Infrastructure और Defence को मज़बूत बनाने पर दिया ज़ोर इकनोमिक पैकेज के चौथे चरण में

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वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा कि हम आठ क्षेत्रों को लेकर आपके सामने आए हैं। हमें कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना है। सिस्टम से जुड़े बड़े सुधार हमने किए हैं, जिसमें GST, IBC, Ease of Doing Business (कारोबारी सुगमता) से जुड़े सुधार, Power Sector से जुड़े सुधार, Tax System से जुड़े सुधार आदि शामिल हैं।

प्रत्येक मंत्रालय में Project Development Cell बनेगा, जो तय करेगा कि किस क्षेत्र में निवेश आ सकता है और कौन निवेश कर सकता है। निवेश करने वालों को दिक्कत नहीं आएगी। राज्यों की Ranking भी होगी कि निवेश को आकर्षित करने के लिए उनकी कौन सी योजनाएं हैं। New Champion Sectors जैसे Solar PV को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा कि Coal Sector में Commercial Mining होगी और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। Coal Production Area में आत्मनिर्भरता कैसे बने और कैसे कम से कम Import करना पड़े, इसपर काम होगा। ज्यादा से ज्यादा खनन हो सकेगा और देश के उद्योगों को बल मिलेगा। 50 ऐसे नए ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। पात्रता की बड़ी शर्तें नहीं रहेंगी।

Gasification के लिए भी काम किया जाएगा। Revenue Share में Rebate मिलेगा। इसके लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। Coal India Ltd. की खदानें भी निजी सेक्टर को दी जाएंगी।

Mineral Mining में निजी निवेश बढ़ाएंगे। Mineral में Exploration Mining Production System लाएंगे। नई व्यवस्था में 500 Mining Blocks उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें भी 50,000 करोड़ का खर्च Infrastructure पर होगा। Bauxite और Coal का Joint Auction होगा। इससे खनन में वृद्धि होगी और रोजगार सृजन होगा। Aluminium Industry को भी इससे लाभ मिलेगा। बिजली की लागत कम होगी। खनन भी बढ़ेगा। सालाना 40 फीसदी उत्पादन बढ़ेगा। Quotation in Commercial Terms लगभग 5,000 करोड़ रुपये के होंगे।

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए Make In India जरूरी है। इसके लिए कई कदम उठाए गए। साल दर साल हथियारों की List को Notify किया जाएगा और Import के लिए प्रतिबंध लगाया जाएगा। इनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा। इससे Defence Import Bill में भारी कटौती होगी, जिसका सीधा लाभ भारत में की उन कंपनियों को मिलेगा जो हिंदुस्तान में सैन्य सामान की आपूर्ति करेंगी। इस दिशा में जवाबदेही के लिए Ordnance factory board का Incorporation करने की बात हम कर रहे हैं ताकि कामकाज में सुधार हो।

समयबद्ध रक्षा खरीद के लिए सरकार कदम उठाएगी। इसके साथ ही Trial and Testing Process को बेहतर बनाया जाएगा। रक्षा उत्पादन में Foreign Direct Investment (FDI) Limit 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी जाएगी।

Civil Aviation Sector को लेकर तीन कदम हैं। भारतीय नागरिक विमानों को लंबे रास्ते लेने पड़ते हैं। भारतीय हवाई क्षेत्र को सुगम बनाने के लिए Military Affairs Department के साथ समन्वय करके इसको दो महीने के अंतर्गत सुलझा लिया जाएगा। इससे विमानन क्षेत्र को 1 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। Air fuel भी बचेगा और पर्यावरण भी बचेगा।

Airport Authority Of India (AAI) ने छह में से तीन हवाई अड्डों का अनुबंध प्रदान किया है। पीपीपी के माध्यम से इसके लिए काम होगा। उन्होंने कहा कि PPP Model  के तहत 6 नए एयरपोर्ट्स की नीलामी होगी।

इससे लगभग 2300 करोड़ की Down Payment मिलेगी। 12 हवाई अड्डों में पहले और दूसरे चरण में लगभग 13,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। छह अन्य एयरपोर्ट्स की नीलामी तीसरे चरण में होगी।

MRO ecosystem को रैश्नलाइस किया गया। इससे 800 से 2000 करोड़ रुपये तीन सालों में जो Aircraft की maintenance के लिए जो खर्च होता है, उसमें बचत होगी। Defence and Civil Sector को conserve करके भी इसके लिए बढ़ावा दिया जा सकता है।

केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा। इसके लिए एक Tariff Policy लाई जाएगी। इसमें इस चीज का ध्यान रखा जाएगा कि उपभोक्ताओं को उनका अधिकार हासिल हो सके। इससे विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। बिजली क्षेत्र में स्थिरता आएगी। DBT के माध्यम से Smart Prepaid Meter लगाए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि Social Infrastructure को मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए इसमें निजी निवेश को बल देने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके लिए 30 फीसदी केंद्र और 30 फीसदी राज्य सरकारों द्वारा फंडिंग होगी। इसके लिए 8100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बाकी सेक्टर्स में 20-20 फीसदी ही रहेगा।

अंतरिक्ष क्षेत्र में ISRO ने भारत को काफी ख्याति दिलाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका दिया जाएगा। इसके लिए सरकार उपग्रहों, प्रक्षेपण एवं अंतरिक्ष आधारित सेवाओं को लेकर निजी कंपनियों को Level playing field उपलब्ध कराएगी। ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी।

उन्होंने कहा कि भारत ने Coronavirus के दौरान और पहले केंसर के लिए भी दुनिया के कई देशों को दवाईयां भेजी हैं। इस दिशा में और आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि PPP Model में एकीकृत खाद्य संरक्षण केंद्र स्थापना होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि Nuclear Energy से जुड़े सुधार में रिसर्च रीयेक्टर की स्थापना PPP Model में होगी। इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा।

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