क्या चिदंबरम पिता-पुत्र ने घूस के पैसों से खड़ा किया था संपत्ति का साम्राज्य ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 21 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। प्रवर्तन निदेशालय यानी (ED) का दावा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम घूसखोरी के आरोपी हैं और उन्होंने आईएनएक्स (INX) मीडिया केस में घूस खाई थी। इतना ही नहीं, ईडी का यह भी दावा है कि घूस के पैसों से पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति चिदंबरम के साथ मिलकर स्पेन में टेनिस क्लब और यूके में कॉटेज समेत देश-विदेश में कई संपत्तियाँ खरीदी हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि पिता-पुत्र ने संपत्तियों का जो साम्राज्य खड़ा किया है, वह घूसखोरी से मिले पैसों का है।

प्रवर्तन निदेशालय इसी लिये पी. चिदंबरम को कस्टडी में लेकर पूछताछ करना चाहता है कि पिता-पुत्र ने देश-विदेश में जो संपत्तियाँ खरीदी हैं, उनके लिये उनके पास पैसे कहाँ से आये थे ? ईडी के मुताबिक स्पेन में टेनिस क्लब और यूके में कॉटेज जैसी संपत्तियाँ पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के नाम से 54 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी।

कैसे हुआ संपत्तियों का खुलासा ?

ईडी ने अक्टूबर-2018 में एक अटैचमेंट ऑर्डर पास किया था, जिसके मुताबिक पिता-पुत्र ने सारी संपत्तियाँ आईएनएक्स मीडिया केस में मिली रिश्वत के पैसों से खरीदी थी। यही कारण है कि ईडी ने पिता-पुत्र दोनों को ही अभियुक्त बनाया है। ईडी के साथ-साथ केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) भी पिता-पुत्र के विरुद्ध जाँच कर रहा है। ईडी आईएनएक्स मीडिया केस की जाँच कर रहा है, वहीं सीबीआई एयरसेल-मैक्सिस 2जी स्कैम केस की जाँच कर रहा है। दरअसल सीबीआई ने फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) के नियमों में की गई अनियमितता के आरोप में 15 मई-2017 को एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। एफआईआर में आरोप था कि एफआईपीबी ने आईएनएक्स मीडिया को 2007 में वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल में विदेश से 305 करोड़ रुपये की फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई-FDI) प्राप्त करने के लिये क्लियरेंस देने के लिये नियमों को ताक पर रखा गया था। वास्तव में कंपनी को 4.62 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट के लिये ही स्वीकृति मिली थी। इस एफआईआर के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करके जाँच शुरू की थी। ईडी का दावा है कि आईएनएक्स मीडिया की निदेशक इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी ने एएससीपीएल तथा कार्ति से जुड़ी संस्थाओं को 3.09 करोड़ रुपये दिये थे। पीटर ने जाँच के दौरान यह भी स्वीकार किया है कि कार्ति के निर्देश पर डेबिट नोट्स तैयार किये गये थे, ताकि कुछ ट्रांजैक्शन दिखाए जा सकें, जो कि वास्तव में कभी हुए ही नहीं थे। ईडी के अनुसार जाँच में कार्ति से जुड़े संस्थानों में आये पैसे एएसपीसीएल के पास पहुँचने के प्रमाण मिले हैं। ईडी के अनुसार एएसपीसीएल को मिले पैसे निवेश किये गये और एएसपीसीएल ने वासन हेल्थ केयर के शेयर भी खरीदे थे। इनमें से कुछ शेयर बेचकर 41 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया था। पिता-पुत्र के विरुद्ध चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है और उनकी संपत्तियाँ भी अटैच की गई हैं।

चिदंबरम पिता-पुत्र की अटैच की गई संपत्तियाँ

  • राजधानी दिल्ली के जोर बाग में स्थित पी. चिदंबरम का 16 करोड़ का बंगला
  • स्पेन के बार्सिलोना में खरीदी गई जमीन और टेनिस क्लब, कीमत लगभग 15 करोड़
  • इंडियन ओवरसीज़ बैंक (IOB) के चेन्नई स्थित नुंगाबक्कम ब्रांच में रखा कार्ति चिदंबरम का 9.23 करोड़ रुपये का फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD)
  • चेन्नई के ही डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक (DCB BANK) में कार्ति से जुड़ी कंपनी अडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (ASCPL) का 90 लाख रुपये का एफडी भी अटैच किया गया है।
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