‘भारत’ बचाने निकले राहुल ने ‘सावरकर’ को छेड़ कर फिर दिया राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचय

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 14 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारत बचाओ आंदोलन के नाम पर कांग्रेस ने आज दिल्ली में जम कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस (CONGRESS) अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूरी मोदी सरकार पर हमला बोल दिया। जितनी भारी भीड़ थी, उतनी बड़ी संख्या भाषण देने वाले नेताओं की भी थी। सभी ने अपने-अपने हिसाब से मोदी सरकार की आलोचना के लिए शब्दों के बाण तैयार रखे थे, परंतु एक सुनियोजित दिशा में चल रहा यह आंदोलन राहुल गांधी की अपरिपक्व राजनीति के चलते सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) को उन पर हमला करने का अवसर दे गया।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB), जो अब अधिनियम (CAA) बन चुका है, पर मोदी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि मोदी शासन में देश का संविधान संकट में है। इसके साथ ही राहुल ने संसद में शुक्रवार को दिए अपने उस वक्तव्य के लिए क्षमा याचना करने से स्पष्ट मना कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत को रेप इन इंडिया की उपाधि दे दी थी। यहाँ तक तो ठीक था, परंतु जब राहुल ने क्षमा नहीं मांगने के अपने हठ के साथ इतिहास पुरुष वीर सावरकर का नाम जोड़ दिया, तो भाजपा के तेवर आक्रामक हो गए।

दिल्ली में पूरा राजनीतिक माहौल तो मोदी सरकार और भाजपा को घेरने के लिए खड़ा किया गया था, परंतु राहुल ने जब यह दिया, ‘मैं सावरकर नहीं, जो माफी मांगूंगा’, तो भाजपा के कान तुरंत खड़े हो गए। राहुल की राजनीतिक अपरिपक्वता ने भाजपा को बैठे-बैठाए मुद्दा दे दिया, जिसका उपयोग वह दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक करेगी, जहाँ शिवसेना स्वयं वीर सावरकर को भारत रत्न देने की बात करती है और राहुल की पार्टी कांग्रेस के साथ सत्ता में बैठी है।

सौ जन्म लेकर भी नहीं बन सकते सावरकर

भाजपा ने सावरकर के अंग्रेजों से माफी मांगने के इतिहास को छेड़ने वाले राहुल पर तत्काल अटैक किया। सबसे पहला वार केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। सिंह ने ट्वीट किया, ‘वीर सावरकर तो सच्चे देशभक्त थे… उधार का सरनेम लेने से कोई गांधी नहीं होता, कोई देशभक्त नहीं बनता… देशभक्त होने के लिए रगों में शुद्ध हिंदुस्तानी रक्त चाहिए। वेश बदल कर बहुतों ने हिंदुस्तान को लूटा है, अब यह नहीं होगा। यह तीनों कौन है ? क्या यह तीनों देश के आम नागरिक हैं?’’

भाजपा ने आधिकारिक रूप से भी राहुल के वक्तव्य पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता व सांसद जी. वी. एल. नरसिम्हा राव ने तो यहाँ तक कहा कि राहुल का नाम राहुल गांधी नहीं, राहुल जिन्ना होना चाहिए। राव ने ट्वीट किया, ‘आपके लिए (राहुल गांधी) अधिक उपयुक्त नाम राहुल जिन्ना है। आपकी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति और मानसिकता आपको सावरकर की नहीं, बल्कि मोहम्मद अली जिन्ना की योग्य वसीयतदार बनाती है।’जीवीएल नरसिम्हा राव ने अपने इस ट्वीट में कांग्रेस को भी टैग किया।

भाजपा के एक और प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी ट्विटर पर राहुल के विरुद्ध मोर्चा खोला। पात्रा ने ट्वीट किया, ‘राहुल गांधी अगर हज़ार जनम भी ले लें, तो भी राहुल ‘सावरकर’ नहीं बन सकते। हाँ, अगर नाम बदलना ही है, तो आज से हम उन्हें राहुल ‘थोड़ा-शरमकर’ के नाम से बुलाएँगे, जो व्यक्ति मेक इन इंडिया को रेप इन इंडिया कहता, हो उसके लिए यही नाम उचित है।’

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