युवाPress की ओर से Google को जन्मदिन की बधाई, सच मे इंटरनेट की दुनिया को बेहतरीन बनाता है Google

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रिपोर्ट : तारिणी मोदी / तुहिना चौबे

अहमदाबाद, 27, सितंबर 2019 (युवाPRESS)। मैंने अपने एक मित्र से कहा, मित्र मेरा मोबाइल देखा तुमने, मिल नहीं रहा, उत्तर में वह सहसा ही बोल पड़ा गूगल पर सर्च कर ले। बात हास्यास्पद है, परंतु है बिल्कुल सत्य। आज हम दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Global Organization of Orientated Group Language of Earth यानी Google पर इतना निर्भर हो चुके हैं कि अपनी हर समस्या का समाधान हम गूगल पर ही खोजते हैं। कहीं जाने के लिए रास्ता ढूँढना हो या विदेश में स्थित किसी जगह की जानकारी लेनी हो, सब कुछ गूगल से पूछते हैं। प्रश्न कोई भी करे उत्तर गूगल को ही देना पड़ता है। घर, दफ्तर, पार्क या दुनिया के किसी भी कोने में बैठे-बैठे हम किसी भी चीज़ की जानकारी गूगल से ले सकते हैं। किसी भी स्थान, व्यक्ति, फूल, फल, समाचार, पाठन सामग्री और यहाँ तक कि हम यह भी सर्च करते हैं कि कल वर्षा होगी या नहीं, परंतु क्या आप जानते हैं कि सब कुछ सर्च करने वाले गूगल को किसने सर्च किया? गूगल अब 21 वर्ष का हो चुका है। 26 सितंबर 1998 को एक रिसर्च परियोजना के दौरान लैरी पेज़ तथा सर्गेई ब्रिन ने गूगल की नींव रखी थी। गूगल बाबा, गूगल देवता और न जाने किन-किन नामों से हम गूगल को संबोधित करते हैं। युवा पीढ़ी तो गूगल के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती है। गूगल हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया है। गूगल न तो दिन देखता है और न ही रात, उसका काम तो बस हमारे पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देना ही है।

Doodle से Google को बधाई

अक्सर गूगल किसी के जन्मदिन, पुण्यतिथि या कोई अविष्कार से संबधित डूडल प्रकाशित करता है, परंतु आज गूगल ने स्वयं को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक Doodle प्रकाशित किया, जिसमें एक पुराने कम्प्यूटर पर उस दौर का एक सीपीयू, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस दिखाया गया है, जब कंप्यूटर की शुरुआत हुई थी साथ ही तस्वीर में ’98. 9. 27′ के रूप में अपने जन्मदिन का दिनांक यानी 27 सितंबर 1998 भी दर्शाया है। आज इंटरनेट सर्च इंजन के की दुनिया में गूगल सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। गूगल के आविष्कार के समय इसका नाम Googol रखा गया था, जिसका अर्थ है 1 के बाद 100 शून्य। गूगल का उद्देश्य बड़ी मात्रा में लोगों को जानकारी प्रदान करना था, परंतु एक वर्तनी की ग़लती के कारण Googol की जगह Google शब्द की उत्पति हुईं, जो आज पूरी दुनिया में विख्यात हो चुका है अपने अथाह जानकारी के सागर के लिए।

गूगल एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो इंटरनेट से संबंधित सेवाओं का उत्पादन करती है। गूगल की सेवाओं में ऑनलाइन विज्ञापन प्रौद्योगिकी, खोज इंजन, क्लाउड कंप्यूटिंग, सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर शामिल हैं। इसे अमेज़न, एप्पल और फेसबुक के साथ बिग फॉर टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक माना जाता है। जनवरी-1996 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने अपने एक शोध परियोजना के रूप में Google की शुरुआत तब की, जब वे कैलिफोर्निया में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे थे। गूगल परियोजना में अनौपचारिक रूप से स्कॉट हसन नामक प्रमुख प्रोग्रामर भी शामिल था, जिसने मूल Google खोज इंजन के लिए कोड लिखा था, परंतु Google से आधिकारिक तौर पर कंपनी के रूप में स्थापित हने से पहले ही हसन ने गूगल परियोजना छोड़ दी। उन्होंने कैलिफोर्निया में 4 सितंबर 1998 को निजी तौर पर आयोजित कंपनी के रूप में Google को पंजीकृत कराया।

लैरी और सर्गी ने कैलिफ़ोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में रखी थी ‘गूगल’ की नींव

लैरी और सर्गी जब कैलिफ़ोर्निया के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पीएचजी कर रहे थे तब उन्हें गूगल बनाने का विचार आया। उस समय पारम्परिक सर्च इंजन के माध्यम से वेब-पेज पर सर्च-टर्म की गणना से चीजों को ढूँढा जाता था। इस तकनीक को पेज रैंक (Page Rank) कहा जाता था, जिसे 1996 में आईडीडी इन्फ़ोर्मेशन सर्विसेस (IDD Information Services and GARI Software Associates) के रॉबिन ली ने रैंकडेक्स (RankDex) नामक एक छोटे सर्च इंजन को बनाया था, इसी तकनीक पर काम पेज और ब्रिन ने शुरुआत में अपने सर्च इंजन का नाम बैकरब रखा, क्योंकि यह सर्च इंजन रैंकडेक्स के आधार पर किसी साइट की वरीयता तय करता था। अंततः पेज और ब्रिन ने अपने सर्च इंजन का नाम गूगल रखा। शुरुआती दिनों में गूगल स्टैनफौर्ड विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अधीन google.stanford.edu नामक डोमेन से चला। गूगल के लिए उसका डोमेन नाम 15 सितंबर 1997 को पंजीकृत हुआ। 4 सितंबर 1998 को इसे एक निजी-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। गूगल कंपनी का पहला कार्यालय कैलिफोर्निया में मेनलो पार्क में पेज और ब्रिन के दोस्त के गराज में स्थापित हुआ। साथ ही उन्होंने स्टैनफोर्ड में पढ़ने वाले एक साथी क्रेग सिल्वर्स्टन को अपना पहला कर्मचारी नियुक्त किया। उसी दैरान गूगल को अपने पृष्ठ-वरियता (PageRank) तंत्र के पेटेंट की प्राप्ति हुई। यह पेटेंट आधिकारिक तौर पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय को सौंपा गया था और आविष्कारक के रूप में लॉरेंस पेज को सूचीबद्ध किया गया। 2003 में दो अन्य कार्यालयों को कम पड़ता देखते हुए, कम्पनी ने अपना वर्तमान कार्यालय सिलिकॉन ग्राफ़िक्स से लीज़ पर लेकर चालू किया। गूगल का यह कार्यालय परिसर गूगलप्लेक्स (Googolplex) के नाम से जाना जाता है। 3 वर्ष पश्चात्, गूगल ने 319 मिलियन डॉलर में सिलिकॉन ग्राफ़िक्स से अपना कार्यालय परिसर खरीद लिया। अब गूगल आम भाषा में प्रयोग किया जाने वाला शब्द बन गया था। यही कारण था कि गूगल को मेरियम वेबस्टर शब्दकोश और ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोश में “जानकारी प्राप्त करने के लिए गूगल सर्च इंजन का प्रयोग” की परिभाषा से शामिल कर लिया गया।

2001 से गूगल ने मुख्यत: लघु उद्यम पूंजी कंपनियों पर अपना ध्यान केंद्रित किया। 2004 में गूगल ने कीहोल, निग को अधिकृत किया। उस समय कीहोल ने अर्थ व्युवर नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया था, जो पृथ्वी का त्रिआयामी दृश्य प्रदर्शित करता था। 2005 में गूगल ने इसे गूगल अर्थ का नाम दिया। 2007 में गूगल ने ऑनलाइन विडियो साइट यूट्यूब को 1.65 अरब डॉलर में खरीदा। 13 अप्रैल 2007 को गूगल ने डबलक्लिक नामक कम्पनी को 3.1 अरब डॉलर में अधिकृत किया। इस अधिग्रहण से गूगल को डबलक्लिक के साथ-साथ उसके वेब प्रकाशकों और विज्ञापन एजेंसियों से अच्छे संबंधन स्थापिक हुए। उसी वर्ष गूगल ने 50 मिलियन डॉलर में ग्रैंडसेंट्रल को खरीदा, इसे बाद में गूगल वॉयस का नाम दिया गया। 5 अगस्त 2009 को गूगल ने अपनी पहली सार्वजनिक कंपनी वीडियो सॉफ्टवेयर निर्माता ऑन 2 टेक्नोलॉजीज़ को 106.5 मिलियन डॉलर में अधिकृत किया। गूगल ने मोबाईल विज्ञापन बाज़ार को देखते हुए, “एड्सेंस फॉर मोबाईल” चालू किया। विज्ञापन जगत में अपनी पहुँच बनाने के लिए गूगल ने न्यूज़ कॉर्पोरेशन के फॉक्स इंटरएक्टिव मीडिया के लोकप्रिय सामाजिक नेटवर्किंग साइट माइस्पेस के साथ 900 मिलियन डॉलर का समझौता किया। गूगल विश्वभर में फैले अपने डाटा-केन्द्रों से दस लाख से ज़्यादा सर्वर चलाता है और दस अरब से ज़्यादा खोज-अनुरोध तथा चौबीस पेटाबाईट उपभोक्ता-सम्बन्धी जानकारी (Data) संसाधित करता है। गूगल की सन्युक्ति के पश्चात् इसका विकास काफ़ी तेज़ी से हुआ है, जिसके कारण कम्पनी की मूलभूत सेवा वेब-सर्च-इंजन के अलावा, गूगल ने कई नये उत्पादों का उत्पादन, अधिग्रहण और भागीदारी की है। कम्पनी ऑनलाइन उत्पादक सौफ़्ट्वेयर, जैसे कि जीमेल ईमेल सेवा और सामाजिक नेटवर्क साधन, ऑर्कुट और हाल ही का, गूगल बज़ प्रदान करती है। गूगल डेस्कटॉप कम्प्युटर के उत्पादक सोफ़्ट्वेयर का भी उत्पादन करती है, वेब ब्राउज़र गूगल क्रोम, फोटो व्यवस्थापन और सम्पादन सोफ़्ट्वेयर पिकासा और शीघ्र संदेशन ऍप्लिकेशन गूगल टॉक। आज गूगल 100 भाषाओं में सामग्रियों को ढूँढ सकता है। अक्टूबर 2016 के अनुसार गूगल के 40 देशों में 70 कार्यालय स्थापित हैं। गूगल, एप्पल, अमेज़न, फेसबुक जैसी चार बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शुमार है। इतना ही नहीं, Alexa एक कमर्शियल वेब ट्रैफिक मॉनिटयरिंग कंपनी ने Google.com को दुनिया में सबसे ज्यादा विजिट करने वाली वेबसाइट में शामिल किया है।

भारतीय मूल के सुंदर पिचाई की सफलता की पूरी दुनिया मिशाल देती है। गूगल कंपनी में नौकरी करना आज किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी उपब्धी है। सुंदर प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में गूगल के सर्च टूलबार को बेहतर बनाकर दूसरे ब्रॉउजर के ट्रैफिक को गूगल पर लाने का काम करते हैं। उनके सुझाव पर ही गूगल ने अपना ब्राउजर लॉन्च किया। 2008 से लेकर 2013 के दौरान सुंदर पिचाई के नेतृत्व में क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम की सफल लाँचिंग हुई। इसी के साथ सुंदर का नाम एंड्रॉयड मार्केट प्लेस से दुनियाभर में फैल गया। सुंदर पिचाई का पूरा नाम पिचाई सुंदरराजन है। उनका जन्म 12 जुलाई, 1972 को तमिलनाडू के मदुरई में एक निम्न मध्यम वर्ग के परिवार में हुआ था। उनके पिता एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। अपने पिता से प्रेरित होकर उन्होंनों भी टेक्नोलॉजी को अपना करियर बना लिया। अपने कार्यों के लिए सुंदर पिचाई को ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

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