“महिलाओं का फुटबॉल मैच देखना इस्लाम विरोधी”

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fatwa darul uloom

दारुल ऊलूम (Darul Uloom) के एक वरिष्ठ मौलवी ने फतवा जारी करते हुए कहा है कि महिलाओं को फुटबॉल मैच नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह इस्लाम विरोधी है। मौलवी का कहना है कि महिलाओं द्वारा घुटनों तक नंगे पुरुषों को फुटबॉल खेलते देखना इस्लाम के नियमों के खिलाफ है और यह महिलाओं के लिए हराम है।

‘फुटबॉल मैच देखना बेशर्मी’

बता दें कि यह फतवा दारुल ऊलूम (Darul Uloom) के वरिष्ठ मौलवी मुफ्ती अतहर कासमी ने जारी किया है। मुफ्ती कासमी का कहना है कि पुरुषों को चाहिए कि वह अपनी बीवी को टीवी पर भी फुटबॉल मैच देखने से रोकें। शुक्रवार को दिए अपने उपदेश में मौलवी कासमी ने मुस्लिम पुरुषों पर नाराज होते हुए कहा कि क्या आपमें कोई शर्म लिहाज नहीं बची है ? क्या आपको अल्लाह का खौफ नहीं है ? जो आप अपनी पत्नियों को इस तरह (Soccer Match) की चीजें देखने देते हैं।

मौलवी अतहर कासमी ने कहा कि महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने की क्या जरुरत है ? वो फुटबॉल खिलाड़ियों की जांघें देखकर क्या करेंगी ? बता दें कि दारुल ऊलूम (Darul Uloom) एशिया में सुन्नी मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक है। यह संस्था करीब 150 साल पुरानी है और मुस्लिम जगत में अहम स्थान रखती है।

Darul Uloom

सऊदी अरब ने हटाया बैन

उल्लेखनीय है कि दारूल ऊलूम (Darul Uloom) के मौलवी का यह फतवा ऐसे वक्त में आया है, जब सुन्नी मुसलमानों के सबसे बड़े देश सऊदी अरब ने अपने यहां इसी महीनें महिलाओं के फुटबॉल मैच (Soccer Match) देखने पर लगी पाबंदी हटा दी है।

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