FACT CHECK : टॉपर के नाम पर ‘TRP’ बढ़ाने का गोरखधंधा चला रहे हैं कोचिंग इंस्टीट्यूट्स !

Written by

विश्लेषण : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 20 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। शिक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा व्यक्ति सुशिक्षित और संस्कारी बनाती है, परंतु आजकल शिक्षा का केवल नाम ही पवित्र रह गया है, शिक्षा के हर क्षेत्र में और हर स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी हो रही है। देश का भविष्य कहलाने वाले युवाओं के भविष्य से कुछ ऐसे ही भ्रष्ट शिक्षा संस्थान धोखाधड़ी करके अपनी दुकानें चला रहे हैं।

राजस्थान में कोचिंग के नाम पर गोरखधंधा

ऐसा ही एक मामला राजस्थान में सामने आया है। मेडिकल क्षेत्र में अभ्यास के लिए आवश्यक प्रवेश परीक्षा द नेशनल एजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) 2019 की परीक्षा का परिणाम हाल ही में घोषित हुआ, जिसमें सीकर-राजस्थान के युवक नलिन खंडेलवाल ने 720 अंकों में से 701 अंक प्राप्त करके टॉप किया है। इसके बाद अपने बिज़नेस के फायदे के लिये इस टॉपर के नाम का उपयोग करने की जैसे होड़ लग गई। कोचिंग करने के इच्छुक छात्रों और उनके अभिभावकों को अपनी कोचिंग इंस्टीट्यूट की ओर आकर्षित करने के लिये देश की दो प्रमुख कोचिंग इंस्टीट्यूट ने नीट-2019 के टॉपर नलीन खंडेलवाल के नाम का जमकर इस्तेमाल किया।

राजस्थान के कोटा में स्थित एलेन इंस्टीट्यूट ने अखबारों में विज्ञापन छपवाया है, जिसमें नलिन खंडेलवाल की फुल पॉज़ में तसवीर के साथ टॉप टेन छात्रों की तसवीरें विज्ञापन में छापी गई हैं। इस विज्ञापन के माध्यम से कोचिंग के इच्छुक छात्रों और उनके अभिभावकों को अपनी कोचिंग इंस्टीट्यूट की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया है कि उसके यहाँ कोचिंग लेने वाले छात्र नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं में टॉप कर रहे हैं। ताकि इस विज्ञापन से आकर्षित होकर कोचिंग लेने के इच्छुक छात्र और उनके अभिभावक उनकी ही कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने-पढ़ाने का आग्रह रखें और उनकी फीस के रूप में खूब कमाई हो।

हालाँकि एलेन इंस्टीट्यूट का दावा गलत नहीं है, क्योंकि नलिन खंडेलवाल ने एक वेबसाइट को दिये इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि वह एलेन इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेता था, परंतु ऐसा ही एक विज्ञापन देश की एक अन्य प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था आकाश इंस्टीट्यूट ने भी अखबारों में छपवाया है और उसने नीट-2019 के टॉपर नलीन खंडेलवाल के नाम तथा तसवीर का उपयोग करके अपनी संस्था का प्रचार किया है।

अब सवाल यह उठता है कि कोई एक विद्यार्थी दो अलग-अलग इंस्टीट्यूट से कोचिंग क्यों लेगा और दोहरी फीस क्यों भरेगा ? इस सवाल का जवाब पाने के लिये जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि एलेन इंस्टीट्यूट का दावा सही है और नलिन खंडेलवाल ने इसी इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेकर नीट 2019 की परीक्षा में टॉप किया है। नलिन खंडेलवाल के नाम और तसवीर का इस्तेमाल करने वाली आकाश इंस्टीट्यूट से जब हमने (युवाप्रेस डॉट कॉम) ने पूछताछ की तो उनके पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने अपने बचाव के लिये विज्ञापन में टॉपर नलिन खंडेलवाल की तसवीर के नीचे डिस्टेंस लर्निंग स्टूडेंट लिखा है अर्थात् नलीन आकाश इंस्टीट्यूट की रेग्युलर क्लासिस जॉइन नहीं करता था और परोक्ष रूप से आकाश इंस्टीट्यूट की ओर से उसे अध्ययन के लिये पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती थी और उसका मार्गदर्शन किया जाता था। जबकि एक वेबसाइट को दिये इंटरव्यू में नलीन खंडेलवाल ने एलेन का डिस्टेंस लर्निंग स्टूडेंट होना स्वीकार किया है। इसका सीधा अर्थ होता है कि नलीन का आकाश इंस्टीट्यूट से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद इस आकाश इंस्टीट्यूट ने मात्र तगड़ी फीस के नाम पर मोटी कमाई करने के इरादे से छात्रों और उनके अभिभावकों को गुमराह करके अपनी इंस्टीट्यूट की ओर आकर्षित करने के लिये ही यह विज्ञापन छपवाया था।

इस प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में ठगी और धोखाधड़ी ने मजबूती से पाँव जमा लिये हैं और देश के भविष्य कहे जाने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसी संस्थाओं का एक मात्र उद्देश्य फीस के रूप में तगड़ी कमाई करना होता है। इसलिये छात्रों और उनके अभिभावकों को चाहिये कि वह विज्ञापनों पर पूरी तरह से भरोसा किये बिना अपने विवेक का इस्तेमाल करके अपने नौनिहालों के लिये सही विकल्प को चुनें। ताकि उनके बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न हो और अभिभावकों के साथ ठगी और धोखाधड़ी न हो। आपको बता दें कि हाल ही में मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार करवाया है, जिसमें भी शिक्षा क्षेत्र में कोचिंग के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।

इस वीडियो को अवश्य देखें :

Article Categories:
News

Leave a Reply

Shares