झटपट निपटा लें अपने काम : हड़ताल पर जा रहे हैं कर्मचारी, 4 दिन बंद रहेंगे बैंक

अहमदाबाद, 13 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। इससे पहले कि आपके बैंकिंग काम अटक जाएं और आपके लिये कोई परेशानी खड़ी हो जाए, झटपट अपने बैंकिंग काम निपटा लीजिए। क्योंकि बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं, इस कारण 4 दिन तक बैंक बंद रहेंगे। दरअसल, पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पंजाब नेशनल बैंक समेत देश के कई बड़े बैंकों का एक-दूसरे में विलय करने की घोषणा की थी। केन्द्र सरकार के इसी फैसले के विरोध में बैंकिंग सेक्टर के अलग-अलग ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। बैंक कर्मचारियों की इस हड़ताल के कारण इस महीने 4 दिन तक लगातार बैंक बंद रहने वाले हैं।

कब से बंद रहेंगे बैंक ?

दरअसल, बैंकिंग सेक्टर के चार ट्रेड यूनियनों ने 25 सितंबर की आधी रात से 27 सितंबर की आधी रात तक हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। इस कारण 26 और 27 सितंबर को बैंक बंद रहेंगे और 28 सितंबर को चौथा शनिवार तथा 29 सितंबर को रविवार है। इस प्रकार लगातार 4 दिन तक बैंक बंद रहेंगे और सामान्य जनता के बैंकों से जुड़े कामकाज नहीं हो पाएंगे। ऐसे में यह जरूरी है कि लोग बैंकों से जुड़े अपने कामकाज समय रहते 25 सितंबर से पहले ही निपटा लें। 4 दिन बैंक बंद रहने के बाद सीधे 30 सितंबर को खुलेंगे और तब ही बैंक से जुड़े कामकाज हो सकेंगे। 4 दिन के बाद बैंक खुलने से काफी भीड़ भी रहेगी, जिसके कारण भी आपका कामकाज प्रभावित हो सकता है।

कौन-कौन से बैंकों का विलय होगा ?

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के बैंकों के विलय के फैसले के बाद 6 सरकारी बैंक अपना अस्तित्व खो देंगे और अन्य 4 सरकारी बैंकों में विलीन हो जाएंगे। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया तथा ओरिएंटल बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय होगा। गत 5 सितंबर को पीएनबी के निदेशक मंडल ने इस विलय को सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है।

इसी प्रकार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आँध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय हो जाएगा। यूबीआई के निदेशक मंडल ने भी इस विलय को मंजूरी दे दी है।

इसके अलावा सिंडीकेट बैंक कैनरा बैंक में समाविष्ट हो जाएगा और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हो जाएगा। इस विलय के बाद देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी। इससे पहले वर्ष 2017 में इन बैंकों की संख्या 27 थी। इससे पहले देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बरोड़ा में विलय हो चुका है।

सरकार के इसी विलय का विरोध करने के लिये इन बैंकों के ट्रेड यूनियनों ने संगठन बनाया है और हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। महीने के अंतिम सप्ताह में होने वाली इस हड़ताल से बड़े पैमाने पर लोगों का बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

यूनियन के नेता के कथनानुसार नवंबर के दूसरे सप्ताह से सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) तथा नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) ने संयुक्त रूप से इस 4 दिन की हड़ताल का नोटिस दिया है। इसके अलावा बैंक यूनियनों की पाँच दिन का सप्ताह करने व नकद लेन-देन के घंटों और विनियमित कार्य के घंटों को कम करने की भी मांग है। 

इन यूनियनों ने सतर्कता से संबंधित मौजूदा प्रक्रियाओं में बाहरी एजेंसियों का हस्तक्षेप रोकने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों को हल करने, पर्याप्त भर्तियाँ करने, एनपीएस को समाप्त करने तथा उपभोक्ताओं के लिये सेवा शुल्क कम करने और अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के नाम पर अधिकारियों को परेशान नहीं करने की भी मांग की है।

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