झारखंड में भी झड़ गया कमल : भाजपा-एनडीए शासित राज्यों की संख्या घट कर 15 हुई

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 23 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। 7-8 महीने पहले भारी बहुमत के साथ केन्द्र की सत्ता में दोबारा वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP-बीजेपी) का राज्यों में साम्राज्य सिकुड़ता जा रहा है और इसी कड़ी में सोमवार को एक और राज्य जुड़ गया। हरियाणा में अपेक्षानुकूल प्रदर्शन नहीं करने के पश्चात् भी किसी तरह सत्ता बनाए रख पाने वाली और महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन करके पूर्ण बहुमत हासिल करने के पश्चात् भी सत्ता से बाहर हो चुकी भाजपा के हाथों से सोमवार को झारखंड भी खिसक गया। झारखंड में भी कमल का फूल झड़ गया और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM-झामुमो) के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन बहुमत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भाजपा को सत्ता से हाथ धोना पड़ रहा है, क्योंकि वह बहुमत के आवश्यक आँकड़े 41 से अत्यंत दूर रह गई है, जबकि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले जेएमएम गठबंधन ने शुरुआत में पिछड़ने के बाद लगभग निर्णायक बढ़त बना ली है। इसके साथ ही भाजपा को एक और राज्य में करारा झटका लगा है। इससे पहले हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा को 2014 के मुक़ाबले कम सीटें मिलीं, जिससे स्पष्ट था कि दोनों ही राज्यों में जनाधार घटा है। यद्यपि हरियाणा में तो भाजपा ने जोड़-तोड़ करके सरकार बना ली, परंतु महाराष्ट्र में शिवसेना के राजहठ के चलते गठबंधन के रूप में पूर्ण बहुमत हासिल करने के पश्चात् भी भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ा।

झारखंड विधान चुनाव 2014 में भी भाजपा का कमल झड़ता हुआ नज़र आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता, भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह की चाणक्य नीति और मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को जनता ने नकार दिया है। अब तक प्राप्त रुझानों के अनुसार भाजपा की सीटें 27 से 30 के बीच पर आकर अटक गई हैं, वहीं जेएमएम गठबंधन की सीटों का आँकड़ा 40-43 पर पहुँच गया है, जो बहुमत के लगभग क़रीब है। ऐसे में यह निश्चित हो गया लगता है कि झारखंड में अगली सरकार जेएमएम नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनेगी।

भाजपा-एनडीए शासित राज्यों की संख्या 15 पर सिमटी

झारखंड में सत्ता गँवाने के बाद अब देश में भाजपा या उसके सहयोगी दलों के गठबंधन के शासन वाले राज्यों की संख्या घट कर 15 रह गई है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, मिज़ोरम, नगालैण्ड, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। पिछले महीने ही महाराष्ट्र गँवाने से भाजपा के शासन वालों की संख्या 17 से घट कर 16 रह गई थी और आज झारखंड में भी कमल के झड़ जाने से भाजपा शासित राज्यों की संख्या घट कर 15 पर आ गई है।

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