WhatsApp ग्रुप एडमिन सावधान ! मेम्बर का भेजा Fake MESSAGE पहुँचा सकता है जेल…

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद 20 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। कभी-कभी हम कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो न चाहते हुए भी अपने और दूसरों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। इन दिनों भी एक फेक मैसेज की वजह से राजधानी दिल्ली सहित समग्र देश में लोग ऐसे आग बबूला हो रहे हैं, मानो उनकी आन-बान और शान पर किसी ने करारी चोट पहुँचाई हो, जबकि लोगों को ये तक नहीं पता होता कि वास्तव में किस बात के लिए वह इतने उत्तेजित हो रहे हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरुद्ध दिल्ली व देश के अलग-अलग राज्यों में हुई हिंसा के पीछे वॉट्सऐप ग्रुप व सोशल मीडिया पर उन्मादी पोस्ट व फेक वीडियो को ही कारण बताया जा रहा है। इसी को देखते हुए Whatsapp पर फेक न्यूज़ भेजने वालों पर लगाम लगाने के लिए साइबर सेल ने कड़े आदेश जारी किए हैं।

दरअसल दिल्ली के जामिया मीलिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन उस समय बड़ा हो गया, जब Whatsapp व Twiter पर अफवाह उड़ी कि पुलिस की गोली से 3 लोगों की मौत हो गई है। साइबर सेल ने ऐसे करीब 50 से अधिक व्हॉट्सएप ग्रुप की पहचान की है। पाकिस्तानी ट्विटर हैंडल से पोस्ट किए गये फर्जी विडियो को Retweet व Share करने वालों को भी Monitor किया जा रहा है। साइबर सेल ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए अफवाह फैलाने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है यदि Whatsapp पर किसी ने ग्रुप में भड़काऊ मैसेज और पोस्ट किया, तो मैसेज भेजने वाले के साथ-साथ ग्रुप एडमिन को भी दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

अब Group में धार्मिक उन्माद, पथराव, गोली से मौत की अफवाहों से जुड़े विडियो, तसवीरें या पोस्ट शेयर करने पर आप पर कार्रवाई होगी। ऐसे व्हॉट्सएप ग्रुप दिल्ली पुलिस की निगरानी में हैं, जो सामाजिक माहौल को बिगाड़ने के लिए या तो काम कर रहे हैं या बनाएँ जा रहे हैं। व्हॉट्सएप पर ग्रुप के मेंबर हैं या एडमिन, जिम्मेदार बनें। अगर आपको लगता है ग्रुप में अफवाह भरे मेसेज को वायरल किया जा रहा है, तो आप लोगों के मेसेज भेजने के राइट्स को अस्थायी तौर पर होल्ड कर दें। अगर आप ऐसा कोई कंटेट, जो जान माल के नुकसान या सामाजिक माहौल को बिगाड़ता है। उन्माद फैला रहा है। आप बिना वेरिफाई किए उसे शेयर कर रहे हैं, आपत्तिजनक रिएक्शन दे रहे हैं तो आपकी भी जवाबदेही तय है। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो शाँत न रहें और दिल्ली पुलिस के ट्विटर हैंडल @DCP_CCC_Delhi या साइबर सेल की साइट cybercrime.gov.in पर जा कर शिकायत दर्ज कराएँ और एक जिम्मेदार नागरिक बनें।

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