‘तेजस’ में होस्टेस पर फोकस करने वाले सेल्फीबाज़ मनचलों को यूँ लगेगी लगाम

Written by

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 1 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। आज भारत में सबसे सस्ता और सुगम यातायात परिवहन का साधन है रेलगाड़ी। समय के साथ रेल गाड़ी में कई परिवर्तन आए, जिसमें इसका सबसे आधुनिक रूप है तेजस एक्सप्रेस। तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) देश की प्रथम कॉर्पोरेट ट्रेन (Corporate Train) है। आइए आपको परिचित कराते हैं तेजस से। तेजस का अर्थ “तेज”, “चमक” और कई भारतीय भाषाओं में “चमक” है। ये ट्रेनें भारत में राजधानी एक्सप्रेस, गातिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस के साथ सबसे तेज़ रेलगाड़ियों में से हैं और भारतीय रेलवे नेटवर्क पर सर्वोच्च प्राथमिकता प्राप्त करती हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार नें तेजस ट्रेन लॉन्च किया है। तेजस एक्सप्रेस का उद्घाटन 24 मई 2017 को मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से करमाली, गोवा तक हुआ था। इसने 8 घंटे और 30 मिनट में 552 किमी की दूरी तय की। 2 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चेन्नई एग्मोर और मदुरै जंक्शन के बीच देश की दूसरी तेजस एक्सप्रेस को रवाना किया गया, जिसने 6 घंटे और 30 मिनट में 497 किमी की दूरी तय की।

तेजस एक्सप्रेस की विशेषताएँ

तेजस एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं वाली माध्यम तेज गति की भारतीय रेल है। इसकी अधिकतम गति 160 किमी है। इसका निर्माण रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में हुआ है। तेजस में 14 गैर-कार्यकारी कुर्सी सीट हैं, जिसमें 3+2 कॉन्फ़िगरेशन में प्रत्येक में 72 यात्री बैठ सकते हैं। कोच में ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइट्स और डिजिटल गंतव्य डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था की गई है। तेजस में 2+2 विन्यास में दो कार्यकारी कुर्सी सीटें भी है। एक्जीक्यूटिव चेयर कारों में एडजस्टेबल हेड-रेस्ट, आर्म सपोर्ट और लेग सपोर्ट के साथ 56 यात्रियों की बैठने की क्षमता है। गैर-कार्यकारी कुर्सी कारों में पैर का समर्थन उपलब्ध नहीं है। कोच में बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, वाटर लेवल इंडिकेटर्स, टैप सेंसर्स, हैंड ड्रायर्स, इंटीग्रेटेड ब्रेल डिस्प्ले, फोन सॉकेट्स के साथ प्रत्येक यात्री के लिए एलईडी टीवी, स्थानीय भोजन, सेलिब्रिटी शेफ मेनू, वाईफाई, चाय और कॉफी वेंडिंग मशीन, मैगजीन, स्नैक टेबल हैं। सीसीटीवी कैमरे, आग और धुएँ का पता लगाने और दमन प्रणाली उपलब्ध है। इसका किराया शताब्दी से 20 से 30 प्रतिशत अधिक यानी एसी कुर्सी कार यात्रियों के लिए 1,280 रुपये और कार्यकारी कुर्सी कार के लिए 2,450 रुपये है। तेजस एक्सप्रेस ने इको-लेदर के साथ सीटों को फिर से डिजाइन किया है। शौचालय साबुन डिस्पेंसर, टच-कम पानी के नल, गंध-नियंत्रण प्रणाली और अधिभोग संकेतक से लैस हैं। इस ट्रेन में सैनिटरी नैपकिन और महिलाओं की जरूरत की अन्य चीजों की भी व्यवस्था की गई है। क्रू को गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हवाई जहाज़ की भाँति ट्रेन होस्टेस की सुविधा

प्रथम तेजस का निर्माण मुंबई और गोवा के बीच यात्रा करने के लिए बनाया गया था। 20 डिब्बों वाली ये देश की प्रथम ट्रेन है, जिसके सभी डिब्बों में स्वचालित दरवाजे लगे हैं। साथ ही प्रत्येक सीट पर एलसीडी स्क्रीन और वाई-फाई की सुविधा है। तेजस में जाने-माने शेफ द्वारा तैयार मनपसंद खाना परोसा जाता है। इसके अलावा ट्रेन की एक विशेषता ये भी है कि इस ट्रेन में हवाई जहाज़ की भाँति महिला अटेंडेंट यानी ट्रेन होस्टेस की व्यवस्था की गई है। तेजस में कुल 45 होस्‍टेस हैं, आमतौर पर एक तरफ की यात्रा में 24 मौजूद रहती हैं, जो यात्रियों की खाने-पीने और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, परंतु ट्रेन की यही विशेषता आज रेलवे विभाग और ट्रेन होस्टेस के लिए मुसीबत बन गई हैं। इसे रेल सेवा को भारत की पहली निजी या कार्पोरेट सेवा भी कहा जा रहा है। आईआरसीटीसी ने तेजस को रेलवे से लीज पर लिया है और इसका कमर्शियल रन किया जा रहा है। आईआरसीटीसी अधिकारी इसे प्राइवेट के बजाए कॉर्पोरेट ट्रेन कहते हैं।

ट्रेन होस्टेस के साथ सेल्फी लेने की होड़

यात्री ट्रेन होस्टेस के साथ सेल्फी लेने के लिए इतने दिवाने हो चुके हैं कि अपनी सीमा तक पार कर जाते हैं। इतना ही नहीं, तेजस एक्सप्रेस में हर सीट के ऊपर एक कॉल बटन है जिसे दबाकर होस्टेस को बुलाया जा सकता है, परंतु कई बार लोग बेवजह ही ये कॉल बटन दबा देते हैं। ट्रेन होस्टेस के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण उन लोगों का व्यवहार है जो बिना पूछे तस्वीरें लेते हैं या वीडियो बनाते हैं। लोग फेसबुक पर लाइव कर देते हैं, टिकटॉक के लिए वीडियो बनाते हैं, बिना होस्टेस की मर्जी के यूट्यूब पर पोस्ट कर देते हैं। पीले-काले रंग के खबसूरत कॉम्बिनेशन और चुस्त पौशाक में सजी-संवरी इन बालाओं के साथ सेल्फी लेने की यात्रियों में होड़ मच जाती है। सीने पर महिला सशक्तीकरण का बिल्ला लगाए ये लड़कियां पारंपरिक तौर पर पिछड़ी मानी जाने वाली आधी आबादी के लिए नई मिसाल भी पेश कर रही हैं। चार अक्तूबर को जब इस रेल सेवा का उद्घाटन किया गया तो ये मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में रही। बदन से चिपकता कॉस्ट्यूम पहने यात्रियों पर फूल बरसाती ट्रेन होस्टेस की तस्वीरें जब प्रकाशित हुईं तो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी पोशाक पर सवाल उठाए। कई लोगों ने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करके ट्वीट किए और कहा कि होस्टेस को साड़ी पहनाई जाए। सवाल उठाने वालों का तर्क था कि भारतीय रेल में कार्यरत इन होस्टेस को पश्चिमी स्कर्ट पहनने के बजाए भारतीय संस्कृति की प्रतीक साड़ी पहनी चाहिए।

IRCTC फीडबैक सिस्टम

ट्रेन तेजस एक्‍सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों की होस्‍टेस के साथ सेल्‍फी लेने की दीवानगी से परेशान होकर रेलवे और भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन (Indian Railways Catering and Tourism Corporation) यानी IRCTC ने कुछ कदम उठाए हैं। आईआरसीटीसी ने महिला अटेंडेंट के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया है। आईआरसीटीसी (IRCTC) के चीफ रीजनल मैनेजर अश्वनी श्रीवास्तव का कहना है, “हमारी ट्रेन होस्टेस वेल ट्रेंड हैं, उनका खयाल रखना हमारी जिम्मेदारी है और इसीलिए हमने फीडबैक सिस्टम बनाया है। किसी परेशानी में फँसने पर वे इसका इस्‍तेमाल कर सकती हैं। अश्वनी कहते हैं कि अगर कोई भी शिकायत आती है तो हम उस पर कार्रवाई जरूर करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो जीआरपी या यूपी पुलिस की भी मदद ली जा सकती है। आईआरसीटीसी इस ट्रेन का संचालन कर रही है। तेजस एक्सप्रेस गत 4 अक्‍टूबर, 2019 को लखनऊ से दिल्‍ली के बीच प्रारंभ की गई है। यद्यपि आईआरसीटीसी ने दावा किया है कि ट्रेन में चलने वाले महिला स्‍टाफ ने अभी तक किसी किस्‍म के उत्‍पीड़न की शिकायत नहीं की है, परंतु भविष्‍य में ऐसी किसी घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया है। लोगों को ट्रेन होस्टेस नहीं उनके काम और उनकी मेहनत को देखना चाहिए। ये लड़कियां एक दिन में 18 घंटे काम करती हैं और फिर अगले दिन आराम करती हैं। अभी ये सभी छह महीने के प्रोबेशन पीरियड पर हैं जिसके बाद उन्हें कॉन्ट्रैक्ट दे दिया जाएगा।

Article Categories:
News · Technology

Comments are closed.

Shares