Budget 2018: ग्रामीण भारत को खुश करने की कोशिश में मोदी सरकार

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Rural Development

मोदी सरकार आज अपने कार्यकाल का पांचवा और अन्तिम बजट (Budget 2018) पेश कर रही है। यही वजह है कि सरकार की कोशिश इस बजट को पूरी तरह से लोकलुभावन बनाने की है, ताकि अगले चुनावों में इसका फायदा मिल सके। इसी योजना के तहत सरकार ने इस बार बजट में ग्रामीण इलाकों पर खासा ध्यान दिया है। बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में घोषणा की है कि ग्रामीण इलाकों के विकास (Rural Development) में 14.34 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

फसलों का न्यूनतम मूल्य बढ़ाया

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 14.34 लाख करोड़ रुपए की मदद से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर (Rural Development) पैदा किए जाएंगे। इसी के साथ सरकार ने एक बड़ी घोषणा के तहत ऐलान किया है कि किसानों को खरीफ की फसलों का न्यूनतम मूल्य लागत मूल्य से डेढ़ गुना बढ़ाकर दिया जाएगा। सरकार 2 करोड़ शौचालयों का निर्माण भी कराएगी। इसके साथ ही किसानों को बिजली पानी की भी सुविधा बेहतर की जाएगी।

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Rural Development में क्या होगा खास

उल्लेखनीय है कि साल 2016-17 में भारत में अनाज का उत्पादन रिकॉर्ड 275 मिलियन टन हुआ है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कृषि क्षेत्र को एक उद्योग के रुप में विकसित कर इससे ज्यादा से ज्यादा इन्कम की जा सके। अरुण जेटली ने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कृषि ऋण बढ़ाकर 11 लाख करोड़ रुपए करने की योजना बनायी है।

इसके साथ ही सरकार ने “ऑपरेशन ग्रीन” योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत सरकार 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। वहीं सरकार कृषि-बाजार डेवलेपमेंट फंड के तहत 2000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस फंड को खेती से संबंधित बाजारों के विकास पर खर्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत सरकार 2600 करोड़ रुपए देगी। मछली पालन और पशुपालन के लिए सरकार ने 10000 करोड़ रुपए का कोष बनाया है।

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