Economic Survey Report 2017-18 की प्रमुख बातें

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नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट सत्र के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017-18 (Economic Survey 2017-18) पेश किया। इस रिपोर्ट में देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के परिणाम और सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा पेश किया जाता है। इस रिपोर्ट को इकोनॉमी रिपोर्ट भी कहा जाता है। इस रिपोर्ट में आर्थिक सर्वेक्षण (Economic survey) के अलावा महंगाई, रोजगार, कृषि, उद्योग और आधारभूत संरचना के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। वित्तमंत्री ने कहा कि 2017-18 में ग्रोथ रेट 6.75 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि 2018-19 में इसके 7-7.75 फीसदी रहने का अनुमान है।

Indirect Taxpayers  की संख्या में 50 फीसदी बढ़ोतरी

GST लागू होने के बाद यह पहला इकोनॉमी रिपोर्ट (Economic survey) है। रिपोर्ट के मुताबिक इनडायरेक्ट टैक्स भरने वालों की संख्या में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी को चिंता का विषय माना गया है। क्रूड ऑयल की कीमत 12 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। आगे कहा गया कि GST, Recapitalization, FDI के नियमों में बदलाव और निर्यात में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है। गैर कृषि पेरोल में अच्छी तेजी के संकेत मिले हैं। साथ ही सरकार का फोकस रोजगार, मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि पर रहेगा। मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ रेट 8 फीसदी रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा 3.2 फीसदी रहने का अनुमान है यह सरकार के लिए चिंता का विषय नहीं है।

महंगाई दर 3.33 रहने का अनुमान

2017-18 में उपभोक्ता महंगाई दर 3.33 और थोक महंगाई दर 2.9 रहने का अनुमान है। निर्यात में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा भंडार 409.40 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पिछले साल 4.6 के तुलना में घटकर 3.2 पर पहुंच चुका है। कृषि विकास दर 2.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।

FDI 60 अरब डॉलर पहुंचा

रिपोर्ट (Economic Survey) में कहा गया है कि 2031 तक शहरी जनसंख्या 60 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। इसलिए शहरी विकास पर जोर देने की जरूरत है। FDI की बात करें तो 2016-17 के दौरान विदेशी निवेश में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष में कुल FDI 60.08 बिलियन डॉलर रहा। Ease of Doing Business की बात करें तो भारत ने 30 पायदान की छलांग लगाई है। भारत इस मामले में अब टॉप-100 देशों की लिस्ट में शामिल हुआ है।

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