गुजरात के ढाई करोड़ बच्चों का होगा संपूर्ण विकास : चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी कर रही शोध

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 19 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारतीय बच्चों के संपूर्ण विकास की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में गुजरात ने महत्वपूर्ण पहल की है। सूबे की सरकार ने बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिये आवश्यक शोध करने और उन शोधों के निष्कर्षों के आधार पर विकास योजनाएँ तैयार करके उन्हें लागू करने के लिये चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी (CHILDREN UNIVERSITY) की स्थापना की है, जो प्रदेश के 18 वर्ष तक की आयु वर्ग के लगभग ढाई करोड़ बालकों के सम्पूर्ण विकास के लिये काम कर रही है। यह यूनिवर्सिटी मुख्य रूप से 4 कार्य क्षेत्रों में काम करती है। संशोधन, शिक्षा, प्रशिक्षण और विस्तरण। यूनिवर्सिटी अपने भवनों तथा केन्द्रों के माध्यम से अपनी कार्य योजनाओं का संचालन और व्यवस्थापन करती है। पूर्णकालीन पाठ्यक्रम, दीर्घकालीन प्रकल्प और कार्ययोजनाओं के साथ-साथ कुछ अल्पकालीन संशोधन और पाठ्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।

पीएम मोदी का सपना अब होगा साकार

गुजरात की राजधानी गांधीनगर के सेक्टर 20 में स्थित चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी राज्य सरकार के उच्च शिक्षा एवं टेक्नीकल शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करती है। इस यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त उप-कुलपति हर्षद शाह ने युवाPRESS को बताया कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि देश का हर बच्चा महत्वपूर्ण (EVERY CHILD MATTERS) है। उन्होंने देश के हर बच्चे को स्वस्थ, सक्षम और सफल बनाने के लिये चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी का सपना संजोया था। इतना ही नहीं, जब पीएम मोदी गुजरात के सीएम थे, तब उन्हीं के कार्यकाल में जुलाई-2009 में चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी। हालाँकि कुछ तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण यह यूनिवर्सिटी लगभग 3 वर्ष तक सुषुप्तावस्था में रही और 2012 से यूनिवर्सिटी ने विधिवत् कार्यारंभ किया। इस बीच 2010-11 में प्रदेश सरकार की ओर से चलाए गये ‘वांचे गुजरात’ अभियान के प्रणेता और उपाध्यक्ष रहे हर्षद शाह को यूनिवर्सिटी का उप-कुलपति नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में यूनिवर्सिटी ने बच्चों के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिये बच्चों के पैदा होने से पहले से ही इस पर काम करने का निर्णय किया और स्वस्थ बालक पैदा हों तथा प्राकृतिक प्रसूति के लिये विवाहित जोड़ों को प्रेरित और प्रशिक्षित करने की शुरुआत की। गांधीनगर, भावनगर सहित लगभग 15 शहरों में शिविर लगाकर जोड़ों को वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी गई और उन्हें समझाया गया कि तीन माह तक ब्रह्मचर्य का पालन करने के बाद जोड़े शारीरिक सम्बंध बनाकर संपूर्ण स्वस्थ बालक को जन्म दे सकते हैं। इसी प्रकार 18 वर्ष तक की आयु के बालकों का शारीरिक और बौद्धिक विकास करने के लिये भी चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी विविध प्रकार के कार्यक्रम चला रही है।

भारतीय शिक्षा-दर्शन पर जोर, आध्यात्मिक विकास है लक्ष्य

हर्षद शाह के अनुसार बालकों के शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिये इस चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी में भारतीय शिक्षा और दर्शन पर आधारित सर्वक्षेत्रीय विकास और शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं का संशोधन किया जाता है। बालकों का आध्यात्मिक विकास यूनिवर्सिटी का परम लक्ष्य है। हर क्षेत्र में कुशलता के लिये व्यावसायिक कौशल विकास के सभी पहलुओं को भी छोटे-बड़े सभी संशोधनों में समाविष्ट किया गया है। शाह के अनुसार भारतीय बच्चों को वैश्विक सफलताएँ अर्जित करने के लिये सक्षम बनाने के लिये यह यूनिवर्सिटी तमाम प्रकार के आयोजनों को लागू करने में जुटी है। अभी इसकी शुरुआत गुजरात से हुई है। इसके बाद यूनिवर्सिटी का कार्यक्षेत्र विस्तारित करके राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का विचार है। तत्पश्चात् यूनिवर्सिटी को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

22-23 नवंबर को राष्ट्रीय परिसंवाद

यह बाल विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (SSUN) के साथ मिल कर ‘प्रारंभिक शिशु-देखभाल एवं विकास’ विषय पर गांधीनगर के सेक्टर-9 में स्थित गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (GFSU) में राष्ट्रीय परिसंवाद (NATIONAL SEMINAR) का आयोजन किया गया है। उद्घाटन समारोह में राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ासमा और शिक्षा विभाग की अग्र सचिव अंजू शर्मा उपस्थित रहेंगे, जबकि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (NIOS) के अध्यक्ष प्रा. चंद्रभूषण शर्मा, एसएसयूएन के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी-सूरत के पूर्व उप कुलपति प्रा. आर. जी. कोठारी, नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला संस्थान के सदस्य सचिव प्रा. सच्चिदानंद जोशी, ध्यान बाल-गर्भ संस्कार-गर्भ शिक्षण कार्यक्रम की संस्थापिका डॉ. कल्याणी नायडू, विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के सचिव अवनीश भटनागर, एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो परिसंवाद के वक्ता होंगे। परिसंवाद के समापन समारोह में गुजरात की शिक्षा राज्यमंत्री विभावरी दवे तथा विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के उपाध्यक्ष दिलीप बेतकेकर उपस्थित रहेंगे। वक्ताओं के वक्तव्यों का एक सोविनियर भी प्रकाशित किया जाएगा तथा चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के कार्यों तथा आयोजनों को जन-जन तक पहुँचाने के लिये व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।

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