अंग्रेजी का ‘मिलावटी जाल’ : ‘TEEN’ को समझा ‘TY’ और नहीं नीलाम हो पाई 80 साल पुरानी यह शानदार कार !

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 19 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। स्वर और उच्चार में समानता रखने वाली संस्कृत व हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं के बीच विदेशी भाषा अंग्रेजी कई बार लड़खड़ा जाती है। स्वर और उच्चारण में विविधता के चलते अंग्रेजी के कई शब्दों का अर्थ अनर्थ में बदल जाता है। अंग्रेजी के इस मिलावटी जाल का शिकार हाल ही में एक 80 साल पुरानी कार की नीलामी करने वाले भी बन गए। भारी उत्साह से आयोजित की गई नीलामी अंग्रेजी के मिलावट जाल में ऐसी उलझी कि कार की नीलामी ही नहीं हो सकी।

घटना है कैलिफोर्निया की, जहाँ गत शनिवार को 1939 में निर्मित एक अनमोल रेस कार की नीलामी का आयोजन किया गया था। जिस कार की नीलामी होनी थी, वह PORSCHE कंपनी की TYPE 64 कार थी। माना जा रहा था कि 80 साल पुरानी इस कार की नीलामी से लगभग 20 मिलियन डॉलर की आमदनी होगी। यदि ऐसा होता, तो यह टाइप 64 कार पोर्श कंपनी की अब तक की सबसे महंगी नीलाम होने वाली कार बन जाती, परंतु यह रिकॉर्ड बन न सका और इसका कारण था अंग्रेजी भाषा के स्वर व उच्चारण में भिन्नता।

आख़िर अंग्रेजी ने क्या किया बखेड़ा ?

पोर्श कंपनी की टाइप 64 की नीलामी का आयोजन ऑक्शन कंपनी RM Sotheby’s की ओर से किया गया था। इस खास रेस कार की नीलामी की शुरुआती बोली 13 मिलियन डॉलर रखी गई थी। चूँकि 13 को अंग्रेजी में THIRTEEN कहा जाता है, परंतु उच्चारण में हुई चूक के चलते नीलामी स्थल पर लगी स्क्रीन पर THIRTY यानी 30 मिलियन डॉलर दिखाया गया। स्क्रीन पर THIIR के साथ TEEN की जगह TY देख कर मौजूद दर्शक दंग रह गए, तो कुछ लोग हँसने भी लगे। इतना ही नहीं, इस एक चूक के बाद भी यह गलती जारी रही और बोली 14 (फोर्टीन) मिलियन डॉलर की लगती, तो स्क्रीन पर (फोर्टी) मिलियन डिसप्ले होता। यही स्थिति 15 (फिफ्टीन) की जगह 50 (फिफ्टी) और अंत में 17 (सेवेंटीन) की जगह 70 (सेवेंटी) मिलियन डॉलर वाली बनी रही। यद्यपि जब नीलामीकर्ता ने इस ग़लती को देखा, तो उसने उसे ठीक किया, परंतु उसके बाद बोली लगनी बंद हो गई और इस वजह से यह शानदार कार नीलाम नहीं हो पाई।

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