क्या माफीनामा मांगना केजरीवाल एक पोलिटिकल स्टेंड हैं ?

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Apology Political Stand

नई दिल्ली: किसी भी व्यक्ति पर बिना सबूत के आरोप लगा देना, गलती नहीं महा गलती के श्रेणी में आता है, क्योंकि उनके इस गलती के कारण से किसी व्यकित की छवी खराब हो सकती है जो कि गलत बात है। जिस समय किसी पर आरोप लगया जाता है और किसी को आरोपी बताकर तथा उसके छवी को खराब करने से पब्लिक का नेगेटीव इफेक्ट उस व्यक्ति के खिलाफ हो जाता है और इससे जिस पार्टी का वह व्यक्ति होता है उसके वोट बैंक में कमी आ जाती है। इसका सीधा साधा फायदा उस व्यक्ति पर होता है जिसने किसी पर आरोप लगया होता है। इसी चीज को ध्यान से देखने पर लगता है कि यह पोलिटिकल स्टेंड (Apology Political Stand) हो सकता है।

माफीनामा मांगना सही या गलत या फिर पोलिटिकल

अब सवाल यह उठता है कि यदि आपने जिस व्यक्ति पर आरोप लगया था उससे माफी मांग भी लेते हैं तो क्या? क्या आप दूबारा से उस व्यक्ति के पार्टी को वो वोट बैंक दिला सकते हैं जिसके कारण उसके पार्टी का नुक्सान हुआ था। यदि आप बड़े पद पर है तो आपको सोच समझकर ही किसी पर आरोप लगाना चाहिए न कि बेबुनियाद। किसी पर आरोप लगा देना किसा चीज का सोलुशन नहीं है बल्कि काम करना किसी चीज का सोलुशन होता है। आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि आपको जनता ने जिस जीज के लिए चुना है वह कार्य करें न कि किसी को अपने राजनीतिक फायेदे के लिए मोहरा बनायें।

बता दें कि वर्ष 2012 में Arvind Kejriwal द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) का निर्माण हुआ था। अरविन्द केजरीवाल वर्तमान में राजधानी दिल्ली के 7 वें मुख्यामंत्री (chief minister) है। साल 2013 दिसंबर में दिल्ली का चुनाव जीत कर मुक्यमंत्री का पद का सपत लिये थे। उस समय केजरीवाल जी वर्ष 2013 में दिसंबर से 2014 के 14 फरवरी (49 दिनों) तक ही मुक्यमंत्री के पद पर बने रहे थे। इसके बाद उन्होने ने पब्लिक के सपोर्ट से फिर से चुनाव जीतकर दूसरी बार मुखियामंत्री का पद हासिल किया था। साल 2006 में ‘रामों मग्सय्सय’ पुरस्कार से कैंपेन अगेंस्ट भ्रष्टाचार (Corruption) केजरीवाल को सम्मानित किया गया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई साफ़ दर्शाती है, कि दिल्ली भ्रष्टाचार मुक्त रखना चाहते हैं। लेकिन यह ताजा मामला जो कि माफीनामा (Apology Political Stand) है उससे यह पता चलता है कि ये अपनी लड़ाई को बीच में ही भलते जा रहे हैं जो कि गलत। आप जनता ने जिस चीज के लिए वोट दिया है वह कार्य कीजिए न कि किसी से माफी मांगना और उस पर बिन आधार के गलत आरोप लगाना। आप एक उच्च सवेधानिक पद पर है इसका मान रखें।

माफीनामा राजनीति स्टैंड (Apology Political Stand)

बार बार किसी भी नेता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा देना और उसकी मानहानि को ठेस पहुंचाकर अपने ऊपर केस दर्ज होने पर माफीनामा लेकर घूमना और अपनी झूठे बयाँ को सही साबित न हो पाने पर खुद की गलती बताकर सब सुलह करना कोई गलती नहीं हो सकती बल्कि एक सोची समझी साजिश भी हो सकती है। यह भाजपा (BJP) से चुनाव जीतने का एकमात्र बहाना भी हो सकता है। चुनाव में BJP के जीत जाने पर पोलिंग बूथ पर मशीन में खराबी होने से लेकर भ्रस्ताचार तक के सारे आरोप BJP पर लगाना क्या सही है, पहले किसी भी पार्टी को साबित करना चाहिए न कि आरोप लगाना चाहिए।

केजरीवाल का माफीनामा

एक और खबर अभी सुर्खियों में है कि पंजाब में अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया पर भी केजरीवाल ने झूठे आरोप लगाये थे, लेकिन जैसे ही मजेठिया के द्वरा फाइल किया गया मानहानि केस में हार जाने का डर सामने आ आने लगा तो केजरीवाल ने माफीनामा लिखकर मजीठिया से माफी मांग ली तो क्या इसे माफीनामा राजनीति स्टैंड (Apology Political Stand) नहीं कह सकते। इन सब को देखने से ऐसा लगता है कि उन्होने हारने का डर और कोर्ट में रोजाना जाकर समय खराब करने से अच्छा माफीनामा लिखकर माफी मांगना बेहतर समझा होगा। क्योंकि हो सकता है कि इससे उन्हें समय मिल जाये और कुछ और कार्यों करने का। हम सभी जानते हैं कि 2019 में लोकसभा चुनाव होना है और इसके लिए तो उन्हे पूरा टाइम चाहिए ही होगा।

बतां दे कि भारत के कई नेताओं ने CM Arvind Kejriwal पर मानहानि के आरोप लगाकर केस फाइल कर रखी है, जिसके वजह से केजरीवाल का ज्यादा समय अभी केस लड़ने में गुजर रहा है, ऐसा खुद आम आदमी पार्टी के द्वारा कहा है ये कुछ न्यूज सूत्रों से ज्ञात हुआ है। इस प्रकार का केस केजरीवाल के साथ पहली बार नहीं हो रहा है कि उन पर कोई केस दर्ज है।

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