियान आदि की झलक मिली। आतंकी हमलों में शहीद हुए भारत के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने वाली झाँकियों ने लोगों में राष्ट्र भावना जगाई। पीएम मोदी, अमित शाह और विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के कटआउट वाली झाँकियों ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया। झाँकियों में शामिल लोगों ने अपनी पीठ पर पीएम मोदी और अमित शाह को बार-बार मोदी सरकार का अभिनंदन देने वाले सुवाक्य लिखे थे। इसके अलावा मेट्रो ट्रेन, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी तथा स्वच्छता अभियान के टेब्लो ने भी लोगों को आकर्षित किया।

रथयात्रा में वर्ल्ड कप के साथ दिखी टीम इंडिया

सबसे ज्यादा जिस झाँकी ने लोगों का ध्यान खींचा वह थी टीम इंडिया की वर्ल्ड कप के साथ पेश की गई झाँकी। शहर के इसनपुर के युवक मंडल की ओर से रथयात्रा में शामिल हुए ट्रक की झाँकी में युवक टीम इंडिया की ब्लू जर्सी में वर्ल्डकप की प्रतिकृति के साथ नज़र आए। रथयात्रा के दौरान भक्तजनों ने ‘जय रणछोड़-माखण चोर और जय जगन्नाथ तथा मंदिरमां कोण छे राजा रणछोड़ छे’ जैसे नारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया था।

शहर के इस परंपरागत रूट से गुजरती है रथयात्रा

रथयात्रा जमालपुर दरवाजा के बाहर स्थित जगदीश मंदिर से निकलकर जमालपुर, खमासा गेट, दाणापीठ, आस्टोडिया चकला, रायपुर, सारंगपुर, खाडिया गेट, पाँच कुआँ दरवाजा, सिंधी मार्केट, स्टेशन रोड, कालूपुर सर्किल, कालूपुर ब्रिज होते हुए सरसपुर चौराहे पर स्थित रणछोड़ मंदिर पहुँची। इस मंदिर को भगवान के ननिहाल का स्थान दिया गया। यहाँ भगवान के मामा बनने वाले भक्त की ओर से भेंट सौगातों में लाखों रुपये के वस्त्र और अलंकार आदि दिये जाते हैं। भांजे के आने की खुशी में सभी सरसपुर वासी अपने-अपने मोहल्ले (पोल) में समूह भोजन तैयार करते हैं, रथयात्रा में भगवान के साथ आने वाले लाखों भक्तों को भक्तिपूर्वक भोजन कराते हैं। इसके बाद रथयात्रा निज मंदिर की ओर वापसी करती है। वापसी में रथयात्रा पुनः कालूपुर ब्रिज से होते हुए दाहिनी ओर मुड़ जाती है और प्रेम दरवाजा, दरियापुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, शाहपुर दरवाजा होते हुए शाहपुर में घूमकर दिल्ली चकला निकलती है, यहाँ से घीकाँटा-रिलीफ रोड होते हुए माणेकचौक से रायखड़ होते हुए निज मंदिर में वापसी करती है।

ट्विटर पर छाई अहमदाबाद की रथयात्रा

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