क्या राहुल ने यह नहीं कह दिया, ‘हाँ, मैं झूठा हूँ’ ? जानिए क्या है पूरा मामला ?

राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा कर पिछले एक वर्ष से अधिक समय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना उन्हें चोर कह रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज भरी अदालत में खेद जताया कि उन्होंने चुनाव प्रचार की उत्तेजना आकर कह दिया था कि चौकीदार चोर है।

राहुल गांधी ने यह खेद उच्चतम् न्यायालय (SC) में व्यक्त किया, जिसके 10 अप्रैल के एक फैसले का राहुल ने अपने हिसाब से अर्थघटन करते हुए पहले चरण के मतदान से चंद घण्टों पहले राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास किया था। राहुल ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से राफेल डील के लीक दस्तावेजों को वैध मान कर पुनर्विचार और उन पर सुनवाई करने का फ़ैसला सुनाया था, परंतु राहुल ने आवेश में आकर इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चौकीदार चोर है, चौकीदार ने चोरी कराई है।’

राहुल के इस वक्तव्य को अदालत की अवमानना मानते हुए भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी ने राहुल के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा था। आज अपने जवाब में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘हाँ, मैं मानता हूँ कि सुप्रीम कोर्ट ने कभी नहीं कहा कि चौकीदार चोर है। मेरी ओर से यह बयान चुनाव प्रचार के दौरान उत्तेजना में दिया गया था।’ राहुल गांधी ने इस मामले में अंडरटेकिंग देते हुए कहा, ‘आगे से मैं पब्लिक में कोई भी ऐसी टिप्पणी नहीं करूँगा, जब तक कि कोर्ट में ऐसी बात रिकॉर्ड में न कही गई हो।’ यद्यपि राहुल ने साथ ही यह भी कहा कि उनके शब्दों को विरोधियों ने ग़लत तरीके से पेश किया।

उल्लेखनीय है कि लेखी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने स्पष्ट कहा था, ‘हमने ये बयान (चौकीदार चोर है) कभी नहीं दिया है। हम ये साफ करना चाहते हैं कि जो भीविचार कोर्ट को लेकर मीडिया में कहे गए हैं, वे पूरी तरह ग़लत हैं। ’

स्मृति का राहुल पर करारा प्रहार

सुप्रीम कोर्ट में राहुल की ओर से खेद जताने के बाद केन्द्रीय मंत्री, भाजपा नेता और अमेठी लोकसभा सीट से राहुल गांधी को कड़ी चुनौती दे रहीं स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर करारा प्रहार किया।

स्मृति ने ट्वीट कर कहा, ‘झूठ के कपाल पर हुआ सत्य का प्रहार। चौकीदार को चोर कहने वाले राहुल गांधी ने आज स्वीकार किया कि वह खुद झूठे हैं। देशवासियों को बेवकूफ समझने वाले, प्रधानमंत्री और उच्च न्यायालय का अपमान करने वाले को जनता माफ नहीं करेगी।’

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