BUDGET 2019 : ऐसा होगा पीएम मोदी के सपनों का NEW INDIA

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* मोदी के NEW INDIA में सड़कों पर दौड़ेंगे इलेक्ट्रिक वाहन

* मोदी के NEW INDIA में अन्नदाता किसान बनेगा ऊर्जादाता

* डिजिटल बनेगा इंडिया, कैशलेस होगा लेन-देन

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 5 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार का पहला वार्षिक बही खाता आज संसद में पेश हुआ। महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सवा दो घण्टे में जो बही खाता पढ़कर सुनाया, उसमें पीएम मोदी के सपनों के NEW INDIA की झलक देखने को मिली। बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों का परिचालन बढ़ाने के लिये एक ओर ई-वाहनों का जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया, वहीं सौर ऊर्जा का चलन बढ़ाने के लिये किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिये प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। इतना ही नहीं, कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये व्यापारियों और उद्योगकारों का डिजिटल पेमेंट की तरफ झुकाव बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है और वर्ष में 1 करोड़ की नकद रकम बैंक से निकालने पर 2 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है।

सड़कों पर दौड़ेंगे इलेक्ट्रिक वाहन

पिछली सरकार में घाटे की भरपाई करने के बाद अब मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में विकास योजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है। नई मोदी सरकार के शुक्रवार को सदन में पेश हुए वर्ष 2019-20 के DREAM BUDGET से तो यही फलित हो रहा है। अभी तक भारत में इलेक्ट्रिक कार सहित विविध वाहनों का चलन कुछ खास नहीं है। इसलिये सरकार ने ऐसे वाहनों के टैक्स को घटाकर 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दिया है, इससे ऐसे वाहनों के दाम घटेंगे और सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी संचालित वाहन, सोलर पैनल वाले वाहन और सीएनजी किट वाले वाहनों का चलन बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे लोगों का झुकाव इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने की ओर बढ़ेगा और सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ने से वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 1 रुपये प्रतिलीटर की कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर भी कोशिश की है कि लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख करें। वैसे बता दें कि सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के साथ ही बाजार में पेट्रोल-डीजल के दामों में 2-2 रुपये का इजाफा हो गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से विभिन्न वस्तुओं का ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा, जिससे सब्जियों समेत विविध वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा और चीजें महँगी होने की संभावना है।

मोदी सरकार-2 के पहले बही खाते में घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रिक सामान पंखा, लैंप आदि भी सस्ता हुआ है। इसके अलावा ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनिटरी वेयर, सेनिटरी नैपकीन, बोतल, कंटेनर, रसोई में उपयोग होने वाले बर्तन, गद्दा, बिस्तर, चश्मों की फ्रेम, बाँस का फर्नीचर, पास्ता, धूपबत्ती, नमकीन, सूखा नारियल आदि भी सस्ता हुआ है।

मोदी सरकार अन्नदाता को बनाएगी ऊर्जादाता

बही खाता पढ़ते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि गांधीजी कहते थे कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। इसीलिये उनकी सरकार का फोकस गाँव, गरीब और किसान पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं में सरकार सर्वाधिक निवेश को बढ़ावा देगी। 10 हजार नये किसान उत्पादक संघ बनाए जाएँगे। सरकार आयात का खर्च घटाना चाहती है, इसके लिये विभिन्न क्षेत्रों में आत्म निर्भर बनने का लक्ष्य है। भारत दलहनों के उत्पादन में आत्म निर्भर बन चुका है, अब तिलहन के मामले में आत्म निर्भर बनने पर जोर होगा। साथ ही डेयरी यानी दूध उत्पादन बढ़ाया जाएगा। अन्नदाता अब ऊर्जा दाता भी बनेगा। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाना सरकार का लक्ष्य है। किसानों की आय बढ़ाने के लिये उनके लिये व्यवसाय करना भी आसान बनाएँगे। किसानों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने के लिये उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का जोर होगा। सरकार उनके लिये ‘ज़ीरो बजट फार्मिंग’ को बढ़ावा देगी। इसके अंतर्गत सरकार पुरानी खेती परंपरा की तरफ वापसी करेगी, जिससे किसानों को कीटनाशक दवाइयों, रासायनिक खाद आदि के लिये कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिये फसलों का सही दाम देने के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन और अब सोलर पैनल स्थापित करके खुद बिजली का उत्पादक बनाने की दिशा में भी प्रयास करेगी। इससे किसानों को खेतों में सिंचाई के लिये बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और 6 घण्टे 8 घण्टे बिजली की भी कोई समस्या नहीं होगी। किसान अपने खेतों और घरों के लिये तो इससे बिजली पैदा करेंगे ही, साथ ही अतिरिक्त बिजली सरकार को बेचकर उससे कमाई भी कर पाएँगे।

कैशलेस लेन-देन के लिये डिजिटल पेमेंट पर जोर

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बजटीय भाषण में कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये डिजिटल पेमेन्ट की ओर लोगों का झुकाव बढ़ाने की भी बात कही। उन्होंने इस दिशा में एक कठोर कदम भी उठाया और कहा कि अब बैंक खातों से साल में एक करोड़ रुपये तक की नकद निकासी पर 2 प्रतिशत टीडीएस कटेगा। उन्होंने डिजिटल इंडिया के लिये बिज़नेस इन्क्यूबेटर की स्थापना करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता अभियान के अंतर्गत 2 करोड़ से अधिक लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया गया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिये इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। डिजिटल पेमेंट अधिक से अधिक स्थानों पर एक्सेप्ट किया जा रहा है। हर पंचायत को भी इंटरनेट से जोड़ने की बात की। बिज़नेस पेमेंट को कैशलेस करने की दिशा में सरकार असरकारक कदम उठाएगी। सरकार ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये एमडीआर चार्ज खत्म कर दिया है। अभी तक कार्ड आदि से पेमेंट करने पर ग्राहक और दुकानदार को एमडीआर चार्ज देना पड़ता था। यह चार्ज खत्म हो जाने से डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा।

इसी तरह सरकार ने एक नेशनल ट्रांसपोर्ट कार्ड बनाने की भी घोषणा की है। इसके तहत ट्रेन और बस के लिये यही कॉमन कार्ड बनेगा। यानी एक ही कार्ड से यात्री दोनों जगह पर यात्रा कर सकेंगे।

पैन कार्ड नहीं, आधार कार्ड से भी भर सकेंगे आईटीआर

पैन कार्ड नहीं अब आधार से करें आईटीआर फाइलिंग सरकार ने पैन कार्ड और आधार कार्ड दोनों को ही आईटी रिटर्न फाइलिंग के लिये मान्य किया है। इससे जिनके पास पैन कार्ड नहीं हैं, वह भी आधार कार्ड के आधार पर आईटी रिटर्न फाइल कर सकेंगे। इसी प्रकार जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, वह पैन कार्ड के आधार पर आईटी रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

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