कंपनियों को लेकर बड़ा फैसला, इस आर्थिक संकट में एक साल तक नहीं होगा कोई Bankruptcy Process

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वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा कि इस Package में Land, Labour, Liquidity और Law पर जोर दिया गया है। आज भी इसके मद्देनजर महत्वपूर्ण एलान होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जान है तो जहान है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने कई एलान किए हैं। उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, आदि सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को आर्थिक सहायता दी गई। इसके लिए राज्य सरकारों और Food Corporation of India (FCI) ने भी काफी सहायता की है।

पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 20 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खातों में सीधी मदद भेजी गई। साथ ही निर्माण से जुड़े श्रमिकों के Accounts में भी सरकार ने पैसे डाले।

आज Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme, Health, Coronavirus के समय में Education के लिए उठाए गए कदम, Business, De-Criminalization of Companies Act, Ease of Doing Business (कारोबारी सुगमता), PSU, आदि पर सात बड़ी घोषणाएं होंगी।

पिछले कुछ महीनों में जो पहला कदम प्रधानमंत्री जी ने उठाया था, वो लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी 15,000 करोड़ रुपये की घोषणा थी। इसमें से 4113 करोड़ रुपये राज्यों को दे दिया गया है। Essential Goods पर 3750 करोड़ रुपये खर्च किए गए, Testing Labs और Kits के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च किए गए और Health Workers के लिए 50 लाख की Insurance की व्यवस्थी की गई। Aarogya Setu app को करोड़ों लोगों ने Download किया, जो BHIM UPI की तरह सफल रहा। भारत में आज एक दिन में 300 कंपनियों द्वारा 3 लाख से ज्यादा PPP Kit बनाई जाती हैं और लाखों N-95 Mask भी बनाए जाते हैं। ये संकट में अवसर ढूंढने का एक बड़ा उदाहरण है।

शिक्षा के क्षेत्र में Technology का उपयोग कैसे हो, इसके लिए कदम उठाए गए। HRD मंत्रालय ने इसको गंभीरता से लिया। DTH के जरिए इन लोगों तक पहुंचा जाएगा, जहां Internet की सुविधा नहीं है। शिक्षा प्रदान कराने के लिए तीन Channels को चिन्हित कर लिया गया है। 12 अन्य Channels को भी इसमें जोड़ दिया जाएगा। साथ ही Live Sessions का प्रसारण भी हो सके, इसका प्रावधान भी विशेषज्ञों के माध्यम से किया गया। राज्यों को चार घंटे का Education के लिए content देने को कहा गया है। 200 नई पुस्तकें भी जोड़ी गई हैं।

पीएम मोदी जी ने प्रवासी मजदूरों को अनाज दिया। वापस जाने के लिए ट्रेन का 85 फीसदी तक खर्चा केंद्र सरकार ने उठाया। MNREGA के लिए 61 हजार करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है। जिसमें अतिरिक्त 40 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि घर पहुंचे प्रवासी मजदूरों को काम मिल सके।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में हम जो कदम उठाने वाले हैं, उसमें ग्रामीण स्तर पर हम सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और महामारी की परिस्थिति में भी वो लड़ने की क्षमता रखेगा। इसके लिए सरकारी व्यय को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ाया जाएगा और संस्थानों के लिए Health and Wellness Centre को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ावा दिया जाएगा। जिला स्तर के अस्पतालों में भी कदम उठाए जाएंगे। Lab Network को मजबूत किया जाएगा और Public Health Labs को बनाया जाएगा। रिसर्च की वृद्धि ICMI के माध्यम से होगी।

PM E-Vidya Program की शुरुआत होगी। इसमें दीक्षा एजुकेशन के लिए E-Content उपलब्ध कराएगा। इसका नाम One Nation, One Digital Platform है। प्रति क्लास के लिए एक चिन्हित चैनल होगा, यानी One Class, One Channel Launch किया जाएगा। Radio का भी उपयोग किया जाएगा। दिव्यांगों के लिए भी विशेष कंटेंट उपलब्ध कराएंगे। 100 विश्वविद्यालयों को भी Online Class की अनुमति दी गई है।

जिस तरह MSME की परिभाषा बदलकर उनके लिए विस्तार किया गया, अब उन पर Bankruptcy की कार्रवाई ना हो इसके लिए न्यूनतम सीमा को एक लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी गई है। इससे MSME Sector को फायदा होगा। विशेष Bankruptcy Resolution Framework को IBC के 240 ए में जोड़ दिया जाएगा। एक साल तक Bankruptcy की कोई कार्रवाई शुरू नहीं होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक को आपराधिक सूची से हटा दिया जाएगा। पहले इसे आपराधिक रूप में देखा जाता था। जैसे CSR Reporting में कोई कमी रह गई या Board Report में छोटी मोटी कमी रह गई, Filing के समय Default हो गया, AGM में देरी हो गई, आदि। अब इन सबको Criminalization की सूची से हटा दिया गया है। इससे NCLT पर दबाव कम होगा। 7 Compoundable Offences को खत्म कर दिया गया है और पांच को Framework के रूप में लिया जाएगा। निजी कंपनियां अब विदेशों में शेयरों को सीधे List करा सकती हैं। यह भारतीय कंपनियों के लिए बड़ी घोषणा है।

भारत और दुनिया में कुछ दशकों में बड़े बदलाव आए हैं। इसलिए सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर भी नई नीति की जरूरत है। जनहित, राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर Strategic Sector की एक लिस्ट बनाई जाएगी। इससे बाहर जो कंपनियां रह जाएंगी, उनको Privatization का मौका दिया जाएगा, विलय किया जाएगा। PSE (Public Sector Enterprises) के Privatization का सही समय पर देखकर फैसला किया जाएगा। रणनीतिक क्षेत्रों में कम से कम एक सरकारी उपक्रम बना रहेगा। वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा कि सभी सेक्टर्स को निजी क्षेत्रों को खोला जाएगा। साथ ही सार्वजनिक उप्रकम भी बने रहेंगे।

राज्य और केंद्र की आय में भारी कमी आई है। इस समय में केंद्र ने खुले दिल के साथ राज्यों की मदद की है। अप्रैल में हमने डेवोल्यूशन ऑफ टैक्स के रूप में राज्यों को 46,038 करोड़ रुपये दिए। अप्रैल और मई में 12,390 करोड़ रुपये Revenue Deficit Grant के रूप में दिया गया। साथ ही अप्रैल के पहले हफ्ते में राज्यों को Advance Release of SDRF के रूप में 11,092 करोड़ रुपये दिए गए। 4113 करोड़ रुपये स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से दिए गए। वित्त मंत्री और अन्य अधिकारियों ने RBI से अनुरोध किया था कि राज्यों की Ways and Means Advances की Limit को बढ़ाया जाए। इसे 60 फीसदी बढ़ाया गया। एक तिमाही में राज्य Overdraft कितने रख सकते हैं, इसे 32 दिन से बढ़ाकर 50 दिन किया गया।

2020-21 के लिए राज्य जीएसडीपी (राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद) का 3 फीसदी या 6.41 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज ले सकते हैं। इसे बढ़ाकर 5 फीसदी किया जा रहा है। राज्यों ने इसकी मांग की थी जिसे मान लिया गया है। राज्यों ने अभी तक अपनी सीमा का केवल 14 फीसदी का उधार लिया है। 86 फीसदी की उनकी उधारी अभी भी बची हुई है। इससे राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद मिलेगी।

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