कंगना से जाने-अनजाने में कौन-सा ऐसा अपराध हो गया, जो उन्हें जेल की हवा खिला सकता है ?

भारतीय जन प्रतिनिधि अधिनियम 1950 की धारा 17-18 के तहत कोई भी व्यक्ति एक ही निर्वाचन क्षेत्र में मतदान कर सकता है। यदि किसी मतदाता का नाम दो निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में पाया जाता है, तो यह एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए अपराधी पाए जाने वाले मतदाता को 1 साल तक की जेल भी हो सकती है।

यह बात हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि देश में इस समय लोकसभा चुनाव 2019 चल रहा है और चुनाव आयोग (EC) ऐसे मामलों पर विशेष नज़र रखता है, जिससे चुनाव में किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी को रोका जा सके। इस सबके बीच बॉलीवुड की बेबाक़ अभिनेत्री कंगना रणौत को लेकर ऐसा ही एक मामला सामने आया है। उनका नाम देश के दो निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में है। अब इसमें भूल ईसी की है या कंगना की, यह तो जाँच का विषय है, परंतु यदि भूल कंगना की निकली, तो वे कानूनन अपराधी सिद्ध हो सकती हैं।

क्या है पूरा मामला ?

बॉलीवुड क्वीन के नाम से प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रणौत का नाम दो निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में पाया गया है। यह रहस्योद्घाटन ईसी की ही एक वोटर हैल्पलाइन एप से हुआ है। चुनाव आयोग के डेटा से जुड़ी ऐप में कंगना रणौत का नाम सर्च करने पर पूरे देश में इस नाम के दो मतदाता होने का खुलासा हुआ। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के भांबला बस्सी मतदान केन्द्र की मतदाता सूची में कंगना रणौत का नाम दर्ज है, परंतु यही नाम मुंबई में बांद्रा वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के बीपीएम हाईस्कूल मतदान केन्द्र की मतदाता सूची में भी दर्ज है।

फर्क केवल इतना सा है कि हिमाचल प्रदेश में कंगना के नाम की स्पेलिंग कंगना रणौत है, जबकि मुंबई में कंगना रनौत दर्ज है। मुंबई की मतदाता सूची में उनके पिता का नाम अमरदीप रनौत दर्ज है, जबकि हिमाचल की मतदाता सूची में पिता का नाम मात्र अमरदीप दर्ज है। मुंबई में उनका पता खार का दर्ज है। कंगना रणौत की जन्म तारीख दोनों जगह एक ही है।

फर्क केवल इतना सा है कि हिमाचल प्रदेश में कंगना के नाम की स्पेलिंग कंगना रणौत है, जबकि मुंबई में कंगना रनौत दर्ज है। मुंबई की मतदाता सूची में उनके पिता का नाम अमरदीप रनौत दर्ज है, जबकि हिमाचल की मतदाता सूची में पिता का नाम मात्र अमरदीप दर्ज है। मुंबई में उनका पता खार का दर्ज है। कंगना रणौत की जन्म तारीख दोनों जगह एक ही है।

क्या कहा चुनाव आयोग ने ?

हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने कंगना का नाम दो जगह होने की जानकारी होने से इनकार किया है, परंतु साथ ही कहा है कि किसी भी मतदाता का नाम एक जगह ही होना चाहिये। इस मामले में यदि दो जगह नाम है, तो आयोग की ओर से उचित कार्यवाही की जायेगी। कंगना रणौत जैसी जानी-मानी हस्ती का नाम मतदाता सूची में दो जगह होने के खुलासे से सवाल यह पैदा हो गया है कि यह भूल ईसी से हुई है या कंगना से ? जो भी इस मामले में दोषी है, उसे सजा हो सकती है।

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