जो कभी कुर्ते की बाँह काट कर पाते थे राहत, आज उनका ड्रेस स्टाइल है लाखों लोगों की चाहत

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 17, सितंबर 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब से सत्ता में आए हैं, लोगों को अपने कारनामों से चौंकाते रहे हैं, बात फिर उनकी राजनीतिक गतिविधियों की हो, विदेशी यात्राओं की या फिर उनके परिधानों की। आज 69वाँ जन्म दिन मना रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान में युवाओं के लिए भी ड्रेस आइकॉन बन चुके हैं। उनके कपड़ों का स्टाइल भारतीयों को ही नहीं, विदेशियों को भी आकर्षित करता है। मोदी अपनी देश-विदेश की यात्राओं के दौरान उसी देश या राज्य का परिधान पहन कर उस देस और राज्य का सम्मान तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही उनके दिलों में भी अपनी एक अलग जहग बना लेते हैं। मोदी ने अपने कलरफुल कुर्ते और उस पर धारण किए गए नेहरू जैकट से लेकर विदेशी स्टाइल के कोर्ट पैंट और उस पर मफ़लर पहन कर एक नये स्टाइल से 136 करोड़ भारतीयों को ही नहीं, हमारे पड़ोसी देशों के लोगों को भी अपना फ़ैन बना लिया है। यह बदलाव उनका सत्ता में आने के बाद ही देखने को मिला, इससे पहले मोदी बड़े ही साधारण तरीके और साधरण से परिधानों में नज़र आते थे। मोदीजी ने शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा था, वह पहले अपने कुर्ते की आसतीन काट दिया करते थे, जिससे उसे धोने और इस्त्री करने में कम समय लगे, क्योंकि उन्हें अपने परिधान स्वयं धोने और इस्त्री करने पड़ते थे। बचपन में भी मोदीजी हाफ बाँह वाली कमीज़ और पैंट पहना करते थे। मोदीजी का कहना है कि जो भी पहनो तरीके से पहनो। मोदीजी ने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि उन्हें अच्छे तरीके से कपड़ा पहनना हमेशा से अच्छा लगता है। वह एक गरीब परिवार के थे, कपड़ा इस्त्री कराने के लिए पैसे नहीं होते थे, इसलिए वह लोटे को ही इस्त्री बना लेते थे और लोटे में गर्म कोयला डालकर अपने कपड़े इस्त्री कर लिया करते थे। मोदीजी का मानना है कि जैसा मौका हो, उस हिसाब से और अच्छे ढंग से कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने अपने एक भाषण में कहा था कि कक्षा में शिक्षकों के इस्तेमाल के बाद बचे हुए चाक के टुकडों से वह अपने कैनवास के जूतों को सफेदी से चमकाया करते थे। प्रधानमंत्री मोदीजी की लोग लाख आलोचनाएं करें, परंतु उनकी ड्रेसिंग स्टाइल की वजह से, उन्हें ‘स्टाइल आइकॉन’ कहना जरा भी गलत नहीं होगा। आइए जानते हैं मोदीजी ने कहाँ और कब कौन सी पोशाक धारण की।

मोदी प्रधानमंत्री के रूप में जब पहली बार अमेरिका गए, तब उन्होंने अपने नाम का मोनोग्राम सूट पहन कर सबको चौंका दिया था। मोनोग्राम सूट के बाद मोदीजी ने काले रंग के मोनोग्राम शॉल अपने फ्रांस दौर पर पहनी, जिस पर एनएम NM लिखा था।

प्रधानमंत्री मोदी जब अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर गए, तो वहाँ उन्होंने ‘मुण्डू’ पहना था, यह दक्षिण भारत का पारंपरिक परिधान है। मोदीजी ने अपना यह नया लुक इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया था।

मोदी के हाफ स्लीव कुर्ते इतने पसंद किए गए कि लोगों ने भी वैसे ही कुर्ते पहनना शुरू कर दिया। इन कुर्तों को ‘मोदी कुर्ता’ ही कहा जाता है, इसे पसंद करने की खास बात ये है कि इसमें इंसान एक्टिव नजर आता है। कुर्ते पर नेहरू जैकेट की तो बात ही कुछ और है, इतना ही नहीं यह मोदी कुर्ता और जैकेट भारत तक सीमित नहीं रहा, मोदीजी ने इसे ग्लोबल बना दिया है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जे को मोदी जैकेट इतना पसंद आया कि मोदीजी ने उन्हें तोहफे में मोदी जैकेट भेजी, जिसे पहन कर मून जे ने ट्विटर पर एक पोस्ट भी डाला।

मोदीजी अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से भी पीछे नहीं हटते, टीशर्ट और ट्राउजर्स पहनकर कभी वह गोल्फ खेलते दिखाई देते हैं, तो कभी टेक्सन हैट और ट्रेंच कोट पहनकर सबको अपना दिवाना बना देते हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी दूसरी मुलाकात में प्रधानमंत्री ने भगवा रंग की पश्मीना शॉल पहनी, उसके बाद चीन दौरे में मेट्रिक्स स्टाइल वाला चश्‍मा और शॉल धारण किया, इसके बाद जब वह नेपाल गए तो, अपने देसी लुक से सभी को चौंका दिया, जहाँ वह भगवा कु्र्ते, शॉल और रुद्राक्ष की माला पहने हुए थे।

अक्सर लोग हल्के रंग के साथ गहरा रंग पहनते हैं, परंतु मोदीजी इससे बुल्कुल अलग हैं। वह दो हल्के रंगों से बने परिधान पहनकर सभी को अचंभित कर देते हैं, क्योंकि उनका यह स्टाइल उन्हों एक क्लासी लुक देता है।

मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में 13वें आसियान-इंडिया समिट में डिनर पार्टी में पीएम नरेन्द्र मोदी हरे रंग की सूट में नजर आए। मोदी की रंग-बिरंगी ड्रेस ने काफी सुर्खियां बटोरी थी।

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में पीएम मोदी ने हॉर्नबिल समारोह के उद्घाटन में परंपरागत नागा परिधान पहना, इस परिधान में मोदी के टोपी पर कृत्रिम सींग लगे थे, हाथ में एक डंडा था और पूरा पिरधान लाल व बादामी रंग का था। गले में कृत्रिम ताबीज भी लटका था, इस दौरान मोदी क्षेत्रीय आदिवासी लग रहे थे।

कश्मीर दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लेह-श्रीनगर पारेषण लाइन के उद्धघाटन के समय लद्दाख की पारंपरिक पोशाक पहनी थी। कमर पर साफा बंधा था और सिर पर पारंपरिक टोपी पहने हुए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगोलिया दौरे के दौरान परंपरागत मंगोलियाई परिधान पहनकर मंगोलियाई समारोह में हिस्सा लिया था। मोदी ने हल्के आसमानी रंग का पूरे बांह का कुर्ता पहना हआ था, जो कि बीच से कपड़े की बेल्ट से बांधा गया था, उन्होंने मंगोलिया की सोला टोपी भी पहनी थी।

भारत-अफ्रीका के बीच तीसरे शिखर सम्मलेन के दौरान पीएम मोदी की सिग्नेचर पोशाक की सुर्खियाँ न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी लगातार बनी रही। अफ्रीकी सरकार के 40 शीर्ष नेताओं ने पीएम मोदी के पहनावे से प्रेरित होकर भारत की सांस्कृतिक पोशाक पहनकर एक साथ डिनर किया। सभी अफ्रीकन नेताओं ने मोदी के जैसा सिल्क कुर्ता, जैकेट और सिर पर साफा बांधा हुआ था।

मोदीजी का जीवन भले ही बहुत संघर्षपूर्ण रहा हो, परंतु आज दुनिया उनके काम और उनके परिधानों की दीवानी है।

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