China eyes on Indian Ocean: समुद्र में अपनी ताकत क्यों बढ़ा रहा है चीन ?

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चीन की बढ़ती ताकत आज दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का सबब बन चुकी है। दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में दुनिया ने देखा है कि किस तरह से चीन दादागिरी कर इस समुद्री क्षेत्र पर अपना कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। अब आशंका जतायी जा रही है कि चीन हिंद महासागर (Indian Ocean) पर भी साजिश के तहत अपना प्रभाव जमा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इससे भारत को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

South China Sea में बनायी पकड़

बता दें कि दक्षिण चीन सागर में चीन का फिलीपींस (Philippines), मलेशिया (Malaysia), ब्रुनेई (Brunei), इंडोनेशिया (Indonesia), सिंगापुर (Singapore) और वियतनाम (Vietnam) जैसे देशों के साथ विवाद जारी है। दरअसल चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा पेश करता है, यही वजह है कि साउथ चाइना सी के अन्य देशों के साथ चीन का विवाद चल रहा है। दरअसल इस विवाद के पीछे चीन की समुद्र में अपना दबदबा बनाने की नीति काम कर रही है। दरअसल South China Sea से दुनिया का करीब एक तिहाई व्यापार होता है। आसान शब्दों में कहें तो South China Sea से हर साल 5000 अरब डॉलर का व्यापार होता है। ऐसे में चीन यहां से गुजरने वाले जहाजों को कंट्रोल कर आर्थिक रुप से इसका फायदा उठाना चाहता है। इसके साथ ही साउथ चाइना सी में तेल और गैस का विशाल भंडार होने का अनुमान जताया जा रहा है। यही वजह है कि चीन साउथ चाइना सी पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर रहा है।

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Indian Ocean पर China की नजर

साउथ चाइना सी पर प्रभाव बढ़ाने के बाद अब चीन हिंद महासागर (Indian Ocean) पर भी कब्जा करने की योजना पर काम कर रहा है। चीन ने हिंद महासागर में पहुंच वाले श्रीलंका (Sri Lanka), मालदीव (Maldives), अफ्रीका (Africa) के जिबूती बंदरगाह, बांग्लादेश (Bangladesh) और पाकिस्तान (Pakistan) के बंदरगाहों को लीज पर ले लिया है। चीन की इस नीति को String of Pearls का नाम दिया गया है, जिसमें चीन इन देशों को आर्थिक और सामरिक मदद देकर यहां अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। कई बंदरगाहों पर चीन अपने नौसैन्य अड्डे (Navy Base) भी स्थापित करने की योजना बना रहा है। यही वजह है कि चीन के इस कदम से भारत की चिंता बढ़ना स्वभाविक है। हालांकि भारत ने भी अब आसियान देशों को मदद पहुंचाकर चीन की इस चाल की काट खोजने की कोशिश की है, लेकिन यह चीन की तुलना में नाकाफी है।

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जिस तरह से दुनिया का सारा व्यापार समुद्र पर निर्भर हो रहा है। ऐसे में किसी भी देश की समुद्री ताकत उसकी अर्थव्यवस्था में अहम किरदार निभाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि चीन भविष्य में समुद्र की सबसे बड़ी ताकत बनने की कोशिश कर रहा है, ताकि पूरी दुनिया पर अपना दबदबा बना सके।

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