रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स से भविष्य के खतरों से निपटने के लिए विशेष तकनीके विकसित करने का आग्रह किया

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स को भविष्य के खतरों से निपटने के लिए नई और अनूठी तकनीकों को विकसित करने के लिए कहा है।

रक्षा मंत्री ने निजी क्षेत्र, निजी नवाचार, स्टार्ट अप्स और छोटे उद्योगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न का मजबूत स्तंभ बताया।

राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में डेफकनेक्ट सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अनूठापन सुनिश्चित करते हुए नई प्रौद्योगिकी विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार, सशस्त्र बल, निजी क्षेत्र, स्टार्टअप्स, छोटे उद्योग और विशेषज्ञ मिल कर मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि डेफकनेक्ट का दूसरा सम्मेलन भारतीय रक्षा स्टार्टअप्स की प्रगति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की पहल इनोवेशन और डिफेंस एक्सिलेंस से कई स्वदेशी तकनीक और प्रक्रियाएं विकसित की गई हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने स्टार्ट-अप्स से 380 करोड़ रुपये की 14 वस्तुओं की खरीद को मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने एक नई आसान और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया को भी मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया के अनुसार खरीद की प्रक्रिया लगभग 22 सप्ताह में पूरी कर ली जायेगी।

रक्षा मंत्री ने डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज यानी डिस्क-6 भी लॉन्च किया।

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