ज्योतिषी ने कहा : फिर खिलेगा ‘कमल’, तो कुपित हो गए ‘नाथ’, धोना पड़ा प्रोफेसरी से हाथ

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भारतीय संस्कृति में भविष्यवाणी का भी अपना एक अलग ही इतिहास रहा है। भारतीय पौराणिक कथाओं में ऋषि-मुनियों द्वारा भविष्यवाणी किये जाने के अनेक प्रसंग मिलते हैं। द्वापर युग में महाभारत काल में मथुरा के अत्याचारी राजा कंस के लिये भी एक ऋषि ने भविष्यवाणी की थी, उनकी ही चहेती बहन का आठवाँ पुत्र उनका वध करेगा। इसके बाद कंस ने अपनी ही सबसे चहेती बहन देवकी और बहनोई तथा मित्र वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया था। उनकी एक-एक कर सात संतानों की हत्या भी कर दी थी। इसके बावजूद भविष्यवाणी के अनुसार आठवीं संतान हुई और चमत्कारिक ढंग से वह कंस के हाथों मरने से बच भी गई, जिसने ही आगे चलकर कंस का वध किया। देवकी और वसुदेव की इसी संतान को हम देवकीनंदन वासुदेव कृष्ण के नाम से जानते हैं।

परंतु यहाँ हम कलयुग की बात कर रहे हैं और उसमें भी आज के दौर की बात कर रहे हैं, जहाँ भविष्यवाणी को विज्ञान की तराजू में तोला जाता है और कोई वैज्ञानिक आधार न मिलने पर कपोल-कल्पित कल्पना कहकर नकार दिया जाता है। भविष्यवाणी की कोई मान्यता न होने के बावजूद एक ज्योतिषाचार्य को भविष्यवाणी करने के लिये दंडित कर दिया गया। इस ज्योतिषाचार्य का दोष यह नहीं था कि उसने भविष्यवाणी की, परंतु वह दंडित इसलिये हुआ कि उसने लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा की जीत का दावा कर दिया। बस ! मध्य प्रदेश के शासक कमलनाथ कमल (भाजपा) पर की गई टिप्पणी से इतने कुपित हो गये कि उन्होंने इस ज्योतिषाचार्य को नौकरी से निलंबित कर दिया।

उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने 28 अप्रैल को अपने फेसबुक पेज पर भविष्यवाणी करते हुए लिखा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अकेले दम पर 300 सीटें जीतेगी और पूरा एनडीए 300 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगा। शायद ज्योतिषाचार्य ने राहुकाल में भविष्यवाणी कर दी, इसीलिये वह राजनीतिक भविष्यवाणी करके राजनीति के कुचक्र में फंस गये। हालाँकि जब उन्हें अपनी भूल का आभास हुआ, तो उन्होंने इस पोस्ट को फेसबुक पेज से हटा लिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी माँग ली, परंतु तब तक वह चुनावी आदर्श आचारसंहिता के उल्लंघन के आरोपी बन चुके थे। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डी. के. बग्गा के अनुसार चुनावी आदर्श आचारसंहिता के उल्लंघन के आरोप में ज्योतिषाचार्य राजेश्वर शास्त्री को मध्य प्रदेश प्रशासन ने नौकरी से निलंबित कर दिया।

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