CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की कितनी संभावनाएं ?

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CPM leader sitaram yechury is with talks to oppositions to bring impeachment motion against CJI Dipak Misra in budget session. Congress chief Rahul Gandhi hesitate.

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के 4 सीनियर जजों द्वारा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा (CJI Dipak Misra) के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए जाने का मामला अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है। विशेष सूत्रों के मुताबिक इस मामले पर विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं। अगर विपक्षी दल एकजुट हो जाते हैं तो आगामी बजट सेशन में मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है।

बजट सेशन में महाभियोग प्रस्ताव लाने की कोशिश में विपक्ष

CPM नेता सीताराम येचुरी बजट सेशन में CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। न्यायपालिका विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। वक्त आ गया है कि कार्यपालिका इस मामले में दखल दे। 12 जनवरी को जब चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी तब जस्टिस जे चेलमेश्वर से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग चलाने के बारे में पूछा गया था। जवाब में उन्होंने कहा था कि यह फैसला देश को करना है। बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू हो रहा है। वित्तमंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को बजट पेश करेंगे। बजट सत्र का दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा।

कैसे लाया जाता है महाभियोग प्रस्ताव ?

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को महाभियोग प्रस्ताव लाकर ही उनके पदों से हटाया जा सकता है। महाभियोग प्रस्ताव दोनों में से किसी सदन में लाया जा सकता है। लोकसभा के 100 सदस्य अगर प्रस्ताव के पक्ष में दस्तखत करते हैं या राज्यसभा के 50 सदस्य प्रस्ताव के पक्ष में दस्तखत करते हैं तो जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। उच्च सदन (राज्यसभा) और निम्न सदन (लोकसभा) के सभापति के पास महाभियोग प्रस्ताव को खारिज करने का अधिकार होता है।

केवल राज्यसभा में पर्याप्त संख्या

वर्तमान CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर गौर करें तो निम्न सदन यानी लोकसभा में विपक्ष के पास बहुमत नहीं है। इसलिए यह प्रस्ताव केवल राज्यसभा में लाया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस के बिना राज्यसभा में भी तमाम विपक्षी दल मिलकर इस प्रस्ताव को नहीं ला सकते हैं।

महाभियोग प्रस्ताव पर संशय में कांग्रेस

महाभियोग प्रस्ताव लाया जाए कि नहीं इसको लेकर कांग्रेस संशय में है। दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर तक अपने पद पर बने रहेंगे। इस बीच कई अहम मामले में फैसले आने वाले हैं जिसका असर 2019 लोकसभा चुनाव पर दिखाई देगा। जस्टिस लोया की मौत का मामला, बाबरी मस्जिद विवाद, लव जिहाद मामला, आधार समेत कई महत्वपूर्ण मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। विपक्ष का मानना है कि CJI पर सरकार का दबाव है। कांग्रेस पार्टी महाभियोग प्रस्ताव को लेकर दो धड़े में बंटी है। कुछ नेता और कानूनी विशेषज्ञ इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं। जबकि राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं का कहना है कि एक शख्स के चलते न्यायपालिका पर सवाल खड़ा करना गलत होगा।

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