कश्मीर में ज़मीन के बाद अब उपग्रही उपद्रवियों पर भी लगाम लगा रही मोदी सरकार

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म करने के साथ ही पाकिस्तान से घुसपैठ पर भी सख्ती से लगाम लगाई है। इसके अलावा गत 5 अगस्त को यह धारा समाप्त करने के साथ ही वहाँ इंटरनेट (INTERNET) पर भी पाबंदी लगाई हुई, जिससे दुष्प्रचार को बढ़ावा न मिल सके। अब मोदी सरकार ने उपग्रही उपद्रवियों पर भी लगाम लगा रही है। दरअसल जम्मू कश्मीर में कुछ केबल ऑपरेटर (CABLE OPERATOR) पाकिस्तान, तुर्की और मलेशिया जैसे मुस्लिम देशों के चैनलों (CHANNELS) को दिखा रहे थे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद मोदी सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे केबल ऑपरेटरों को इन देशों के टेलीविज़न चैनल दिखाने पर तुरंत रोक लगाने की हिदायत दी है और ऐसा नहीं करने पर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। इस प्रकार अब पाकिस्तान उपग्रह प्रसारण (SATELLITE BROADCAST) के माध्यम से भी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ नहीं कर पाएगा।

केबल टीवी ऑपरेटरों के लिये जारी हुई एडवाइजरी

भारत ने जब जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त को धारा 370 खत्म की तो पाकिस्तान के साथ-साथ तुर्की और मलेशिया ने भी भारत के इस कदम का विरोध किया था। हालाँकि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान जैसे मुस्लिम बहुल देशों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इस बीच सरकार की जानकारी में यह बात आई कि जम्मू कश्मीर में कुछ केबल ऑपरेटर केबल टीवी नियमों को ताक पर रख कर पाकिस्तान, तुर्की, मलेशिया और ईरान के टीवी चैनल जम्मू कश्मीर में दिखा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस जानकारी के तुरंत बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जम्मू कश्मीर के केबल ऑपरेटरों के लिये एक एडवाइजरी जारी की गई, जिसमें मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय के हस्ताक्षर होने की बात कही जा रही है। इस एडवाइजरी में केबल ऑपरेटरों को केबल टीवी नियमों का हवाला दिया गया है और उन्हें उनके दायित्व भी याद दिलाये गये हैं। बताया जाता है कि सहाय हाल ही में केबल टीवी ऑपरेटरों के साथ बैठक करने के लिये श्रीनगर भी गये थे। इस बैठक में केबल ऑपरेटरों को चेतावनी भी दी गई कि यदि वे इस एडवाइजरी के बाद भी नियम का उल्लंघन करते रहे तो उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उनके उपकरण भी जब्त किये जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उपरोक्त बैठक में शामिल हुए एक केबल टीवी ऑपरेटर के हवाले से लिखा गया है कि बैठक में अधिकारियों ने ऑपरेटरों को पाकिस्तान, मलेशिया, तुर्की और ईरान के सभी चैनलों को तुरंत ब्लॉक करने की हिदायत दी थी। बैठक में केबल ऑपरेटरों ने अधिकारियों को बताया था कि ईरान के सहर चैनल और सऊदी अरब के अल-अरबिया चैनल का प्रसारण कर रहे हैं, क्योंकि कश्मीर की अधिकांश आबादी के बीच इन चैनलों के कार्यक्रम काफी लोकप्रिय हैं। घाटी में शिया समुदाय के लोग इन चैनलों को उनके धार्मिक कार्यक्रमों के कारण रुचि के साथ देखते हैं।

J&K में जगह बना रहे थे प्रतिबंधित विदेशी टीवी चैनल्स

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर में इंटरनेट बैन होने से उपरोक्त देशों के कई धार्मिक चैनल स्थानीय केबल ऑपरेटरों के माध्यम से घाटी में टेलीविज़न सैटों में अपनी जगह बना रहे थे। इसके बारे में पता चलने पर सरकार ने तुरंत लगाम लगाने का निर्णय किया था। ज्ञात हो कि मंत्रालय की ओर से प्रकाशित सूची से बाहर के निजी चैनलों का प्रसारण करना केबल टीवी रूल्स के उप-नियम 6(6) का उल्लंघन है और इस पर सरकार तुरंत कार्यवाही कर सकती है। मंत्रालय की ओर से देश में देश-विदेश के 500 से अधिक चैनलों के प्रसारण को मान्यता दी है और इनकी सूची भी तैयार की है। इन मान्य चैनलों के अलावा अन्य चैनलों को केबल ऑपरेटर नहीं दिखा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले गुरुवार को पाकिस्तान के बड़बोले विज्ञान और तकनीकी मंत्री फवाद हुसैन चौधरी ने ट्वीट करके उपग्रह के माध्यम से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट देने की बात कही थी, जिसके बाद वे सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुए थे।

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