भाजपा को हराने के लिए हाथ मिला सकती हैं ये धुर-विरोधी पार्टियां !

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Anti BJP Unity

साल 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में भाजपा को रोकने के लिए अभी से राजनैतिक पार्टियां (Anti BJP Unity) लामबंद होनी शुरु हो गई हैं। ऐसे संकेत मिले हैं कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए धुर-विरोधी पार्टियां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी साथ आ सकती हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तो पहले भी कह चुके हैं कि बसपा और सपा को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।

क्या कहा सपा नेता ने 

अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष में नेता और सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने भी भाजपा को हराने और देश और प्रदेश में लोकतंत्र की बहाली के लिए सपा और बसपा (Anti BJP Unity) से मिलकर चुनाव लड़ने की अपील की है। बता दें कि रामगोविंद चौधरी की यह अपील सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाल ही में मुंबई में दिए उस बयान के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने संबंधी बयान दिया था।

Opposition Parties

कासगंज पर बोले रामगोविंद चौधरी

कासगंज हिंसा पर बोलते हुए रामगोविंद चौधरी ने कहा कि कासगंज में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। भाजपा मुसलमानों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित कर रही है। चौधरी ने कहा कि भाजपा ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे दलों को मुसलमानों पर जुल्म करने की पूरी छूट दे दी है। नेता विपक्ष ने कहा कि विकास के मसले पर पिछड़ने के बाद भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पर चुनाव लड़ने की जुगत में है।

मायावती का रुख ठंडा

हालांकि सपा-बसपा के गठबंधन पर बसपा सुप्रीमो मायावती अभी तक बहुत ज्यादा उत्साहित दिखाई नहीं दे रही हैं। दरअसल मायावती को बसपा-सपा गठबंधन के कारण अपनी चुनावी जमीन खिसकने का भी डर है। ऐसे में मायावती अभी तक बड़ी ही संभलकर चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया था, लेकिन विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में सपा और कांग्रेस दोनों को ही मुंह की खानी पड़ी थी। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सपा-बसपा गठबंधन (Anti BJP Unity) क्या आकार ले पाता है ?

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