बजट के कारण भाजपा को दक्षिण भारत में लग सकता है बड़ा झटका !

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Budget 2018 - TDP

2019 के लोकसभा चुनावों में जीत की उम्मीद पाले बैठी भाजपा को दक्षिण भारत में झटका लग सकता है और इस झटके का कारण हालिया बजट होगा। बता दें कि NDA की सहयोगी तेलगु देशम पार्टी (TDP) ने मौजूदा बजट (Budget 2018) पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। टीडीपी चीफ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू का कहना है कि हालिया बजट में आंध्र प्रदेश की बुरी तरह से अनदेखी की गई है। यही वजह है कि TDP ने आज कैबिनेट बैठक बुलायी है। इस बैठक में भाजपा के साथ संबंधों पर चर्चा की जाएगी।

Budget 2018 से बढ़ी रार

उल्लेखनीय है कि साल 2014 में आंध्र प्रदेश से टूटकर तेलंगाना का निर्माण हुआ, जिस वजह से आंध्र प्रदेश को बड़े स्तर पर राजस्व घाटा उठाना पड़ा। वहीं दूसरी ओर चंद्रबाबू नायडू की सरकार को राज्य की नई राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए भी बड़ी धनराशि की जरुरत है। ऐसे हालात में राज्य सरकार को केन्द्रीय बजट (Budget 2018) से काफी उम्मीदें थी, लेकिन बजट से चंद्रबाबू नायडू नीत TDP सरकार को बड़ा झटका लगा है। यही कारण है कि टीडीपी-भाजपा के साथ अपने गठबंधन पर फिर से विचार कर रही है।

बजट घोषणा के बाद चंद्रबाबू नायडू के बयान से उनकी निराशा साफ देखी जा सकती है। पत्रकारों से बातचीत में नायडू ने कहा कि “मैं गठबंधन धर्म के कारण अभी तक चुप हूं, साथ ही अपने सहयोगियों को भी मैंने भाजपा के खिलाफ कुछ भी बोलने से मना किया है। लेकिन, अगर वो (भाजपा) हमारा साथ नहीं चाहते हैं तो, मैं भी उन्हें नमस्ते बोलूंगा और अपने रास्ते निकल जाऊंगा।”

Budget 2018

YS Jagan Mohan Reddy से मिल रही कड़ी चुनौती

एक तरफ जहां टीडीपी सरकार पैसे की कमी से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी टीडीपी का सिरदर्द बनी हुई है। वाईएसआर के नेता YSR Jagan Mohan Reddy जिस तरह से आंध्र प्रदेश में घूम-घूमकर पदयात्रा कर रहे हैं, उससे TDP सरकार की नींद उड़ी हुई है। विपक्षी पार्टी का आरोप है कि TDP सरकार राज्य के लिए कुछ नहीं कर रही है। कोढ़ में खाज ये है कि सुपरस्टार पवन कल्याण ने भी राजनीति में उतरने की तैयारी कर ली है। ऐसे हालात में चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं।

अब चूंकि चंद्रबाबू नायडू मुश्किल में हैं तो इसका असर टीडीपी-भाजपा गठबंधन पर पड़ना स्वभाविक है। भाजपा की कोशिश जहां 2018-19 के बजट (Budget 2018) को लोकलुभावन बनाने की रही, लेकिन इस लोकलुभावन बजट ने भाजपा सहयोगियों को नाराज कर दिया है। देखने वाली बात होगी कि साल 2019 में भाजपा को इसका कितना नुकसान होगा ?

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