‘वायुवीर’ भदौरिया सँभालेंगे धनोआ की धरोहर : जानिए नये IAF चीफ के बारे में सब कुछ

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 सितंबर 2019 (युवाPRESS)। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनोआ के सेवानिवृत्त होने से पहले गुरुवार को केन्द्र सरकार ने उनकी धरोहर सँभालने वाले उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा कर दी। वायु सेना के एयर वाइस चीफ एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ‘धनोआ की धरोहर’ यानी वायु सेना अध्यक्ष का पद भार सँभालेंगे।

कौन हैं आरकेएस भदौरिया ?

वायु सेना के वर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी. एस. धनोआ आगामी 30 सितंबर को अपने चीफ ऑफ एयर स्टाफ पद से सेवा निवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार उनके स्थान पर वायु सेना प्रमुख का पद भार सँभालने वाले सुयोग्य पात्र की तलाश में थी। इसी बीच गुरुवार को रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता की ओर से वायु सेना के नये एयर चीफ मार्शल के लिये वाइस एयर चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम की घोषणा कर दी गई।

आरकेएस भदौरिया अभी वायु सेना में उप प्रमुख के पद पर हैं। उन्होंने 1 मई-2019 को ही एयर वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पद सँभाला था। इससे पहले वे भारतीय वायु सेना की बेंगलुरु में स्थित ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख थे। उन्होंने वायु सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएँ दी हैं। इस बीच उन्हें वायु विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल (2013), परम विशिष्ट सेवा मेडल (2018) तथा सॉर्ड ऑफ ऑनर जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं।

एयर वाइस चीफ ऑफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बांग्लादेश के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से रक्षा अध्ययन में परास्नातक किया है। वे रूस में भारतीय दूतावास में एयर अटैची भी रहे हैं।   

‘वायुवीर’ भदौरिया वायुसेना के सर्वश्रेष्ठ पायलटों में से एक हैं। उन्होंने 27 से अधिक अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाया है, जिसमें फ्रांस का वह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल भी शामिल है, जिसकी आंशिक डिलीवरी इसी महीने होने वाली है। ‘वायुवीर’ भदौरिया के पास 4, 250 घण्टे उड़ान भरने का अनुभव है। वे कैटेगरी ए के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर तथा पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर हैं। 15 जून 1980 को इंडियन एयर फोर्स की फाइटर स्ट्रीम में कमीशंड के रूप में शामिल हुए आरकेएस भदौरिया का करियर वायुसेना में 36 साल पुराना है। वे एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट) के सह-प्रमुख, नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के कमांडेंट, सेंट्रल एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफीसर तथा एयर स्टाफ के डिप्टी चीफ भी रहे हैं।

वे राफेल विमान खरीद टीम के चेयरमैन भी रहे हैं। राफेल विमान उड़ाने के बाद उन्होंने कहा था कि यह लड़ाकू विमान दुनिया का श्रेष्ठ विमान है। इसके ने से भारतीय वायु सेना की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी। सुखोई और राफेल की जोड़ी की शक्ति के आगे पाकिस्तान और चीन भारत के विरुद्ध कोई हिमाकत नहीं कर पाएँगे। इसी साल लोकसभा चुनाव से पहले जब कांग्रेस ने राफेल डील पर सवाल उठाए थे तब फरवरी में भदौरिया ने भी बयान जारी कर स्पष्टता की थी कि यह डील सबसे बातचीत करके सहमति से की गई है। इस डील को लेकर किसी की भी असहमति नहीं है। उल्लेखनीय है कि भारत ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया हुआ है।

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