यहाँ खुल गया अनोखा कैफे : प्लास्टिक के बदले मिलता है नास्ता और खाना

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अहमदाबाद, 31 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। छत्तीसगढ़ राज्य के अंबिकापुर नगर निगम (AMC) ने पर्यावरण के लिये जोखिमी प्लास्टिक एकत्र करने के लिये एक अनूठी पहल की है। एएमसी ने शहर में नये बस स्टैण्ड के पास गारबेज कैफे (GARBAGE CAFE) खोला है। यहाँ 500 ग्राम प्लास्टिक के बदले में नास्ता और एक किलो प्लास्टिक के बदले में भरपेट खाना दिया जाता है।

प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा करने के लिये नई पहल

मेयर अजय तिर्की के अनुसार शहर के जो लोग नगर निगम को प्लास्टिक लाकर देंगे, नगर निगम उन्हें उसके बदले में नास्ता और भोजन देगा। मेयर का मानना है कि नगर निगम के इस कदम से शहर से प्लास्टिक इकट्ठा करने में मदद मिलेगी और शहर को प्लास्टिक के कचरे से साफ रखा जा सकेगा, जो कि गाय जैसे जानवरों के पेट में जाकर उनकी मृत्यु का कारण बनती है। सूखा कचरा जलाए जाने पर जब उस कचरे में प्लास्टिक कचरा भी होता है तो उसका धुँआ वातावरण में मिलकर वायु प्रदूषण फैलाता है। यह प्लास्टिक का धुँआ सांस लेने पर हमारे शरीर में जाकर खतरनाक बीमारियों का कारण बनता है। इसलिये नगर निगम ने ऐसा उपाय खोजा है, जिससे लोग प्लास्टिक को कचरे में फेंकने से बचेंगे और उसे नगर निगम इस काफे के माध्यम से अलग इकट्ठा करके उसका उचित निराकरण करेगा।

सड़क निर्माण में उपयोग होगी प्लास्टिक

मेयर की मानें तो इस गारबेज काफे में लोगों से जो प्लास्टिक इकट्ठी होगी, उसे सड़क निर्माण के काम में उपयोग किया जाएगा। नगर निगम ने बजट में इस गारबेज काफे के लिये 5 लाख रुपये का प्रावधान किया है। इस गारबेज काफे के माध्यम से नगर निगम शहर के गरीब और बेघर लोग जो कचरा बीनकर गुजारा करते हैं, उन्हें प्लास्टिक कचरे के बदले में भरपेट भोजन कराएगा। इस पहल के तहत नगर निगम ने कुछ नियम निर्धारित किये हैं, जिसके तहत जो व्यक्ति 500 ग्राम प्लास्टिक लाकर इस गारबेज काफे में देंगे उस व्यक्ति को नास्ता दिया जाएगा और जो व्यक्ति एक किलो तक प्लास्टिक लाकर देगा उसे भरपेट भोजन दिया जाएगा। इस पहल में नगर निगम की गरीब और बेघर लोगों को मुफ्त में शरण देने की भी योजना है।

अंबिकापुर है इंदौर के बाद देश का सबसे स्वच्छ शहर

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर वह शहर है, जिसे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के बाद दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है।

यह कैफे शुरू होने से पहले भी शहर में प्लास्टिक के टुकड़ों का सड़क निर्माण में उपयोग किया जाता रहा है।

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