‘वायु’ का वमन : टल कर लौटा संकट, मॉनसून भी बना विकट !

अहमदाबाद, 15 जून, 2019 (युवाप्रेस.कॉम)। अरब सागर में उठे ‘वायु’ चक्रवात ने फिर एक बार अपनी दिशा बदल कर गुजरात पर संकट खड़ा कर दिया है। पहले इस वायु के सौराष्ट्र में पोरबंदर-वेरावळ के बीच समुद्र तट से टकराने की आशंका थी, जिससे होने वाले नुकसान से निपटने के लिए केन्द्र से लेकर गुजरात सरकार और प्रशासन ने सभी तरह की तैयारियाँ कर ली थीं, परंतु फिर वायु ने अपना रुख तट की बजाए समुद्र की ओर कर लिया। यह राहत की बात थी, क्योंकि वायु सौराष्ट्र में समुद्र तट से टकराए पोरबंदर, द्वारका और वेरावळ के निकट से गुज़र गया, परंतु लगता है कि यह वायु चक्रवात वमन करके ही शांत होगा।

केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान सचिव एम. राजीवन। (फाइल चित्र)

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MES) के अनुसार चक्रवाती तूफान वायु का संकट अभी टला नहीं है, क्योंकि वायु अपनी दिशा बदल कर अब कच्छ के समुद्री तट से टकरा सकता है। एमईएस सचिव एम. राजीवन ने बताया कि वायु संभवत: 16 जून को अपना रास्ता बदलेगा और 17018 जून को कच्छ तट पर दस्तक दे सकता है। ऐसे में अब प्रशासन को भी सौराष्ट्र तट पर वायु से निपटने के लिए कई गई तैयारियों का रुख कच्छ तट की ओर करना होगा। यद्यपि राहत की बात यह है कि वायु की प्रचंडता अब घट जाएगी। वायु कच्छ तट पर डीप डिप्रेशन के तौर पर टकराएगा।

मॉनसून के मार्ग की बाधा बना वायु

इस बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान वायु बाधा सिद्ध हुआ है। केरल में निर्धारित समय से सात दिन देरी से पहुँचे मॉनसून में वायु के कारण और अधिक विलंब होने की आशंका पैदा हो गई है। वायु चक्रवात के चलते मॉनसून अभी केरल और तमिलनाडु में ही अटका पड़ा है और आगामी दो-तीन दिनों तक इसके आगे बढ़ने की संभावना नज़र नहीं आ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि 2 दिन बाद मॉसून की प्रगति में थोड़ी हल-चल हो सकती है। यह पश्चिम बंगाल और सिक्किम होते हुए पूर्वी भारत की ओर रुख कर सकता है, परंतु उत्तर भारत में मॉनसून के आगमन में विलंब होने की संभावना है।

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