VIDEO : दम्पतियों को नहीं मोह सकी IRCTC की ‘करवा चौथ स्पेशल ट्रेन’, करनी पड़ी रद्द

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 11 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। गुरूवार 17 अक्टूबर, 2019 को करवा चौथ है। करवा चौथ (करकचतुर्थी) सुहागिन पत्नियाँ अपने पति की लंबी आयु के लिए कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को व्रत रखती हैं और चौथ माता की उपासना करती हैं। वैसे तो भारत में कई चौथ माता के मंदिर स्थित हैं, परंतु सबसे प्राचीन और विश्व विख्यात चौथ मंदिर राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के बरवाड़ा गाँव में स्थित है। चौथ माता के नाम पर ही इस गाँव का नाम बरवाड़ा से चौथ का बरवाड़ा रखा गया है। जिसे ध्यान में रखते हुए और टूरिज़म को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) यानी IRCTC ने करवा चौथ पर विशेष ट्रेन ‘द मैजेस्टिक राजस्थान डीलक्स’ चलाने की घोषणा की थी। साथ ही विवाहित जोड़ों के लिए 5 दिन का यात्रा पैकेज ‘ड्रीम हॉलिडे’ देने की योजना भी बनाई गई थी, जिसके तहत उन्हें राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भ्रमण कराया जाता, परंतु मात्र 2 दम्पतियों के टिकट बुक कराना के चलते रेलवे विभाग को ये ट्रेन और इसी स्कीम को रद्द करना पड़ा। भारत की जनसंख्या 136 करोड़ है और इस 136 करोड़ लोगों में एक अनुमान के अनुसार 60 करोड़ लोग विवाहित हैं यानी 30 करोड़ युगल (दम्पति) हैं। यदि यह मान लिया जाए कि इन 30 करोड़ दम्पतियों में उत्तर भारत के पाँच राज्यों में करवा चौथ व्रत करने वाले दम्पतियों की संख्या 3 करोड़ भी हो, तो भी यह आईआरसीटीसी के लिए बड़ा झटका है कि केवल 2 दम्पतियों ने ही करवा चौथ स्पेशल ट्रेन के टिकट बुक कराए, जिसके चलते आईआरसीटीसी को यह पूरी ट्रेन ही रद्द कर देनी पड़ी।

करवा चौथ स्पेशल ट्रेन में थी ये सुविधाएँ

करवा चौथ स्पेशल ट्रेन 14 अक्टूबर 2019 से दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से सुबह 7 बजे चलकर 18 अक्टूबर को दिल्ली वापस आने वाली थी। इस ट्रेन को करवा चौथ त्योहार की तरह सजाया गया था। ट्रेन में केवल शादीशुदा जोड़ों को ही यात्रा करने की सुविधा जी जानी थी। ट्रेन सबसे पहले 14 अक्टूबर को जैसलमेर पहुँचती। टूर पैकेज के तहत IRCTC पहले दिन जैसलमेर में खूबसूरत लोकेशन पर दम्पति को व्रत खोलने की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराती, साथ ही दम्पति रेत के टीलों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद भी ले सकते थे। 5 दिनों की इस यात्रा के दौरान यात्रियों को ताजमहल, जैसलमेर फोर्ट, परवान की हवेली, गाड़ी सागर झील, मेहरानगढ़ का किला, जसवंत थाड़ा, अंबेर फोर्ट सिटी पैलेस और अंबेर फोर्ट में ऊंट की सवारी करने की सुविधा देने की योजना बनाई गई थी। ट्रेन को अलग से बनाया गया था, जिसमें 96 सीट वाले फर्स्ट क्लास एसी के 4 कोच हैं और 60 सीट वाले 2 सेकंड क्लास एसी कोच थे। इसी के साथ, 2 खास डाइनिंग कार, और पैंट्री कार भी उपलब्ध कराई जाती। ट्रेन को खास विनाइल रैप कागज़ (Vinyl Wrap Paper) से सजाया गया था, जो अतुल्य भारत (Incredible India) की पहचान है। साथ ही ट्रेन में सभी यात्रियों को डिजिटल लॉकर भी उपलब्ध कराए जाते जिसमें वे अपने चीजों के सुरक्षित रख सकते थे। क्यूबिकल शॉवर, फुट मसाजर, सिंगल सीटर सोफा के साथ बैठने की खास व्यवस्था की जाती। सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सीसीटीवी कैमरे भी ट्रेन में लगाए गए थे, इसके अलावा स्मोक अलार्व (Smoke alarms) के साथ किचन में खास पकवान बनाने की व्यवस्था भी उपलब्ध थी।

मँहगा किराया भी हो सकता है टिकट बुक न कराने की वजह !

लक्जरी सुविधाओं के साथ ट्रेन का किया भी काफी ज्यादा था, जो ट्रेन की टिकट बुक न कराने का एक कारण हो सकता है। ये पूरी यात्रा प्रथम श्रेणी यानी AC 1 टियर कोच में कराई जाती, जिसके लिए प्रत्येक जोड़े को 1,30,000 और द्वितीय श्रेणी यानी AC 2 टियर कोच में 90,000 रुपये खर्च करने पड़ते। यह डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन आगरा, जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर की यात्रा तो कराती ही साथ ही यात्रियों के ठहरने के लिए 4 स्टार होटल की व्यवस्था भी देता। यात्रा के दौरान यात्रियों का 10 लाख का बीमा भी किया जाता, इसके अलावा साथी दम्पति के किराए पर 50 प्रतिशत की छूट भी दी जाती।

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