15 points में जानें e-way bill की प्रमुख बातें

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E-way bill to start from 1 February 2018 which will ease transportation of goods. Anyone can generate it on GSTN portal.

1 फरवरी से पूरे देश में माल परिवहन बेहद आसान हो जाएगा। इसके लिए सरकार e-way bill लागू करने जा रही है। ई-वे बिल लागू होने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्यों में माल परिवहन के लिए अलग-अलग transit bill की जरूरत नहीं होगी। ई-वे बिल को पूरे देश में accept किया जाएगा। सरकार और GSTN ने कहा कि electronic bill को लागू करने के लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं।

16 जनवरी से शुरू होगा Trial

E-way bill को GSTN (Goods and Services Tax Network) पोर्टल पर जाकर जेनरेट किया जा सकता है। 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी और 50 हजार से ज्यादा के अंतर्राज्यीय माल परिवहन के लिए इलेक्ट्रॉनिक बिल जरूरी है। 50 हजार से कम कीमत के माल का भी इलेक्ट्रॉनिक बिल जेनरेट किया जा सकता है। ई-वे बिल के लिए Suppliers का रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं है। 16 जनवरी से 31 जनवरी तक इलेक्ट्रॉनिक बिल का ट्रायल चलेगा।

कुछ राज्यों में प्रयोग जारी

वर्तमान में कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में e-way bill का प्रयोग जारी है। इन राज्यों में रोजाना 1.5 लाख इलेक्ट्रॉनिक बिल जेनरेट हो रहे हैं। आने वाले दो हफ्तों में सभी राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक बिल जेनरेट होना शुरू हो जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक बिल की सबसे बड़ी खासियत है कि सप्लायर इसे खुद जेनरेट कर सकते हैं। GSTN portal के अलावा मोबाइल एप्लीकेशन और ऑफलाइन SMS सर्विस से भी इसे जोड़ा गया है।

GST registration के बिना भी e-bill जेनरेट करना संभव

जिन Taxpayers का GST registration हो चुका है वे GSTN पोर्टल पर e-way bill जेनरेट कर सकते हैं। जिनका GST registration नहीं हुआ है उन्हें e-way bill जेनरेट करने के लिए अपना पैन और आधार नंबर देना होगा। सबसे बड़ी खासियत है कि इस बिल को Suppliers, Recipients और Transporters में से कोई भी जेनरेट कर सकता है। एक से ज्यादा ई-वे बिल बनाने पर Consolidated बिल जेनरेट होगा। ई-वे बिल में वाहन नंबर की सुविधा दी गई है। अगर किसी वजह से वाहन नंबर बदलता है तो बिल में इसे अपडेट किया जा सकता है। अगर माल ढुलाई नहीं करना है तो बिल जेनरेट होने के 24 घंटे के  भीतर इसे रद्द भी किया जा सकता है।

कुछ उत्पादों को इलेक्ट्रॉनिक बिल से छूट

कुछ उत्पादों के परिवहन के लिए इलेक्ट्रॉनिक बिल अनिवार्य नहीं है। फल, सब्जी, मछली और पानी जैसे उत्पादों को ई-वे बिल से छूट मिली है। इसके अलावा बैलगाड़ी, ठेला जैसी गाड़ियां जो मोटर से नहीं चलती है उसके लिए भी इलेक्ट्रॉनिक बिल जरूरी नहीं है। टैक्स ऑफिसर के पास अधिकार है कि वे किसी भी वक्त इलेक्ट्रॉनिक बिल की जांच कर सकेंगे। हालांकि जांच के बाद उन्हें इसके बारे में रिपोर्ट देना होगा। ट्रांसपोर्ट को आधे घंटे से ज्यादा नहीं रोका जा सकता है। ज्यादा देर रोकने पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

E-way bill से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

  1. 1 फरवरी से माल परिवहन के लिए इलेक्ट्रॉनिक बिल जरूरी।
  2. पूरे देश में एक्सेप्ट किया जाएगा ई-वे बिल।
  3. GSTN पोर्टल पर जाकर जेनरेट कर सकते हैं इलेक्ट्रॉनिक बिल।
  4. माल परिवहन के लिए ट्रांजिट बिल का झंझट खत्म।
  5. 50 हजार से ज्यादा कीमत के माल परिवहन के लिए ई-वे बिल जरूरी।
  6. कोई भी जेनरेट कर सकता है इलेक्ट्रॉनिक बिल।
  7. Suppliers, Recipients और Transporters में से कोई भी जेनरेट कर सकता है इलेक्ट्रॉनिक बिल।
  8. GST रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं।
  9. . GST रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर आधार और पैन नंबर देकर जेनरेट किया जा सकता है ई-वे बिल।
  10. E-way bill में वाहन नंबर डाला जा सकता है।
  11. ब्रेकडाउन या किसी दूसरी परिस्थिति में वाहन के नंबर अपडेट किए जा सकते हैं।
  12. 24 घंट के भीतर बिल को रद्द भी किया जा सकता है।
  13. फल, सब्जी, मछली और पानी जैसे उत्पादों को ई-वे बिल से छूट।
  14. बैलगाड़ी, ठेला जैसी गाड़ियां जो मोटर से नहीं चलती है उसके लिए इलेक्ट्रॉनिक बिल जरूरी नहीं।
  15. 30 मिनट से ज्यादा देर तक ट्रांसपोर्ट को रोकने पर कर सकते हैं शिकायत।
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