जानिए भारत की बेटियों की प्रेरणा स्त्रोत शूटर दादी क्यों हैं सबकी चहेती- जन्मदिन पर विशेष

Written by

सारी दुनिया में अपने देश का झंडा फहराने वाली शूटर दादी प्रकाशी तोमर का आज जन्मदिन है

 उम्र के जिस पड़ाव पर लोग विराम ले लेते हैं, दादी ने वहां से जिंदगी की नई शुरुआत की। घूंघट की ओट से ऐसा निशाना साधा कि दुनिया उनके कदमों में झुक गई। वो निशाना उस रूढ़िवादी सोच पर भी था जो औरत को दोयम दर्जे का समझती है।

पितृसत्तात्मक समाज में अपनी जगह बनाना बेहद मुश्किल था। घर और बाहर वालों के ताने कलेजे में तीर से चुभते थे पर दादी ने कान बंद कर लिए।  दादी का संघर्ष कनक बन चमका और लोगों के मुंह बंद हो गए। कल तक दादी जौहड़ी की थी आज जौहड़ी दादी का है। इसलिए चंद्रो तोमर का घर ढूंढने के लिए किसी पुरुष के नाम की जरूरत नहीं पड़ती। हर एक शख्स उनका पता जानता है। यही नहीं गांव के लोग बाहर जाकर दादी के नाम से अपना परिचय देते हैं। दादी की सोच से बेटियों की राह भी रोशन भी हुई। प्रकाशी देवी के बोर्ड के नीचे लिखा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बेटी खिलाओ महज एक स्लोगन नहीं बल्कि इस गांव की सच्ची तस्वीर है। सांड की आंख फिल्म से दादी पहचान बड़ी है लेकिन जिसकी चमक हर बेटी की आंख में है।

घर में सब रोकते थे। मैं कान बंद करके लगी रही। बड़ा परिवार था। रात 12 बजे के बाद जग लेकर प्रैक्टिस करती। सहनशक्ति बड़ी चीज है। मुझे यू दिखानी थी कि एक औरत भी सब कुछ कर सके। जो लोग धज्जियां उड़ाया करते थे, वे अब तारीफ करते हैं। 

शूटर दादी का बेटियों को संदेश

सहनशक्ति और हिम्मत के साथ आगे बढ़ो। मैं बुढ़ापे में कर रही, तुम क्यों नहीं कर सकती। मैंने घूंघट में रहकर किया, तुम तो आजाद हो। तुम्हारे पास समय भी है। खेलो और देश के लिए मेडल लाओ।

उनके करियर की शुरुआत साल 1999 में हुई थी । उनकी बेटीसीमा तोमर , जोहरी राइफल क्लब में शामिल हो गईं , लेकिन अकेले जाने में संकोच कर रही थीं। शूटर दादी ने प्रोत्साहन के रूप में अकादमी में उनका साथ देने का फैसला किया। अकादमी में, कोच फारूक पठान और अन्य लोग उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने पहली बार में ही लक्ष्य को गोली मार दी। पठान ने उन्हें अकादमी में शामिल होने की सलाह दी, और तब से वह 25 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीत चुकी हैं। 

दो साल के प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने एक प्रतियोगिता में प्रवेश किया और वह प्रतियोगिता जीती।  

अपने करियर के दौरान, उन्हें कई सम्मान, पदक और ट्राफियां मिलीं, इसके अलावा सामाजिक सम्मान और भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा Stree Shakti Puraskar से सम्मानित किया गया।  शूटर दादी प्रकाशी तोमर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रपति भवन में 22 जनवरी 2016 को Icon Lady Award द्वारा सम्मानित किया गया था ।

Article Tags:
·
Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares