लोकसभा चुनाव 2019 : पहला चरण 11 अप्रैल को, परंतु यहाँ तो शुरू हो गया मतदान, जानिए पहला VOTE किसने डाला ?

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिये आम मतदाता तो 11 अप्रैल से मतदान कर पाएँगे, परंतु क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में कुछ मतदाता ऐसे भी हैं, जो मतदान के दिन मतदान नहीं कर सकते। ऐसे मतदाताओं के लिए मतदान से पहले ही वोटिंग की व्यवस्था की जाती है। इसीलिए लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भी ऐसे मतदाताओं के मतदान की व्यवस्था की गई है और पहला वोट डाला है सुधाकर नटराजन ने।

इस अलग प्रकार की मतदान व्यवस्था में मतदान करने वाले मतदाताओं को सर्विस वोटर्स उन्हें कहा जाता है, जो आर्मी एक्ट 1950 के अंतर्गत आते हैं। यानी वो लोग जो आर्म्स फोर्सेज़ और अनार्म्स पुलिस फोर्सेज़ में हैं और अपने राज्य से बाहर तैनात हैं। ऐसे लोग भी इसके अंतर्गत आते हैं जो सरकार के लिये काम करते हैं और देश से बाहर अन्य देशों में तैनात हैं। ऐसे मतदाता इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिये मतदान नहीं कर पाते हैं, बल्कि सीक्रेट पोस्टल बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान करते हैं।

कहाँ पड़ा पहला वोट और किसने डाला ?

पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में सुदूर पूर्वी क्षेत्र में स्थित लोहितपुर में लोकसभा चुनाव 2019 के लिये पहला मतदान आयोजित हुआ। राजधानी दिल्ली से 2,600 किलोमीटर दूर स्थित लोहितपुर के एनिमल ट्रेनिंग स्कूल में शनिवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू किया गया था। यह मतदान यहाँ तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की यूनिट के लिये आयोजित किया गया था। इस यूनिट के जवानों ने सीक्रेट पोस्टल बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान किया। ATAS-ITBP के उप महानिरीक्षक (DIG) सुधाकर नटराजन ने लोकसभा चुनाव-2019 के लिये पहला वोट डाला।

देश में 30 लाख सर्विस वोटर्स

अरुणाचल प्रदेश के ही दूसरे हिस्सों में भी तैनात आईटीबीपी के अन्य यूनिट्स के लिये भी मतदान आयोजित किया गया। इस बार चुनाव आयोग (EC) ने अधिक से अधिक सर्विस वोटर्स को चुनाव से जोड़ने की दिशा में प्रयास शुरू किये हैं। इसके लिये आयोग ने जागरूकता अभियान भी चलाया। आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार किया और अधिक से अधिक सर्विस वोटरों से इस प्रक्रिया में अपना नाम शामिल करने का आह्वान किया था। आयोग के मुताबिक पूरे देश में लगभग 30 लाख सर्विस वोटर्स हैं, जो सीक्रेट पोस्टल बैलेट पेपर के जरिये मतदान करते हैं।

उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश अत्यंत दुर्गम इलाकों वाला प्रदेश है। यहाँ चुनाव आयोग की टीम को बहुत दुर्गम इलाकों में पहुंचकर मतदान केन्द्र स्थापित करने पड़ते हैं। अरुणाचल प्रदेश में पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होने वाला है, जिसके लिये आयोग को अपने अधिकारियों की टीमों को अभी से भेज देना पड़ा है। कई जगहों पर पहुँचने के लिये हवाई जहाजों की भी मदद लेनी पड़ी है।

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