जब एक पिता ने बलिदानी बेटे के नाम को चूमा, तो हर किसी की आँखें नम हो गईं…

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 12 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। एक माँ को सदैव ममता, मर्म और प्रेम की मूरत कहा जाता रहा है और यह सत्य भी है, वहीं पिता को एक कठोर दिल और अनुशासन प्रिय ही माना जाता है, परंतु वास्तव में पिता का ऊपर से कठोर दिखने वाले स्वभाव के पीछे एक कोमल हृदय भी होता है। यह बात सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तसवीर से फिर एक बार सिद्ध हुई, जब एक पिता ने देश के लिए बलिदान देने वाले अपने बेटे के नाम वाली पट्टिका को चूम लिया। इस पिता ने राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुँचते ही अपने शहीद बेटे के नाम को जब चूमा, तो वहाँ उपस्तिथ सभी की आँखें अश्रु से डबडबा गईं और जब यहह हृदयस्पर्शी दृश्य चित्र बन कर लोगों तक पहुँचा, तो ऐसा मार्मिक दृश्य देख सभी की आँखें नम कर गया। पिता का अपने शहीद पुत्र के शिलालेख को चूम्बन करने का यह मार्मिक दृश्य देख कर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे वह पिता अपने पुत्र का माथा चूम कर कह रहे हो कि तुम जहाँ भी हो, वहाँ सदा ख़ुश रहो और तरक्क़ी करो। वास्तव में जब एक सैनिक माँ भारती की सुरक्षा के लिए शहीद होता है, तो उसके साथ शहीद होती है उसकी माँ की ममता, बहन का स्नेह और पिता का सर्वस्व। परंतु साथ ही एक शहीद अपने पीछे छोड़ जाता है पिता का गर्व से उठा हुआ सिर और सम्मान से चौड़ा हुई छाती।

हृदय की गहराइयों तक उतर जाने वाली यह तसवीर नई दिल्ली के इंडिया गेट के पास भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानियों को सम्मानित करने के लिए बनाए गए स्मारक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) की है, जिसे Indian Army News हिंदी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर कल बुधवार यानी 11 दिसंबर, 2019 को पोस्ट की है। यह तसवीर अत्यंत भावुक कर देने वाली है। पोस्ट में लिखा है, ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर एक शहीद का पिता अपने शहीद पुत्र के नाम के शिलालेख पर चुंबन करता हुआ। अद्वितीय दृश्य व क्षण।’ रिटायर्ड LT GENERAL GURMIT SINGH ने भी इस भारतीय सेना द्वारा किए गए पोस्ट को रि-ट्वीट किया। सोशल मीडिया पर यह तसवीर वायरल हुई और लोगों ने भी शहीद और उसके पिता को जय हिन्द लिख कर उनको सम्मान दिया।

स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चलाए गए विभिन्न ऑपरेशंस में जान देने वाले लगभग 25,942 सैनिकों के सम्मान में इंडिया गेट के ठीक सामने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) और नैशनल वॉर म्यूजियम (National War Museum) बनाए गए हैं। भारत सरकार द्वारा इंडिया गेट के आसपास के 44 एकड़ क्षेत्र में बनाए गए इस स्मारक का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी, 2019 को राष्ट्र को समर्पित किया था। स्मारक को इंडिया गेट के पास छतरी (चंदवा) के आसपास बनाया गया है। स्मारक की दीवार को जमीन के साथ और मौजूदा सौंदर्यशास्त्र के साथ सामंजस्य स्थापित करके बनाया गया है। यह स्मारक उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1947, 1965 और 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्धों, 1999 में कारगिल संघर्ष और श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के ऑपरेशन के दौरान देश की रक्षा के लिए शहीद हो गए थे। उन सभी शहीदों के नाम यहाँ स्थित शिलाओं पर लिखे गए हैं।

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