चाबहार बंदरगाहः भारत का मास्टरस्ट्रोक

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Chabahar Port

कहा जा रहा है कि आने वाले वक्त में सभी देश सुरक्षा और व्यापार के लिए समुद्र पर ज्यादा निर्भर करेंगे। यही कारण है कि कई देश समुद्र में अपना प्रभाव बढ़ाने में लगे हैं। ऐसी ही कोशिश के तहत भारत ने हाल ही में बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल भारत ने पहली बार समुद्र के रास्ते अफगानिस्तान को गेंहू का निर्यात किया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।

 

भारत का मिलेगा जबरदस्त फायदा

 

बता दें कि चीन 46 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत से पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कोरिडोर (CPEC) का निर्माण कर रहा है। चीन इस प्रोजेक्ट की मदद से सेंट्रल एशिया और यूरोप के बाजारों में अपनी पहुंच बनाना चाहता है। इस प्रोजेक्ट से पाकिस्तान को भी बड़ा फायदा होने की उम्मीद जतायी जा रही है। लेकिन अब भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित कर चीन-पाकिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। दरअसल चाबहार बंदरगाह और पाकिस्तान का ग्वादर बंदरगाह आस-पास स्थित हैं। ऐसे में भारत इस बंदरगाह की मदद से इस क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान के प्रभाव को कम कर सकेगा, साथ ही भारत की पहुंच सेंट्रल एशिया और यूरोप के बाजारों तक हो सकेगी।

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अफगानिस्तान के लिए अहम

 

जैसा कि सभी जानते हैं कि अफगानिस्तान चारों ओर से विभिन्न देशों की सीमाओं से जुड़ा है। ऐसे में उसे व्यापार के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अफगानिस्तान की इस कमजोरी का पाकिस्तान ने बखूबी फायदा उठाया। एक तरफ जहां पाकिस्तान अफगानिस्तान को अपना माल ज्यादा दाम पर बेचता था, वहीं अपने फायदे के लिए तालिबान को भी समर्थन देता आया है। लेकिन अब भारत ने चाबहार बंदरगाह का निर्माण कर पाकिस्तान की इस मोनोपॉली को खत्म करने की ओर कदम बढ़ा दिया है। बता दें कि इससे पहले भारत का माल पाकिस्तान के रास्ते होकर सड़क मार्ग से अफगानिस्तान जाता था, जिसमें पाकिस्तान काफी परेशानी खड़ी करता था। लेकिन अब चाबहार बंदरगाह के शुरु हो जाने से भारत अपना माल समुद्र के रास्ते ईरान भेजकर और वहां से सड़क मार्ग से अफगानिस्तान भेज सकता है। हाल ही में भेजी गई गेंहू की खेप भी इसी रास्ते से भेजी गई है।

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इसका असर यह होगा कि भारत-अफगानिस्तान के बीच व्यापार बढ़ेगा और साथ ही भारत की पहुंच ईरान के रास्ते सेंट्रल एशिया, यूरोप के बाजारों तक हो जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से भी चाबहार बंदरगाह भारत के लिए बेहद अहम साबित होगा। दरअसल चीन और पाकिस्तान ग्वादर बंदरगाह की मदद से भारत को घेरने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब चाबहार बंदरगाह के शुरु हो जाने से भारत भी इस क्षेत्र में मजबूत हो सकेगा।

गौरतलब बात है कि जहां CPEC का निर्माण कार्य अभी तक चल ही रहा है, वहीं भारत ने चाबहार बंदरगाह का संचालन भी शुरु कर दिया है। ऐसे में यह भारत के लिए रणनीतिक रूप से बड़ी कामयाबी है और भविष्य में भारत को इससे काफी फायदा होने की उम्मीद है।

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