मंदी के बीच मोदी सरकार के लिये विश्व बैंक से आई ये अच्छी ख़बर : अब इस लिस्ट में शामिल होना भारत का है लक्ष्य

Written by

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 29 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। मंदी के वातावरण के बीच आलोचनाओं का सामना कर रही मोदी सरकार के लिये विश्व बैंक से एक अच्छी खबर आई है, जो जरूर सरकार को राहत पहुँचाएगी। विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में भारत को उन 20 देशों की लिस्ट में शामिल किया है, जिन्होंने कारोबारी सुगमता यानी ‘इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EASE OF DOING BUSINESS)’ में सबसे अधिक सुधार किया है। वैसे तो विश्व बैंक की इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस की फाइनल लिस्ट अगले महीने 24 अक्टूबर को जारी होगी, परंतु उससे पहले आई यह ख़बर सचमुच मोदी सरकार को बड़ी राहत का अनुभव कराएगी। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने ‘इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के चार क्षेत्रों में यानी बिज़नेस शुरू करने, दिवालियेपन का समाधान करने, सीमा पार व्यापार और कंस्ट्रक्शन की मंजूरी में बड़े सुधार किये हैं।

लघु-मध्यम उद्योगों के लिये किया सुधार

विश्व बैंक ने जिन टॉप-20 परफॉर्मर्स देशों की लिस्ट तैयार की है, उसमें मई-2019 को समाप्त हुए 12 महीने की अवधि के दौरान किये गये प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। विश्व बैंक के अनुसार लघु तथा मध्यम उद्योग अपना व्यवसाय बिना किसी परेशानी के कर सकें, इसके लिये इन देशों ने सुधार में सर्वाधिक प्रगति की है। विश्व बैंक का कहना है कि टॉप-20 सूची में शामिल देशों की ओर से लघु एवं मध्यम उद्योगों को व्यवसाय के लिये कोई आर्थिक आकर्षण नहीं दिया गया है। यह सूची केवल 10 विभिन्न नियामक क्षेत्रों में किये गये सुधार पर आधारित है।

टॉप-50 में आना है भारत का लक्ष्य

उल्लेखनीय है कि 2014 में जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी, उस समय भारत इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस की 190 देशों की सूची में 142वें स्थान पर था। मोदी सरकार के तीन वर्ष के कामकाज के बाद 2017 में भारत ने इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई और 100वें स्थान पर आ गया। इसके बाद अगले एक साल में 23 पायदानों का सुधार करके 2018 में भारत 77वें स्थान पर आ गया है। अब अक्टूबर 2019 में आने वाली सूची में देखने को मिलेगा कि भारत ने इस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है। वैसे भारत का लक्ष्य इस सूची में 50 के भीतर अपनी जगह बनाना है।

क्या है इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस ?

इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस का अर्थ है व्यापार की सुगमता। देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है, अर्थात् देश में कारोबार शुरू करने के लिये और उसे चलाने के लिये माहौल कितना अनुकूल है। इसे और आसान शब्दों में समझते हैं। यदि कोई कंपनी भारत में कोई कारोबार शुरू करना चाहती है और उसे बहुत कठिन प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ता है, सम्बंधित विभागों से अप्रूवल के लिये काफी चक्कर काटने पड़ते हैं, बिना रिश्वत दिये आसानी से कारोबार करने की मंजूरी नहीं मिलती है और बहुत सारे दस्तावेज बनवाने या सौंपने पड़ते हैं तो इसका सीधा-सा अर्थ यह है कि देश में बिज़नेस शुरू करना आसान नहीं है और ऐसे माहौल में उस देश की रैंकिंग बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है।

कैसे तैयार होती है रैंकिंग ?

विश्व बैंक ने 10 मापदंडों के आधार पर 190 देशों की सूची तैयार की है। यह सूची डूइंग बिज़नेस रैंकिंग डिस्टेंस टू फ्रंटियर (DTF) के आधार पर तय की जाती है। यह स्कोर दिखाता है कि वैश्विक मानकों पर अर्थ व्यवस्था कारोबार के मामले में कितना अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 2018 में भारत का डीटीएफ स्कोर 67.23 हो गया था, जो उससे पहले के वर्ष में यानी 2017 में 60.76 था।

रैंकिंग की गणना कैसे होती है ?

बिज़नेस की शुरुआत (STARTING A BUSINESS), बिजली कनेक्शन (GATTING ELECTRICITY), निर्माण के लिये परमिट (DEALING WITH CONSTRUCTION PERMIT), संपत्ति पंजीकरण (REGISTERING PROPERTY), ऋण प्राप्त करना (GETTING CREDIT), छोटे निवेशकों की रक्षा (PROTECTING MINORITY INVESTORS), करों का भुगतान (PAYING TAXES), सीमा पार व्यापार (TRADING ACROSS BORDERS), कॉन्ट्रैक्ट के नियम (ENFORCING CONTRACTS) और दिवालियेपन का समाधान करना (RESOLVING INSOLVENCY)। इन दस मापदंडों के आधार पर रैंकिंग सुनिश्चित की जाती है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने इनमें से चार क्षेत्रों में तेजी से सुधार किये हैं। ओवर ऑल देखा जाए तो भारत 2003-04 से अभी तक 48 सुधारों को लागू कर चुका है।

क्या है पाकिस्तान का हाल ?

वहीं यदि इस मामले में पाकिस्तान की स्थिति की बात करें तो उसने छह क्षेत्रों में सुधार किया है। इनमें बिज़नेस शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट्स के साथ डीलिंग, संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन, करों का भुगतान करना और सीमा पार व्यापार बढ़ाना शामिल है। पाकिस्तान 136वें स्थान पर है। इस सूची में सिंगापोर, डेनमार्क, हांगकांग, सबसे आगे हैं। म्यामांर, बांग्लादेश भी शामिल हैं। अमेरिका और चीन भी अग्र क्रम में सम्मिलित हैं।

Article Categories:
Indian Business · News

Comments are closed.

Shares