VIDEO : देखिए एक ऐसा गाँव, जहाँ बादलों से ऊपर रहते हैं लोग

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 1 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। जबल हरज़ (Jabal Haraz) यमन (Yemen) के साना (Sana) और अल-हुदैदह (Al-Hudaydah) के बीच स्थित एक पर्वतीय क्षेत्र है। जबल का अर्थ होता है पर्वत। 11वीं शताब्दी में यह सुलहिद वंश (Sulaihid dynasty) का गढ़ माना जाता था, जिसकी कई इमारतें आज भी सुरक्षित हैं, इनमें जबल एन-नबी शुऐब, यमन का सबसे ऊँचा पर्वत और अरब प्रायद्वीप का सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। समुद्र तल से लगभग 3,200 मीटर ऊपर पहाड़ों की ऊँचाई पर होने के बावजूद, यहाँ मौसम गर्म और आरामदायक होता है। यह केवल सर्दियों के दौरान बहुत ठंडा हो जाता है, परंतु सूर्योदय होने पर गर्म बना रहता है। हरज़ यमन का एक बहुत ही ऊँचा और पहाड़ी क्षेत्र है तथा प्रत्येक पहाड़ की चोटी पर एक किले जैसा गाँव है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हरज़ में सुलहिद राजवंश के राजा ने कई किलों का निर्माण कराया था, जिसमें अल-हज़रा, अल-हतुइब, मसार, काहिल और शिबम सबसे प्रमुख हैं। प्रत्येक किले को विरासत माना जाता है। इसी पर्वत पर बसा अल-हतुइब (AL-Hutaib) गाँव की एक अलग ही विशेषता है। इस गाँव में कभी वर्षा नहीं होती। दरअसल, अल-हतुइब गाँव बादलों से भी ऊपर बसा हुआ है, जहाँ वर्षा करने वाले बादल पहुँच ही नहीं पाते हैं। सही मायनों में इसे बादलों का गाँव कहना उचित होगा। इसी पर्वत पर बने मसार किले को अलीबिन मोहम्मद अल-सोली ने इस्लामिक कैलेण्डर के अनुसार 448 हिज़रा पूर्व बनाया था, जिससे वे स्वयं को रणनीतिक रूप से रक्षात्मक स्थान दे सकें। इसी प्रकार अल-हतुइब किले को भी अलीबिन ने 439 से 459 हिज़रा पूर्व उसी अवधि के आसपास बनाया था। इस किले पर वर्तमान में कब्जा कर लिया गया है और ये अब किला नहीं, अपितु एक गाँव बन गया है। अल-हज़रा गाँव में प्राचीन पत्थर पाए जाते हैं, जो विशिष्ट वास्तुकला और आवासीय व्यवस्था के लिए जाने जाते हैं।

राई के पहाड़ और खतरनाक सड़कें

भारत में एक कहावत प्रचलित है, राई का पहाड़ बनाना, जिसका अर्थ होता है छोटी-सी बात को बड़ा बना कर प्रस्तुत करना। परंतु यहाँ पर सचमुच के राई के पहाड़ देखने को मिलते हैं और यहाँ खतरनाक सड़कें होने के कारण हरज़ सिटी तक पहुँचना बेहद मुश्किल है। यमन के अद्वितीय रीति-रिवाजों और परंपराओं से भरा ये शहर बहुत ही आकर्षक है और इसके पहाड़ों के शिखर एक पेंटिंग के रूप में दिखाई देते हैं, जो सफेद बादलों के साथ रंगों को मिलाते हैं। इस गाँव में अनुकूल और आशावादी लोग रहते हैं। यहाँ के कॉफी के पेड़ों की सुगंध इस गाँव को और भी सुंदर बनाती है। कॉफी के पेड़ बहुत ही आकर्षक परिदृश्य बनाते हैं और कृषि क्षेत्रों की एक पहाड़ी श्रृंखला को दर्शाते हैं। हरज़ सर्वश्रेष्ठ यमनी कॉफी और अन्य फसलों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है, जो इसकी घाटियों और नदी प्रणाली से लाभान्वित होते हैं। यह साना में सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। यहाँ के घर ऐसे लगते हैं, जैसे कोहरे के गाँव आकाश में लटक रहे हों, हालाँकि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं तक पहुँचने के लिए ये लोग हमेशा संघर्षरत् रहते हैं।

केबल कार पर्वतीय गाँवों को निचले शहरों से जोड़ती है।

बानू मोरा और अन्य गाँव मनाख (Manakhah) की ओर मुख किए हुए लगते हैं। मनाख पर्वत श्रृंखला का दिल माना जाता है। यहाँ का बड़ा बाजार पूरे मोहल्ले के ग्रामीणों को आकर्षित करता है। अल हज़र (Al Hajjara), मनाख के पश्चिम में, एक दीवार नुमा गाँव है, जिसकी स्थापना 12वीं शताब्दी में सुलहिद्स (Sulayhids) ने कराई थी। यहाँ से अन्य गाँव तक जाना सुलभ होता है। अल-हतुइब गाँव लाल बलुआ पत्थर के एक मंच पर बना है, जो सीढ़ीदार पहाड़ियों के दृश्य के समान दिखता है, ये सभी गाँवों में आने वालों का स्वागत करता है। यहाँ तीसरे यमनी दा’ इ-अल-मुतलक हातिम इब्न इब्राहिम (Da’i al-Mutlaq Hatim ibn Ibrahim) का मकबरा भी है। भारत, श्रीलंका, सिंगापुर, मेडागास्कर और अन्य देशों के बोहरा यहाँ इकट्ठा होते हैं।

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