‘कोमल’ हाथों ने जब थामा स्टीयरिंग तो ऐसे सरपट दौड़ी जीवन की गाड़ी…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 15 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। सफलता उन्हीं को मिलती है, जो अपने मार्ग की सभी कठिनाइयों को बिना डरे और बिना थके दूर कर लेते हैं। आइए आपको मिलवाते हैं एक ऐसी ही बहादुर और निडर युवती से, जिसका नाम भले ही कोमल है, परंतु उसके कार्य फौलाद जैसे हैं। 19 वर्ष की आयु में कोमल बड़ी-बड़ी कारों को सड़कों पर यूँ दौड़ाती है, जैसे वह कोई कार न होकर प्लास्टिक का खिलौना हो।

दिल्ली जैसे शहर में रहने वाली कोमल जहाँ जीवन, घड़ी की सुई से भी तेज भागता है, कोमल वहाँ की सड़कों पर कैब चलाती है। कोमल का सपना केवल पैसे कमाना नहीं, अपितु पढ़ाई कर अपने भविष्य के सपनों को साकार करना है। कोमल बताती है कि जब वह 12वीं कक्षा में थी, उसके पिता ने उसे स्कूल जाने से मना कर दिया था। 1 वर्ष तक वह घर पर रही, परंतु पढ़ाई की ललक और कुछ कर दिखाने की चाह कोमल को अधिक दिनों तक घर की चार दीवारों में रोक न सकी। कोमल ने पिता के विरोध के बावजूद पुन: 12वीं में दाखिला लिया और पढ़ाई के पैंसों के लिये ऊबर (Uber) कंपनी की कैब चलाने लगी। कोमल के 2 बड़े और एक छोटा भाई है। कोमल दिल्ली के पास गुरुग्राम (गुड़गाँव) में रहती है।

कोमल की यह प्रेरणादायक कहानी, तब लोगों के सामने आई, जब एक ओलिविया डेका नामक युवती ने कोमल की कैब में यात्रा की। ओलिविया लिखती हैं, ‘मैंने साकेत से गुड़गाँव के लिये कैब ली और यह यात्रा बहुत शानदार रही, क्‍योंकि मेरी ड्राइवर एक छोटी-सी लड़की थी, जिसके सपने बहुत बड़े हैं।’ ओलिविया ने कोमल से उसके विषय में कई जानकारियाँ जुटाईं और अपने फेसबुक पर पोस्ट कीं। फेसबुक के माध्यम से कोमल को आज हर कोई पहचानने लगा है। ओलिविया द्वारा पोस्ट की गई कोमल की कहानी को फेसबुक पर अब तक 17 हज़ार लाइक्स् मिल चुके हैं और 6.9 हज़ार लोग देख चुके हैं। साथ ही 650 लोगों ने कोमल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया भी दी है। कोमल 12वीं के बाद कॉलेज में पढ़ना चाहती है और कुछ बनना चाहती है। कोमल लोगों के ताने और पिता की रोक-टोक को अनदेखा करते हुए आगे बढ़ रही है। कोमल अपने जैसी उन सभी महिलाओं और युवतियों के लिये एक मिसाल है, जो अपने जीवन में कुछ कर दिखाना चाहती हैं।

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