VIDEO : रुपए निकालने से पहले कर लें ATM की जाँच, अन्यथा…

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 27 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। यदि आप ऑटोमेटिड ट्रैलर मशीन यानी स्वचालित गणक यंत्र (ATM) से पैसे निकालते हैं तो आपको यह वीडियो जरूर देखना चाहिये। आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे जालसाज़ लोग भोले-भाले लोगों को चूना लगाते हैं। आपको भी एटीएम फ्रॉड से बचने के लिये कुछ सावधानियाँ जरूर बरतनी चाहिये, क्योंकि आपकी एक छोटी-सी भूल आपको काफी भारी पड़ सकती है। एटीएम मशीन में जालसाज़ एक अत्यंत पतले और हाई कैपेसिटी वाले कैमरे-मेमरी-प्रोसेसर का इस्तेमाल करके आपके एटीएम के नंबर और पिन नंबर की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं और उसके माध्यम से आपके खाते की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद दूसरा एटीएम कार्ड बनाकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे जालसाज़ एटीएम के जरिये फ्रॉड को अंजाम देते हैं ? और कैसे आम लोग इस फ्रॉड से बच सकते हैं ?

हाई कैपेसिटी वाले कैमरे-मेमरी-प्रोसेसर ने खड़ी की समस्या

दरअसल राजधानी दिल्ली के अर्जुन नगर इलाके में कुछ युवाओं ने एक एटीएम में जालसाज़ों की साजिश का भंडाफोड़ किया है। इस एटीएम में कार्ड स्कीमिंग टूल और छिपा हुआ कैमरा लगा पाया गया है। जैसे ही कोई इस टूल में अपना एटीएम कार्ड डालता है तो कार्ड का नंबर स्कीमिंग टूल के जरिये जालसाज़ों के पास पहुँच जाता है और जब व्यक्ति पैसे निकालने के लिये की-बोर्ड पर अपना गुप्त पिन नंबर डायल करता है तो गुप्त कैमरा उसकी फोटो खींच लेता है। इस प्रकार आपके एटीएम कार्ड की पूरी जानकारी जालसाज़ों के पास पहुँच जाती है, जिसके बाद वह खाते में जमापूँजी का पता लगाते हैं और जिस खाते में बड़ी रकम होती है, उसे निकालने के लिये वह दूसरा एटीएम कार्ड बनाकर पैसे निकाल लेते हैं। जब दिल्ली के अर्जुन नगर इलाके में स्थित कैनरा बैंक के एक एटीएम में कुछ युवाओं ने जालसाज़ों की साजिश का भंडाफोड़ किया तो इसके बाद पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा और उत्तर प्रदेश के एडिशनल एसपी राहुल श्रीवास्तव समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया पर रखे गये इस वीडियो को शेयर किया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पता चल सके कि कैसे उनके साथ एटीएम के माध्यम से धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता है।

शुरुआत में @rose_k01 नामक ट्विटर यूज़र ने यह वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। यूज़र ने लिखा कि ‘ATM में आपके कार्ड की क्लोनिंग हो सकती है। इस एटीएम में बड़ी चतुराई से कैमरा और चिप लगाई गई है।’ हालाँकि कैनरा बैंक ने इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देते हुए सतर्कता के कदम उठाये हैं। बैंक ने कहा है कि इस एटीएम में चिप और कैमरा लगाये जाने के बावजूद अभी तक किसी भी एटीएम यूज़र्स के संवेदनशील डेटा में कोई सेंध नहीं लगी है। बैंक ने यह भी कहा कि जब आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल में न हो तो आपको उसे बैंक की ऐप से स्विच ऑफ कर देना चाहिये। इस वीडियो को शेयर करते हुए पेटीएम के फाउंडर ने यूज़र्स को आगाह किया है कि कैसे एक पतले और हाई कैपेसिटी वाले कैमरे-मेमरी-प्रोसेसर ने नई समस्या खड़ी कर दी है ?

लोगों को पता नहीं, कैसी होती है स्कीमिंग चिप ?

पिछले कुछ समय से कार्ड स्कीमिंग के जरिये फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसका एक कारण यह भी है कि बहुत कम लोगों को ही स्कीमिंग चिप की जानकारी है तथा अधिकांश लोगों को यह पता ही नहीं है कि एटीएम कार्ड स्कीमिंग चिप कैसी होती है, इसी कारण से जालसाज़ आसानी से एटीएम कार्ड के डिटेल्स और गुप्त कैमरे की मदद से पिन नंबर चुरा लेते हैं। इसी साल अप्रैल में दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में लगभग 12 लोगों के साथ ठगी की गई थी और उनके खाते से लगभग 10 लाख रुपये निकाल लिये गये थे। आशंका है कि इस फ्रॉड को भी कार्ड स्कीमिंग चिप के माध्यम से ही अंजाम दिया गया होगा।

फ्रॉड से बचने की सलाह

साइबर विशेषज्ञों की मानें तो लोगों को एटीएम से पैसे निकालते समय कुछ विशेष सावधानियाँ बरतनी चाहिये। यदि एटीएम में किसी भी तरह का तार दिखाई दे या उसके की-बोर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई दे तो पैसे निकालने के लिये उस एटीएम का उपयोग न करें। इसके अलावा बैंक और पुलिस को उस गड़बड़ी की सूचना दें, ताकि कोई और भी उस गड़बड़ी का शिकार होकर जालसाज़ों का शिकार न बन जाए। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस तरह के चिप और कैमरे अधिकतर बाहरी इलाकों में उपयोग होता है और ऐसे एटीएम में उपयोग होते हैं, जहाँ सीसीटीवी कैमरे न लगे हों। फ्रॉड से बचने का एक उपाय यह भी है कि जिस खाते का एटीएम उपयोग करें उस खाते में कम से कम पैसा रखें। साथ ही हर दो-तीन दिन में अपने ट्रांजेक्शन पर एक बार नज़र जरूर डाल लें। कोई फ्रॉड होने के बाद बैंक और पुलिस को तुरंत सूचित करें, ताकि तुरंत कार्यवाही की जा सके। फ्रॉड से बचने के लिये जहाँ एटीएम कार्ड डाला जाता है, उस टूल को हिला-डुलाकर देख लें कि उस पर कोई चिप न लगाई गई हो, की-बोर्ड पर पिन नंबर डायल करने से पहले एक हाथ से ढंक दें और संभव हो तो जाँच कर लें कि कोई कैमरा तो नहीं लगा है, जो आपके पिन नंबर पर नज़र रख रहा हो। जितना संभव हो उतना एटीएम के पास खड़े रहें ताकि आपके पीछे खड़े व्यक्ति को आपकी प्रक्रिया दिखाई ही न दे। एटीएम कार्ड उपयोग करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपना कार्ड किसी के हाथ में न दें, न ही अपना पिन नंबर किसी को बताएँ। ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद कैंसल का बटन जरूर दबाएँ और जब वेलकम स्क्रीन आ जाए, तब ही बाहर निकलना चाहिये।

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