VIDEO : यहाँ जानिए, क्यों पाकिस्तानी नेता गा रहे हैं ‘सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्ताँ हमारा’

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पाक पीएम इमरान खान की पूर्व पत्नी भी कर चुकी हैं नरेन्द्र मोदी की तारीफ

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 1 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। एक तरफ जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म होने के बाद से पाकिस्तान में बौखलाहट का माहौल है और वहाँ के नेता भारत तथा भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध दुनिया भर में भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं। दूसरी तरफ उसी पाकिस्तान के एक नेता भारत की तारीफों के पुल बाँधने से नहीं थकते। वह तो भारत का देश भक्ति गाना ‘सारे जहाँ से अच्छा, हिंदोस्ताँ हमारा’ भी बड़ी शान से गाते और सुनाते हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हाल ही में पाक पीएम इमरान खान की पूर्व पत्नी ने भी भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ करके इमरान खान को आइना दिखाने का काम किया था। पहले जानते हैं कि कौन हैं पाकिस्तानी नेता अल्ताफ हुसैन ? और वह क्यों हिंदुस्तान का गाना गा रहे हैं ?

मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक हैं अल्ताफ हुसैन

मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट भारत के बँटवारे के बाद भारत से पाकिस्तान गये ऊर्दूभाषी शरणार्थियों का राजनीतिक दल है। भारत से पाकिस्तान गये शरणार्थियों को वहाँ के स्थानीय लोग मुहाज़िर कहते हैं और उनके साथ भेदभाव करते हैं। अल्ताफ हुसैन ने कॉलेज समय के दौरान 1978 में ‘ऑल पाकिस्तान मुहाज़िर स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (APMSO)’ की स्थापना की थी। बाद में 1984 में यही ऑर्गेनाइजेशन मुहाज़िर कौमी मूवमेंट बन गई। इसके बाद 1997 में इस राजनीतिक दल ने अपना नाम बदलकर ‘मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट’ रख लिया। कराची में इस दल का बहुत तगड़ा आधार है। अभी यह दल सिंध प्रांत का दूसरा सबसे बड़ा और पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली में चौथा सबसे बड़ा सेक्युलर राजनीतिक दल है। अल्ताफ हुसैन पाकिस्तान की राजनीति में एक कद्दावर नाम है, जिसकी एक हुंकार पर कराची जल उठता है। पाकिस्तान की ओर से भारत पर अल्ताफ हुसैन को सपोर्ट करने के आरोप लगाये जाते रहे हैं। अल्ताफ हुसैन पाकिस्तान में मुहाज़िरों यानी भारत से पाकिस्तान गये मुसलमानों के हक के लिये लड़ने वाले नेता हैं और वह भारत के विभाजन के भी आलोचक हैं। उन्होंने शनिवार को एक ट्वीट करके कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र से पर्यवेक्षक भेजने की माँग करता है तो यूएन महासचिव एंटोनियो गुतेरस को चाहिये कि वह शहरी सिंध, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वाह और गिलगिट-बाल्टिस्तान में भी पर्यवेक्षक भेजें। इससे दुनिया को पता चलेगा कि पाकिस्तान में किस तरह से मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है।

पाकिस्तान के राजनेता अल्ताफ हुसैन को दुश्मन की तरह मानते हैं। पाकिस्तान के राजनीतिक दलों और सरकारों ने उन पर हत्या, हिंसा भड़काने, देशद्रोह और हेट स्पीच के आरोप लगाकर उन पर तथा उनकी पार्टी पर व्यापक कार्यवाही की, जिसके चलते अल्ताफ हुसैन ने 1992 में पाकिस्तान छोड़ दिया है और तब से ही वह लंदन में बस गये हैं, जहाँ से ही वह अपनी पार्टी का पूरा संचालन देखते हैं। 2015 में पाकिस्तान की एक अदालत ने अल्ताफ हुसैन को भगोड़ा घोषित कर दिया है और पाकिस्तान में अल्ताफ की तस्वीर, वीडियो या बयान आदि मीडिया में दिखाने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। दूसरी तरफ उन्हें शरण देने वाले ब्रिटेन का कहना है कि उन्हें अल्ताफ हुसैन के विरुद्ध ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, जिसके बलबूते वह कह सके कि अल्ताफ हुसैन ने किसी भी ब्रिटिश कानून का उल्लंघन किया है।

अल्ताफ हुसैन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • कनाडा के फेडरल कोर्ट ने 2006 में एमक्यूएम को आतंकी संगठन करार दिया
  • पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट ने 2015 में अल्ताफ की तस्वीर, वीडियो और बयान मीडिया में दिखाने पर बैन लगाया
  • पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में एमक्यूएम के 25 सांसद हैं और वह चौथी सबसे बड़ी पार्टी है।
  • अल्ताफ के पिता आगरा में भारतीय रेलवे में कार्यरत थे और नाई की मंडी इलाके में रहते थे।
  • विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था, जहाँ अल्ताफ का कराची में जन्म हुआ।
  • अल्ताफ को कराची में लोग बहुत पसंद करते थे और उन्हें पीर का दर्जा दिया था।
  • राजनीतिक हिंसा शुरू होने के बाद 1992 में अल्ताफ ने जान का खतरा बताकर पाकिस्तान छोड़ दिया और लंदन चले गये।
  • लंदन से ही पार्टी का संचालन करते हैं।
  • लंदन में शरणार्थी का जीवन जी रहे अल्ताफ को 2002 में एक क्लेर्किल मिस्टेक से ब्रिटिश नागरिकता मिल गई।
  • एक रिपोर्ट के अनुसार अल्ताफ पर भ्रष्टाचार समेत लगभग 3,576 केस दर्ज हैं।
  • 2015 में पाकिस्तान के एक कोर्ट ने हत्या समेत कई मामलों में 81 साल की सजा सुनाते हुए अल्ताफ को भगोड़ा घोषित किया है।

इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने क्या कहा ?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने भी इमरान सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना की और भारत के पीएम मोदी की तारीफ की। रेहम खान ने कहा कि पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था अपने सबसे खराब दौर से गुज़र रही है, आप क्या कर रहे हैं ? दूसरी तरफ भारत के पीएम मोदी ने अपने देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाया है, जिसके चलते कई देश भारत में निवेश कर रहे हैं और भारत से अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहते हैं। रेहम ने कहा कि मोदी जहाँ जाते हैं, वहाँ उन्हें सम्मान मिलता है। सऊदी अरब ने भारत में निवेश किया है, ब्रिटेन उनके साथ है, अमेरिका की भी भारत में दिलचस्पी है। उल्लेखनीय है कि इमरान खान और पत्रकार रेहम खान ने 2014 में शादी की थी। हालाँकि कुछ महीने बाद 2015 में ही दोनों का तलाक हो गया। रेहम इमरान की दूसरी पत्नी थी। तलाक के बाद से ही कई बार रेहम खान इमरान खान पर कई आरोप लगा चुकी हैं, उन्होंने कश्मीर को लेकर भी इमरान पर आरोप लगाया कि उन्होंने कश्मीर जानबूझकर बेच दिया। इमरान सरकार को मालूम था कि कश्मीर पर भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी बड़ा फैसला ले सकते हैं, इसके बावजूद उन्होंने कुछ क्यों नहीं किया ?

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