मौन’मोहन बोले तो कांग्रेस और अपनी सरकार की ही खोल दी कलई

Written by

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 17 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। जब पीएम नरेन्द्र मोदी गुजरात के सीएम और भाजपा के स्टार प्रचारक हुआ करते थे(वर्तमान में भी हैं), तब वे तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह को ‘मौन’मोहन सिंह कह कर संबोधित किया करते थे, क्योंकि डॉ. सिंह की छवि बहुत कम बोलने वाले पीएम की बन गई थी। अब महाराष्ट्र में आगामी 21 अक्टूबर को राज्य विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिये चुनाव प्रचार जोरों पर है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न अवॉर्ड दिलाने की माँग उठाई है तो इस पर एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह से प्रश्न पूछे गये तो उन्होंने प्रेस वार्ता में अपनी ही पार्टी और सरकार की क्लास ले डाली। केवल सावरकर ही नहीं, अपितु एनआरसी और बैंकिंग सिस्टम को लेकर भी उन्होंने जो कुछ कहा वो कांग्रेस के ही विरुद्ध गया। आइए जानते हैं डॉ. मनमोहन सिंह ने किस मुद्दे पर क्या कहा ?

कांग्रेस वीर सावरकर की खिलाफत करती है

कांग्रेस पार्टी वीर सावरकर की खिलाफत करती है और जैसे ही भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने के वादे को शामिल किया तो कांग्रेस मुखर रूप से इसके विरोध में सामने आ गई। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि वीर सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या के लिये आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ा था। तिवारी के दावे के अनुसार कपूर आयोग ने भी मामले की जाँच की थी और हाल ही में एक लेख में यह दावा भी किया गया था कि आयोग ने सावरकर को जिम्मेदार माना था। अब देश को भगवान ही बचाए। सावरकर को लेकर कांग्रेस का दृष्टिकोण उसके इस बयान से स्पष्ट हो जाता है। दूसरी ओर डॉ. मनमोहन सिंह का बयान पार्टी की विचारधारा से बिल्कुल उलट आया है। उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के लिये डाक टिकट जारी किया था। हालाँकि डॉ. सिंह ने अपनी बात को तुरंत कवर करने की भी कोशिश की और कहा कि हम हिंदुत्व की उस विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं, जिसके वीर सावरकर पक्षधर थे। अर्थात् एक तरफ कांग्रेस सावरकर को भारत रत्न जैसा देश का सबसे बड़ा सम्मान दिलाने की मांग पर देश को भगवान बचाये जैसा बयान दे रही है, वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. सिंह यह दावा करके कि इंदिरा गांधी ने सावरकर के सम्मान में डाक टिकट जारी किया था, अपनी ही पार्टी की कलई खोल दी।

इस मुद्दे पर विवाद को हवा मिली तो कांग्रेस छोड़ कर शिवसेना की प्रवक्ता बनी प्रियंका चतुर्वेदी ने भी देर नहीं लगाई और हवन में घी उड़ेलने वाला एक ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट में प्रियंका ने एक पत्र जारी शेयर किया है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय का है। इस पत्र में 20 मई 1980 की तारीख है और बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्ताक्षर हैं। पत्र में वीर सावरकर की जम कर तारीफ लिखी है।

मनमोहन ने कहा कि वे एनआरसी के खिलाफ नहीं हैं

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पर भी डॉ. सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये और कहा कि ‘मैं एनआरसी के विरुद्ध नहीं हूँ, परंतु एनआरसी पर हमारा कानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है। सिंह के अनुसार एनआरसी के संदर्भ में मानवता का पक्ष नहीं भूलना चाहिये।’ एक तरफ सिंह कहते हैं कि वे एनआरसी के विरुद्ध नहीं हैं, जबकि कांग्रेस एनआरसी का कड़ा विरोध करती आ रही है। यहाँ भी डॉ. सिंह ने अपनी पार्टी के विचारों से अलग बयान दिया।

सिंह ने स्वीकार की अपनी सरकार की गलती

प्रेसवार्ता में जब डॉ. सिंह से केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बैंकिंग सिस्टम को लेकर उन पर लगाये गये आरोपों के बारे में प्रश्न पूछे तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में जो हुआ सो हुआ, कुछ कमजोरियाँ थी, परंतु इस सरकार को हमारी कमजोरियों से सीखते हुए अर्थ व्यवस्था की समस्याओं से निपटना चाहिये था। यानी यहाँ भी सिंह ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार के समय में बैंकिंग सिस्टम और अर्थ व्यवस्था में कुछ कमजोरियाँ थी।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares