देश के प्रत्‍येक नागरिक का होगा Digital Health Id और इसका Record सुरक्षित होगा-प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज Video Conference के माध्यम से Ayushman Bharat Digital Mission की शुरूआत की। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि इस Mission से देश में स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में आज का दिन बहुत अहम है, क्‍योंकि देश स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में एक नये चरण में प्रवेश कर रहा है। Ayushman Bharat Digital Mission गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के प्रत्‍येक नागरिक को एक Digital Health Id मिलेगी और Digital माध्‍यम से उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय की जयंती के अवसर पर तीन साल पहले देश में आयुष्‍मान भारत योजना की शुरूआत की गई थी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी व्‍यक्‍त की कि Ayushman Bharat Digital Mission की आज से देशभर में शुरूआत हो रही है। उन्‍होंने कहा कि भारत में 130 Crore Aadhaar numbers,118 Crore Mobile Users, 80 Crore Internet Users और 43 crore Jan Dhan bank accounts के साथ  लोगों से जुड़ने वाला दुनिया में सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा है। उन्‍होंने कहा कि डिजिटल बुनियादी ढांचे के कारण ही राशन के साथ-साथ प्रशासन भी आम लोगों तक पहुंच बना सका है। 

प्रधानमंत्री ने कहा है कि Arogya Setu App Covid Infection को फैलने से रोकने में सहायक साबित हुआ है और Co-Win Digital Portal ने 90 करोड़ से अधिक लोगों को कोविडरोधी टीका लगाने में अहम भूमिका निभाई। महामारी के दौरान Tele-Medicine का भी अभूतपूर्व विस्‍तार हुआ और E-sanjeevani के माध्‍यम से एक करोड़ 25 लाख लोगों ने इलाज के लिए परामर्श किया। उन्‍होंने यह भी कहा कि E-sanjeevani की सुविधा से दूर-दराज के हजारों लोग बड़े शहरों के डॉक्‍टरों से परामर्श कर पाये। प्रधानमंत्री ने Covid  के दौरान मदद  करने वाले Doctors, Nursesऔर अन्‍य Medical staff का आभार व्‍यक्‍त किया।

आयुष्‍मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना ने भी लोगों को मुफ्त और समय पर मदद पहुंचाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तक दो करोड़ से अधिक लोगों जिनमें आधी आबादी महिलाओं की है ने इस योजना का लाभ उठाया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत एक समग्र और समावेशी  स्‍वास्‍थ्‍य मॉडल पर काम कर रहा है जो सुरक्षित स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, किफायती और सुलभ उपचार उपलब्‍ध कराए। स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा पर अभूतपूर्व सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहले के सात-आठ वर्षों के मुकाबले अब बड़ी संख्‍या में डॉक्‍टरों और पैरा मेडिकल मानवशक्ति तैयार की जा रही है। देश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान और स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित अन्‍य संस्‍थानों का नेटवर्क स्‍थापित किया गया है और हर तीन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एक चिकित्‍सा महाविद्यालय स्‍थापित किये जाने पर काम किया जा रहा है। गांवों में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को सशक्‍त बनाने की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रो और आरोग्‍य केन्‍द्रों के नेटवर्क को और मजबूत बनाया जा रहा है। 80 हजार से अधिक ऐसे केन्‍द्र पहले ही स्‍थापित किये जा चके हैं।

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