कौन हैं 19 वर्षीय वीरजीत, जिनकी ‘गेहूँ की बोरी’ ने उगला सोना ?

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 18 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। खेतों से निकल कर जब जा पहुँची खेल के मैदान पर, तो घर, गाँव और शहर ही नहीं, पूरे देश ने दी बधाई। जी हाँ, भारत की एक ऐसी बेटी, जिसने खेतों में काम किया, गेहूँ की बोरियाँ ढोईं और जब उसे अवसर मिला तो, उसने देश का नाम रोशन कर दिखाया। हम बात कर रहे हैं पंजाब की रहने वाली 19 वर्षीय वीरजीत कौर की, जिन्होंने बोधगया (बिहार) में हो रही महिला जूनियर नेशनल चैंपियनशिप (Women Junior National Championship) में न केवल गोल्ड जीता है, अपितु वे चंडीगढ़ की पहली महिला विजेती भी बन गई हैं। वीरजीत कौर ने 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।

गत 13 अक्टूबर से आरंभ हुई और 22 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न राज्यों, भारतीय सेना और रेलवे की टीमें भाग ले रही हैं। चैंपियनशिप के पहले ही दिन महिला युवा 40 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की सौम्या दलवी ने स्नैच में 53 किलो तथा क्लीन एंड जर्क में 62 किलो वजन उठा कर कुल 115 किलो के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया था, वहीं असम की सिद्धांता गोगोई ने भी कई रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2 नए रिकॉर्ड भी बनाए। सिद्धांता गोगोई ने मिठुपांडी राजा के 148 किग्रा व 265 किग्रा के रिकॉर्ड को 151 व 266 किग्रा भार उठा कर तोड़ दिया, वहीं पश्चिम बंगाल की शरबानी दास ने 55 किग्रा वर्ग में उत्तर प्रदेश की सलोनी सिंह का रिकार्ड तोड़ा। शरबानी ने सलोनी के 90 किग्रा वजन का रिकॉर्ड 92 किग्रा वजन उठाया। महाराष्ट्र की अनन्य पाटिल ने स्नैच में 76 किग्रा व क्लीन एंड जर्क में 88 किग्रा वजन उठा कर कुल 164 किग्रा के साथ दूसरा स्थान और ओडिशा की मोती जनि ने स्नैच में 69 किग्रा तथा क्लीन एंड जर्क में 94 किग्रा वजन उठा कर कुल 163 किग्रा के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

खेतों से की खेल की शुरुआत

पंजाब की रहने वीरजीत कौर को चंडीगढ़ आने से पहले वेटलिफ्टिंग के विषय में कोई जानकारी नहीं थी। वे तो सिर्फ अपने गाँव में अपने बड़े भाई-बहनों के साथ खेल खो-खो और कबड्डी जैसे खेल ही खेला करती थीं और अपने पिता के खेत में हाथ बँटाया करती थीं। उनके पिता जब फ़सल को बाज़ार में बेचने के लिए ले जाते थे, तो वे ट्रैक्टर में गेहूँ की बोरियों को लोड करने में उनकी सहायता करती थीं। वीरजीत ने अपने खेल की शुरुआत उनके गाँव से उन्हीं गेहूँ की बोरियों को उठा कर की। पिता के साथ खेतों में गेहूँ की बोरी उठाया के साथ ही उन्हें वजन उठाने की प्रैक्टिस हो गई थी।

ऑनलाइन वीडियो देख कर करती थीं प्रैक्टिस

2016 में वीरजीत पंजाब से चंडीगढ़ आ गईं। वे दयानंद एंग्लो वैदिक (Dayanand Anglo Vedic) डीएवी कॉलेज में बीए-तृतीय की छात्रा हैं। कॉलेज में पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही उन्होंने जिम में प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी थी। उसी दौरान कोच करणबीर सिंह बुट्टर का ध्यान वीरजीत पर गया। वीरजीत की मेहनत और लगन को देख कर करणबीर ने उन्हें अपने कोचिंग सेंटर के खिलाड़ियों की टीम में चुन लिया। वीरजीत का कहना है कि वह ऑनलाइन वीडियो देखकर प्रैक्टिस किया करती थीं। 2018 में वीरजीत कौर ने 31वें जूनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने स्नैच में 67 किलो और क्लीन एंड जर्क में 88 किलोग्राम के साथ कुल 155 किलोग्राम भार उठाया था। वहीं बोधगया जूनियर चैंपियनशिप प्रतियोगिता में उन्होंने अपने नागपुर के प्रदर्शन में सुधार करते हुए स्नैच में 70 किलो और क्लीन एंड जर्क में 90 किलोग्राम के साथ कुल 160 किलोग्राम का भार उठाया।

प्रशिक्षण के लिए रहती थीं उत्सुक

वीरजीत के कोच करणबीर सिंह का कहना हा कि वीरजीत अपने शुरुआती प्रैक्टिस के दिनों से ही बहुत मेहनती और संघर्षरत् थीं। वे मेरी सबसे प्रिय खिलाड़ियों में से एक हैं। प्रशिक्षित के दौरान वीरजीत सदैव अधिक प्रशिक्षण के लिए उत्सुक रहती थीं। हालाँकि नागपुर में जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप रजत पदक जीतने के बाद वे थोड़ा निराश हुई, परंतु बोधगया में आयोजित महिला जूनियर चैंपियनशिप प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के साथ उसकी सारी निराशा समाप्त हो गई है।

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