महाराष्ट्र में सत्ता की अधूरी कहानी : उद्धव के नाम की उद्घोषणा, पर कांग्रेस ने कहा, ‘अभी रुक जाओ’

Written by

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 22 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2019 का परिणाम आये अब एक महीना पूरा होने को है, मगर सरकार नहीं बन पा रही है। सत्ता के लिये साठगाँठ की गाँठ इतनी उलझी हुई है कि सुलझने का नाम ही नहीं ले रही है। गुत्थी सुलझाने की कवायद लगातार जारी है और सरकार बनाने के लिये शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर भी चल रहा है। शुक्रवार को भी तीनों दलों के नेताओं ने बैठक की, जिसमें दो घण्टे तक खूब मशक्कत की गई। इसके बाद बाहर निकले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनने की उद्घोषणा कर दी। इस उद्घोषणा ने उम्मीद जगाई कि अब महाराष्ट्र को सरकार मिल जाएगी, परंतु उम्मीद कुछ पल भी नहीं टिक पाई और कांग्रेस ने टंगड़ी अड़ा दी, कहा कि अभी सभी मुद्दों पर आम सहमति नहीं बन पाई है, इसलिये कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस प्रकार शुक्रवार की बैठक भी अधूरी रही। अब शनिवार को फिर तीनों दलों के नेता बैठक में गुत्थी सुलझाने की कसरत करेंगे।

कांग्रेस कुछ मुद्दों को लेकर संतुष्ट नहीं, शनिवार को फिर होगी चर्चा

महाराष्ट्र में पिछले महीने 21 अक्टूबर को विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हुए थे और 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित हुए थे। इसमें भाजपा और शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिये जनादेश मिला था, परंतु शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने को लेकर अड़ गये, जिसके चलते भाजपा-शिवसेना महायुति टूट गई। इसके बाद से ही प्रदेश में जोड़ तोड़ की राजनीति शुरू हो गई थी, जो अभी भी चल रही है। शिवसेना भाजपा से अलग होने के बाद विचारधारा में धुर विरोधी नेशनालिस्ट कांग्रेस पार्टी-एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को राजी हुई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों का दौर जारी है। इससे संभावना यह बनती दिख रही है कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस की मदद से प्रदेश में सरकार बनाने में सफल हो सकती है। यह संभावना शुक्रवार को तब और बढ़ गई, जब तीनों दलों के नेताओं के बीच दो घण्टे की मीटिंग के बाद बाहर निकले एनसीपी प्रमख शरद पवार ने ऐलान कर दिया कि मुख्यमंत्री पद के लिये शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति हो गई है तथा कई अन्य मुद्दों पर भी सहमति हो गई है। इस ऐलान से ऐसा लगा कि अब कदाचित रात को ही या शनिवार को तीनों दलों के नेता राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं, परंतु इसी बीच कांग्रेस ने एक बार फिर रोड़ा अटका दिया और सरकार बनने का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया।

अब बताया जा रहा है कि कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है अथवा कांग्रेस संतुष्ट नहीं है, इसलिये उसने रुक जाओ वाली नीति अपनाई है। कांग्रेस के अनुसार तीनों दलों के बीच सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हो रही है, परंतु बातचीत अभी भी पूरी नहीं हुई है। शनिवार को भी बातचीत जारी रहेगी। इससे साबित होता है कि महाराष्ट्र में सरकार की कहानी अभी भी अधूरी है। हालाँकि उम्मीद यह की जा रही है कि जल्दी ही तीनों दलों के नेता मुद्दों को सुलझा लेंगे और महाराष्ट्र को नई सरकार मिल जाएगी।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares